Lock Upp 2: हर्षद चोपड़ा पर बरसे धीरज धूपर, बोले- ये रियलिटी शो है, असली चेहरा दिखाओ
'लॉक अप 2' से एलिमिनेट होने के बाद धीरज धूपर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए हर्षद चोपड़ा, शो के मेकर्स और गेम के कई फैसलों पर खुलकर अपनी राय रखी. चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कहा.

नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में इन दिनों जबरदस्त ट्विस्ट और टर्न देखने को मिल रहे हैं. हाल ही में शो से सूफी मोतीवाला और धीरज धूपर का सफर खत्म हो गया. वहीं, जेलर रितेश देशमुख ने हर्षद चोपड़ा और योगेश रावत को गेम बदलने वाला टास्क देकर शो में दोबारा एंट्री का मौका दिया. शो से बाहर आने के बाद धीरज धूपर ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है.
हर्षद चोपड़ा पर भड़के धीरज धूपर
ABP न्यूज को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जर्नी के साथ-साथ शो के अंदर के माहौल और कंटेस्टेंट्स को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. धीरज धूपर ने हर्षद चोपड़ा पर खुलकर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने हर्षद के गेम, उनके व्यवहार और शो में हुई घटनाओं को लेकर कई बड़े खुलासे किए.
धीरज धूपर ने क्या कहा?
धीरज धूपर ने कहा, 'सच कहूं तो, मैं खुद को ट्रॉफी उठाते हुए देख पा रहा था. क्या होता है ना, आप पूरे हफ्ते मेहनत करते हो अपने आप को ग्रीन रखने के लिए, अपने आप को रिस्क में ना डालने के लिए. आप टास्क में अपना बेस्ट देते हो, एक्टिविटीज में अपना बेस्ट देते हो. जो सो-कॉल्ड इंसाइड हाउस पॉलिटिक्स होती है, उससे बचके रहते हो. जो अंदर क्लेश होते हैं, उससे बचके रहते हो. लगातार पांच हफ्तों तक ग्रीन ज़ोन में बने रहना बिल्कुल आसान नहीं है. पूरे सीजन में सिर्फ मैं ही ऐसा कंटेस्टेंट था, जो लगातार पांच हफ्तों तक ग्रीन जोन में रहा.'
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हर्षद चोपड़ा ने नहीं दिखाया अपना असली चेहरा
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे हर्षद की बात समझ नहीं आई. 25 दिनों तक उसका असली रूप ही नहीं दिखा और अब वो गलत इशारे कर रहा है, गंदी भाषा इस्तेमाल कर रहा है. शुरू से आखिर तक वो अपना गेम नहीं, सिर्फ शिवांगी के लिए खेल रहा था. वो खुद मेरे पास आकर कहता था कि अगर हम दोनों में से किसी एक को बचाना पड़े तो शिवांगी को बचा लेना और मुझे बाहर कर देना. मैंने वही किया जो उसने मुझसे कहा था, लेकिन अब वही मुझे बैकस्टैबर कह रहा है.'

हर्षद सिर्फ शिवांगी के लिए खेल रहा है...
धीरज ने कहा, 'जब आठ लोगों ने उसे वोट आउट किया, तब उसने मुझे चैलेंजर क्यों नहीं चुना? उसने सूफी को इसलिए चुना क्योंकि उसे लगा कि वो शारीरिक रूप से उतना मजबूत नहीं है. फिर वो शिवांगी को पीछे खींच रहा था ताकि वो मेरी मदद न कर सके. भाई, ये कोई डेली सोप नहीं, बल्कि रियलिटी शो है. अपना असली चेहरा दिखाओ और अपने सच को स्वीकार करो. वो कहता है कि जब मुझे दर्द होता था तो वह मेरे साथ खड़ा रहता था. मैं आज भी उसे अपना भाई मानता हूं, लेकिन मेरी चोट को लेकर कैमरे पर जो बातें उसने कहीं, उन्हें सुनकर मुझे समझ नहीं आया कि वो सच बोल रहा था या सिर्फ एक्टिंग कर रहा था.'
योगेश रावत के लिए कही ये बात
उन्होंने कहा, 'एक बात मैं समझता हूं कि योगेश का गुस्सा अपनी जगह जायज है. उसे टर्मिनेट करने की पावर मेरे पास थी और उसके पीछे मेरी अपनी वजहें थीं. हमारी कभी बनी नहीं, न बातचीत हुई और न ही कोई केमिस्ट्री थी. उसने भी कभी आकर रिश्ता बेहतर बनाने की कोशिश नहीं की. ऊपर से उसकी कुछ बातें, जैसे 'सीनियरिटी मेरे जूते पर' और एक्टर्स को लेकर दिए गए बयान, मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आए. हर्षद के साथ जिस तरह उसने तू-तड़ाक की, उससे मुझे लगा कि अगर कल मेरी उससे लड़ाई हुई तो वो मेरे साथ भी ऐसा ही करेगा. टास्क से पहले उसने मेरे साथ भी बदतमीजी की और उल्टा-सीधा बोला. वो अभी यंग है.'
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मेकर्स पर फूटा धीरज धूपर का गुस्सा
उन्होंने कहा, 'उसके बाद आप दो ऐसे कंटेस्टेंट्स को वापस लेकर आते हो, जिनमें से एक को एलिमिनेट करने की पावर मेरे पास थी और मैंने उसे बाहर किया. दूसरे को वोट आउट करने की पावर भी मेरे पास थी और मैंने वही फैसला लिया. फिर आप दोनों को मेरे सामने, मेरे खिलाफ खड़ा कर देते हो. ऐसे टास्क में जाहिर है कि उनके पार्टनर मुझे नहीं, बल्कि अपने-अपने साथी को ही सैंडबैग देंगे. शिवांगी हर्षद को ही सैंडबैग देगी और आकांक्षा योगेश को ही देगी, मुझे तो बिल्कुल नहीं.'

उन्होंने आगे कहा, 'उसे कन्विंस करना भी आसान नहीं था. राम सर ने उस वक्त बहुत अच्छी बात कही थी. जब मैं उन्हें समझाने की कोशिश कर रहा था, तो उन्होंने कहा, "मैं किसी लड़की को फिजिकली उस बॉक्स से बाहर नहीं निकाल सकता." और उनकी ये बात बिल्कुल सही थी.'
मेरी मेहनत का क्या मतलब रह जाता है?
धीरज ने कहा, 'मुझे सबसे बड़ी दिक्कत इस बात से हुई कि आप उन कंटेस्टेंट्स को एक रात के लिए बाहर ले जाते हो, उन्हें शो के बारे में पूरी ब्रीफिंग देते हो, एपिसोड्स दिखाते हो और फिर वापस अंदर भेज देते हो. फिर मेरी मेहनत का क्या मतलब रह जाता है? अगर ऐसा ही करना है, तो मुझे भी बाहर ले जाओ. मैं आज ही दिखा देता हूं कि असली गेम क्या है.'
आखिर क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 'लॉक अप 2' के हालिया 'जजमेंट डे' एपिसोड में कम वोट मिलने की वजह से हर्षद चोपड़ा शो से बाहर हो गए थे. हालांकि, इसके बाद उन्हें एक खास टास्क के जरिए शो में वापसी का मौका मिला, जिसने पूरा गेम बदल दिया. एपिसोड में जेलर रितेश देशमुख ने बताया कि इस टास्क में हर्षद चोपड़ा का मुकाबला सूफी मोतीवाला से होगा, जबकि योगेश रावत का सामना धीरज धूपर से होगा.
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इस टास्क के जरिए तय होना था कि कौन कंटेस्टेंट शो में बने रहने का हकदार है और किसका सफर यहीं खत्म होगा. टास्क खत्म होने पर हर्षद चोपड़ा और योगेश रावत अपनी ब्रीफकेस में ज्यादा वेट इकट्ठा करने में कामयाब रहे और जीत हासिल कर ली. वहीं सूफी मोतीवाला और धीरज धूपर ये टास्क हार गए, जिसके बाद दोनों का 'लॉक अप 2' का सफर खत्म हो गया.
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