एक्सप्लोरर

अब एक ही खेत से लें 3 फसलों का बंपर मुनाफा, ऐसे शुरू करें मल्टी लेयर फार्मिंग की तैयारी

Multilayer Farming Tips: एक ही खेत में फसलें ऊपर-नीचे एक साथ उगाकर आप मल्टी लेयर फार्मिंग कर सकते हैं. इन फसलों से आप सालभर में ठीक-ठाक मुनाफा मिल जाता है.

Multilayer Farming Tips: आजकल खेती-किसानी में कम जमीन से ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है. अगर आप भी पारंपरिक तरीके से हटकर कुछ स्मार्ट करने की सोच रहे हैं तो मल्टी लेयर फार्मिंग आपके लिए एक बेस्ट बिजनेस मॉडल साबित हो सकती है. इस आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अलग-अलग फसलों के लिए अलग खेत की जरूरत नहीं पड़ती.

बल्कि एक ही जमीन पर एक साथ तीन फसलें उगाई जाती हैं. इससे न सिर्फ आपकी लागत आधी हो जाती है बल्कि पानी, खाद और मेहनत की भी भारी बचत होती है. जब एक ही समय पर तीन अलग-अलग फसलों से इनकम आती है, तो नुकसान का रिस्क एकदम ना के बराबर रह जाता है. चलिए आपको बताते हैं कि इस एडवांस खेती को शुरू करने का सही तरीका क्या है.

कैसे काम करती है मल्टी लेयर फार्मिंग?

मल्टी लेयर फार्मिंग की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले फसलों का ऐसा कॉम्बिनेशन चुनना पड़ता है जो एक-दूसरे को नुकसान न पहुंचाएं. इसमें पहली फसल जमीन के नीचे वाली होती है. जैसे अदरक या हल्दी जिन्हें बढ़ने के लिए ज्यादा धूप की जरूरत नहीं होती. इसके ठीक ऊपर जमीन की सतह पर उगने वाली फसलें जैसे साग, धनिया या मेथी लगाई जाती हैं.

इसके बाद, इन दोनों परतों को तेज धूप से बचाने के लिए ऊपर की तरफ मचान या नेट का ढांचा तैयार किया जाता है. जिस पर लता या बेल वाली फसलें जैसे कुंदरू, परवल, करेला या कद्दू फैलाई जाती हैं. यह थ्री-इन-वन सेटअप एक ही इनपुट में तीनों परतों को पूरा पोषण देता है.

यह भी पढ़ें: 1 बीघे में ड्रैगन फ्रूट की खेती में कितना खर्च आता है, इससे कितनी होगी कमाई?

मल्टी लेयर फार्मिंग के लिए कैसे करें तैयारी?

इस खेती को कामयाब बनाने के लिए सबसे पहले आपको अपने खेत की मिट्टी और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. खेत की अच्छी तरह जुताई करके उसमें गोबर की खाद या केंचुआ खाद मिलाकर बेड तैयार किए जाते हैं. इसके बाद बांस, कंक्रीट के पोल और तारों की मदद से एक मजबूत मचान या शेड नेट का स्ट्रक्चर तैयार किया जाता है.

जो ऊपर की बेल वाली फसलों का वजन संभाल सके. सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल सबसे बेस्ट रहता है. क्योंकि इससे तीनों परतों की फसलों को उनकी जरूरत के हिसाब से बराबर नमी मिलती रहती है. यह एडवांस तैयारी आपको पूरे साल रेगुलर इनकम की गारंटी देती है.

यह भी पढ़ें: क्या खेत में बिजली गिरने से सच में बढ़ जाती है मिट्टी की उर्वरता, कितनी सच है ये बात?

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है.

न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

 Purple Cauliflower Farming: बैंगनी फूलगोभी कैसे उगा सकते हैं, इससे कितनी कमाई?
बैंगनी फूलगोभी कैसे उगा सकते हैं, इससे कितनी कमाई?
भैंस खरीदने से पहले जरूर देखें उसके दांत, ऐसे पता करें पशु की उम्र
भैंस खरीदने से पहले जरूर देखें उसके दांत, ऐसे पता करें पशु की उम्र
Cow Horns: गायों के सींग कटवाना सही या गलत? पशु की सेहत पर क्या पड़ता है असर
गायों के सींग कटवाना सही या गलत? पशु की सेहत पर क्या पड़ता है असर
Crop Damage: चक्रवात ‘अर्नब’ की मार से फसल हुई खराब? ऐसे मिलेगा बीमा क्लेम
चक्रवात ‘अर्नब’ की मार से फसल हुई खराब? ऐसे मिलेगा बीमा क्लेम

वीडियोज

ABP News: REEL का जुनून... मौत को चैलेंज ! | Sansani
Jan Mahabhiyog Programme: अभी-अभी 'जन महाभियोग'पर आई बड़ी खबर! | Rahul Gandhi | Congress | ABP
Jan Mahabhiyog Programme: जन महाभियोग में क्या-क्या हुआ? पूरी कहानी | Rahul Gandhi | BJP | Gyanesh
Jan Mahabhiyog Programme: जन-महाभियोग-रैली..खतरे में ज्ञानेश की कुर्सी? | Rahul Gandhi | Congress
Sandeep Chaudhary: 'ज्ञानेश हटाओ'...लोकतंत्र बचाओ या राजनीति चमकाओ? | Jan Mahabhiyog | Congress

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
रामलीला मैदान में रैली के बाद क्या है विपक्ष का प्लान? मिले संकेत
रामलीला मैदान में रैली के बाद क्या है विपक्ष का प्लान? मिले संकेत
देश का नंबर-1 मुख्यमंत्री कौन? सर्वे में इस CM का आया नाम
देश का नंबर-1 मुख्यमंत्री कौन? सर्वे में इस CM का आया नाम
1984 के सिख नरसंहार पर शशि थरूर का बयान, 'गहरा अफसोस है लेकिन अब...'
1984 के सिख नरसंहार पर शशि थरूर का बयान, 'गहरा अफसोस है लेकिन अब...'
'शिकारी बनें, शिकार नहीं', भारत के खिलाफ 341 रन बनाने के बाद ग्लेन फिलिप्स का बयान वायरल
'शिकारी बनें, शिकार नहीं', भारत के खिलाफ 341 रन बनाने के बाद ग्लेन फिलिप्स का बयान वायरल
'रामायणम्' की कमाई 36 करोड़ के पार, बनी रणबीर कपूर की दूसरी हाईएस्ट ओपनर
'रामायणम्' की कमाई 36 करोड़ के पार, बनी रणबीर कपूर की दूसरी हाईएस्ट ओपनर
ट्राइसाइकिल के लिए पति को पीठ पर टांग कलेक्टोरेट पहुंची महिला, वीडियो वायरल
ट्राइसाइकिल के लिए पति को पीठ पर टांग कलेक्टोरेट पहुंची महिला, वीडियो वायरल
क्या बंगाल में लेफ्ट-टीएमसी के बीच होगा गठबंधन? CPM ने कर दिया खुलासा
क्या बंगाल में लेफ्ट-टीएमसी के बीच होगा गठबंधन? CPM ने कर दिया खुलासा
कैसे काम करता है ड्रम ब्रेक और डिस्क ब्रेक, समझें दोनों का मैकेनिज्म
कैसे काम करता है ड्रम ब्रेक और डिस्क ब्रेक, समझें दोनों का मैकेनिज्म
Embed widget