'मैंने अपने पिता की मौत में उनका साथ दिया', राम कपूर का खुलासा, बोले- मां-बहन आज भी बात नहीं करतीं
Lock Upp 2: टीवी एक्टर राम कपूर ने हाल ही में शो लॉकअप में एक हैरान कर देने वाला किस्सा सुनाया. उन्होंने शो में अपना सीक्रेट रिवील करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिता की मौत में उनका साथ दिया था.

'लॉक अप 2' के लेटेस्ट एपिसोड में टीवी के पॉपुलर एक्टर राम कपूर ने एक चौकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा खुलासा किया, जिसे सुनकर सभी कंटेस्टेंट्स हैरान रह गए. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पिता की मौत में उनका साथ दिया था.
राम कपूर का चौकामे वाला खुलासा
राम कपूर ने के शो में अपने सीक्रेट को रिवील करते हुए बताया कि जब उनके पिता 63 साल के थे, तब उन्हें कैंसर का पता चला. ऑपरेशन पॉसिबल नहीं था, इसलिए उन्होंने 18 कीमोथेरेपी सेशन करवाए, जिसके बाद कैंसर लगभग खत्म हो गया. राम ने कहा कि उनके पिता 73 साल की उम्र तक अच्छी जिंदगी जीए, लेकिन कुछ समय बाद कैंसर दोबारा लौट आया.
परिवार से अलग रहते थे राम कपूर
राम कपूर ने आगे बताया, 'मैंने हमेशा अपने पिता को चुनौती दी. मेरे पिता बहुत अमीर और सफल बिजनेसमैन थे, लेकिन मैंने उनकी कंपनी जॉइन करने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाने का फैसला किया और एक्टर बन गया. इसी वजह से हमारे रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे. हमारे बीच हमेशा 36 का आंकड़ा रहा. मैं हमेशा अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीता रहा, जबकि परिवार के बाकी लोग उनके साथ थे.'
राम कपूर ने आगे बताया कि उनके पिता का कैंसर कोविड-19 के दौरान दोबारा लौट आया था. उस समय उनके पिता सिंगापुर में थे. एक्टर ने कहा, 'उन्होंने गौतमी को फोन कर कहा कि उन्हें मुझसे बात करनी है. फिर हमारी फोन पर बातचीत शुरू हुई. उन्होंने तय कर लिया था कि अब वो और नहीं जीना चाहते, लेकिन ये कदम अकेले उठाने से डर रहे थे. वो नहीं चाहते थे कि किसी को इसके बारे में पता चले. किसी वजह से उन्हें लगा कि इस वक्त उन्हें मेरी जरूरत है.'
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'क्या तुम मेरी मौत में मेरी मदद करोगे?'
इमोशनल होते हुए राम कपूर ने बताया, 'उन्होंने मुझसे सीधे कहा, 'क्या तुम मेरी मौत में मेरी मदद करोगे?' ये सुनकर मैं पूरी तरह हैरान रह गया. मुझे समझ नहीं आया कि वो क्या कह रहे हैं. लेकिन उन्होंने मुझे समझाया कि अगर मैं उनका साथ नहीं दूंगा, तो उन्हें ये सब अकेले ही झेलना पड़ेगा.'
एक्टर ने कहा, 'हम दोनों आईसीयू के अंदर गए. किसी को नहीं पता था कि वहां कोई इलाज नहीं चल रहा है. मेरी मां और बहन को भी इसकी जानकारी नहीं थी. पापा सिर्फ चाहते थे कि मैं उनका हाथ पकड़कर उनके साथ रहूं और मैंने उनसे किया वादा निभाया.' राम ने आगे बताया कि उनके पिता ने ये भी कहा था कि उनके अंतिम संस्कार में कोई रोए नहीं और उसी दिन उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाए.
मां और बहन नहींं करती हैं बात
एक्टर ने इमोशनल होकर कहा, 'मैं हर दिन उनका हाथ पकड़कर उनके साथ रहा और उन्हें शांति से विदा होने दिया. मेरी मां और बहन आज भी मुझसे बात नहीं करतीं. इस बात को पांच साल से ज्यादा हो चुके हैं. लेकिन मुझे लगता है कि एक बच्चे के तौर पर मैं अपने पिता के लिए सबसे बड़ा काम कर पाया.'
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बात खत्म करते हुए उन्होंने कहा, 'पापा की वजह से ही मुझे अपनी असली ताकत का एहसास हुआ. उनकी वजह से मैंने मौत को बहुत करीब से देखा और उसी के बाद जीना सीखा. अब मुझे मौत से बिल्कुल डर नहीं लगता.' राम कपूर ने आगे वरूण यादव के साथ बातचीत में बताया कि ये बात आजकर गौतमी को भी नहीं पता थी.























