Ford Privacy Policy: Ford ने ग्राहकों को दिया बड़ा भरोसा, कार के डेटा पर मिलेगा पूरा कंट्रोल
Ford Privacy Policy: फोर्ड ने ग्राहकों को दिया अपनी कार के डेटा पर पूरा कंट्रोल. जानिए फोर्ड की नई डेटा प्राइवेसी पॉलिसी और यूज़र्स को मिलने वाले फायदों के बारे में.

Ford Privacy Policy: इन दिनों एक बात को लेकर काफी चर्चा चल रही है कि कार कंपनियां आपके प्राइवेसी का ध्यान नहीं रख रही है. लेकिन इस बीच अमेरिका की फोर्ड कार कंपनी ने बड़ा ऐलान कर दिया है. दरअसल कनेक्टेड कारों के बढ़ते दौर में जहां यूज़र्स का डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंतित रहते थे वहीं फोर्ड ने अपने ग्राहकों को कार डेटा पर पूरा कंट्रोल देने का वादा किया है.
कंपनी ने एक नई प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा प्रॉमिस की घोषणा की है. जिसके चलते कार मालिक अब यह खुद तय कर सकेंगे कि उनका कौन-सा डेटा कंपनी के साथ शेयर होगा और कौन-सा नहीं. चलिए जानते हैं कि फोर्ड के इस फैसले से ग्राहकों को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं.
डेटा शेयरिंग पर मिलेगा कंट्रोल
बता दें कि फोर्ड की इस नई पहल के बाद ग्राहकों को अपनी कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम और मोबाइल ऐप में प्राइवेसी सेटिंग्स का सीधा कंट्रोल मिलेगा. यूज़र्स अब आसानी से तय कर पाएंगे कि वे लोकेशन, ड्राइविंग हैबिट्स या व्हीकल हेल्थ डेटा शेयर करना चाहते हैं या नहीं. अगर कोई ग्राहक किसी सर्विस के लिए डेटा शेयरिंग बंद करना चाहता है तो वह एक क्लिक में इसे बंद भी कर सकता है.
यह भी पढ़ें: Best SUV for Village Roads: गांव की सड़कों के लिए चाहिए मजबूत SUV? ये हैं बेस्ट ऑप्शन
ब्रोकर्स को नहीं बेचा जाएगा डेटा
वहीं इसके अलावा कंपनी ने ग्राहकों की प्राइवेसी की सेफ्टी के लिए बड़ा फैसला लिया है और अब कंपनी ड्राइवरों की ड्राइविंग आदतों या पर्सनल डेटा को किसी भी डेटा ब्रोकर या थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कंपनियों को नहीं बेचेगी. पिछले कुछ समय से ऑटो इंडस्ट्री पर बिना ग्राहकों की मर्जी के इंश्योरेंस कंपनियों को ड्राइविंग डेटा शेयर करने के आरोप लग रहे थे. जिसके जवाब में फोर्ड ने यह बड़ा कदम उठाया है.
डेटा का सही इस्तेमाल
जबकि कंपनी का कहना है कि जो ग्राहक अपना डेटा शेयर करने का ऑप्शन चुनते हैं उनके डेटा का इस्तेमाल सिर्फ गाड़ी की सेफ्टी, परफॉर्मेंस और सर्विस एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा.
जबकि डेटा की मदद से गाड़ी में आने वाली तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस अलर्ट्स की जानकारी समय रहते कार मालिक को दी जा सकेगी. जिससे ड्राइविंग एक्सपीरियंस ज्यादा सुरक्षित और स्मूथ होगा.
ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेंचमार्क
आपको बता दें कि आधुनिक कनेक्टेड और इलेक्ट्रिक कारों में कई सेंसर्स और कैमरे लगे होते हैं. जो हर समय डेटा कलेक्ट करते रहते हैं. ऐसे में फोर्ड की यह प्राइवेसी नीति पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित कर सकती है. अन्य टेक और ऑटो कंपनियां भी अब ग्राहकों की डेटा प्राइवेसी और ट्रांसपेरेंसी को लेकर ज्यादा सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी.
यह भी पढ़ें: BYD Denza Z9 GT: 1,156hp की ताकत, लग्जरी फीचर्स, भारत आ रही ये धांसू इलेक्ट्रिक कार






















