'शंकराचार्य' के स्नान पर राजनीति के पीछे का असली खेल क्या?
प्रयागराज में माघ मेला के दौरान पुलिस के रोकने से नाराज हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है...अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर अभी भी आसन पर बैठे हुए हैं...पुलिस और प्रशासन से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं...तो दूसरी तरफ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खड़े हो गए हैं...जिनका दावा है कि अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर सवाल उठाते हैं...जिस वजह से उनके साथ ये ज्यादती हो रही है....वहीं इस बीच माघ मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को एक नोटिस भेजा है....जिसमें उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए गए हैं....मेला प्रशासन ने नोटिस में लिखा है कि उनके पट्टाभिषेक का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है...ऐसे में उनका खुद के नाम के आगे शंकराचार्य लिखना गलत है...वहीं इस खत पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गुस्सा भड़क गया है...जिनका कहना है कि वो निर्विवाद रूप से शंकराचार्य हैं....और उनकी उपाधि पर सवाल उठाने का हक किसी को नहीं है...





























