242 चालान, ₹35 लाख का जुर्माना, गुरुग्राम में जब्त हुआ ट्रक
गुरुग्राम में 242 लंबित चालानों और ₹35.43 लाख के जुर्माने वाला ट्रक जब्त हुआ. मामला बिलासपुर चौक पर वाहन जांच के दौरान सामने आया

गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ट्रक पर 242 चालान लंबित मिले, जिनकी कुल जुर्माना राशि ₹35,43,800 है. इतनी बड़ी रकम के चालान बकाया होने के बावजूद ट्रक सड़कों पर चल रहा था. 13 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर चौक के पास नियमित वाहन जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने इस ट्रक को रोका.
रिकॉर्ड की जांच करने पर इतने सारे लंबित चालानों का पता चला, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया. यह मामला दिखाता है कि चालान समय पर नहीं भरने और यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर वाहन मालिकों को बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
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बिलासपुर चौक पर जांच में खुला मामला.
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के जोनल अधिकारी एएसआई प्रशांत ने बिलासपुर चौक पर जांच के दौरान ट्रक को रोका था. चालक से वाहन के जरूरी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह उन्हें पेश नहीं कर सका. इसके बाद रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत 242 लंबित चालान सामने आए. इन चालानों में ओवरलोडिंग, नो-एंट्री और अन्य यातायात उल्लंघनों से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चालान हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में जारी हुए थे. पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया.
पहले भी जब्त हो चुके हैं ज्यादा चालान वाले वाहन.
गुरुग्राम में यह अपनी तरह की पहली कार्रवाई नहीं है. इससे पहले भी ट्रैफिक पुलिस लंबित चालानों की बड़ी रकम वाले वाहनों पर कार्रवाई कर चुकी है. सितंबर 2026 में उद्योग विहार में एक मोटरसाइकिल को जब्त किया गया था, जिस पर 126 लंबित चालान और करीब ₹10.30 लाख का जुर्माना बताया गया. पुलिस ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चला रही है, जो लंबे समय तक चालान का भुगतान नहीं करते. अधिकारियों ने वाहन मालिकों और चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, लंबित चालान समय पर भरने और जरूरी दस्तावेज अपडेट रखने की अपील की है. इनमें वैध बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC भी शामिल हैं.
लोग चालान भरने से क्यों बचते हैं.
कुछ वाहन संचालक चालान की रकम को अपनी कमाई पर बड़ा बोझ मानते हैं. स्कूल बस और वैन चलाने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, समय पर स्कूल पहुंचने का दबाव और ट्रैफिक की वजह से कई बार चालान कट जाते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ लोग पुरानी गाड़ियों को बेचने के बजाय कबाड़ में कटवा देते हैं, ताकि लंबित चालान भरने से बच सकें. हालांकि, यह एक व्यक्ति का अनुभव है और इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी वाहन मालिक ऐसा करते हैं. चालान को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से वाहन जब्त होने जैसी कानूनी कार्रवाई का जोखिम बना रहता है. गुरुग्राम का यह मामला बताता है कि यातायात नियमों का पालन करना और लंबित चालानों का समय पर भुगतान करना जरूरी है.
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