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आंधी-तूफान में भी नहीं गिरेगा एक भी आम, किसान भाई आज ही नोट कर लें ये सीक्रेट टिप्स, चमकेगी किस्मत

Mango Farming Tips: देश के कई हिस्सों में आ रहे आंधी-तूफान से आम की फसल को बचाने के लिए इन टिप्स दिए को आजमाएं किसान भाई. जिससे इस सजीन नहीं होगा कोई नुकसान.

Mango Farming Tips: देश के कई हिस्सों से इन दिनों भयंकर आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश की खबरें आ रही हैं, जिसने आम के बागवानों की चिंता को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है. जब पेड़ों पर आम पकने के कगार पर होते हैं. तभी तेज हवाएं और अंधड़ पूरी मेहनत पर पानी फेर देते हैं. आंधी के कारण कच्चे और अधपके आम टूटकर जमीन पर गिर जाते हैं. जिससे मार्केट में उनकी वैल्यू आधी रह जाती है और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है. 

लेकिन अब घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. क्योंकि कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे धांसू और सीक्रेट टिप्स शेयर किए हैं जिन्हें अपनाकर आप खराब से खराब मौसम में भी अपनी फसल को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस सीजन में आमों को गिरने से बचाने और अपनी तिजोरी को पैसों से भरने के लिए आपको तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए.

हवा का रुख मोड़ना

आम की फसल को तेज आंधी से बचाने का सबसे पहला और परमानेंट इलाज है बाग के चारों तरफ विंड ब्रेकर यानी हवा की रफ्तार को कम करने वाले पेड़ लगाना. अपने बाग की उत्तर और पश्चिम दिशा में शीशम, जामुन या यूकेलिप्टस जैसे ऊंचे पेड़ लगाने से आंधी का सीधा असर आम के पेड़ों पर नहीं पड़ता. 

पेड़ों की सही कटाई-छंटाई 

इसके अलावा इन दिनों बागवानों को पेड़ों की हल्की प्रूनिंग यानी कटाई-छंटाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. पेड़ के बीच की सूखी, बीमार और कमजोर टहनियों को काटकर हटा दें. जिससे हवा पेड़ के आर-पार आसानी से निकल जाए. जब हवा को पेड़ के बीच से निकलने का रास्ता मिल जाता है. तो टहनियों पर दबाव कम पड़ता है और तेज आंधी में भी डालियां टूटने या आम के नीचे गिरने का खतरा न के बराबर हो जाता है.

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नमी का सही तालमेल

मौसम के थपेड़ों से आम को बचाने के लिए पेड़ों को अंदर से मजबूत बनाना बहुत जरूरी है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय बाग में हल्की सिंचाई यानी नमी बनाए रखना बेहद फायदेमंद होता है. क्योंकि सूखी मिट्टी वाले पेड़ आंधी में जल्दी उखड़ या हिल जाते हैं. 

पोषक तत्वों का छिड़काव

इसके साथ ही आम के डंठल को मजबूत करने के लिए पोटैशियम और बोरॉन जैसे जरूरी पोषक तत्वों का छिड़काव करना चाहिए. फल आने के बाद 0.5 प्रतिशत पोटैशियम सल्फेट या बोरॉन का स्प्रे करने से आम की पकड़ टहनी पर बहुत मजबूत हो जाती है. यह सीक्रेट फॉर्मूला आम को समय से पहले टूटने से रोकता है और फलों की चमक व साइज को भी बढ़ाता है. जिससे आपको मार्केट में बंपर रेट मिलते हैं.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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