राजश्री पान मसाला केस: सलमान खान नहीं हुए कोटा कंज्यूमर कोर्ट में पेश, 5 फरवरी को अगली सुनवाई
राजश्री पान मसाला के विज्ञापन से जुड़े मामले में एक्टर सलमान खान की कोटा उपभोक्ता न्यायालय में पेशी होनी थी. लेकिन वे अदालत में पेश नहीं हुए. इस पर न्यायालय में कड़ा रुख अपनाया गया.

राजश्री पान मसाला के विज्ञापन मामले में मंगलवार को कोटा कंज्यूमर कोर्ट में सुनवाई हुई. एक्टर सलमान खान को कोर्ट में पेश होना था. लेकिन सलमान खान कोटा की अदालत में पेश नहीं हुए. अब अगली सुनवाई अदालत ने अब 5 फरवरी की तारीख तय की. शिकायतकर्ता ने गैर जमानती वारंट जारी किए जाने की गुहार लगाई.
ये मामला भाजपा नेता एवं अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी द्वारा दायर किया गया है. अधिवक्ता रिपु दमन सिंह ने बताया कि न्यायालय ने 26 दिसंबर को आदेश दिया था कि सलमान खान 20 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश हों, लेकिन आदेश के बावजूद वे नहीं आए. परिवादी पक्ष ने अदालत को बताया कि इसी तरह के एक मामले में 15 जनवरी को जयपुर उपभोक्ता आयोग ने भी सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है.
अदालत में ये भी कहा गया कि देश में कानून सबसे ऊपर है. कोई भी व्यक्ति, चाहे वो बड़ा फिल्मी सितारा ही क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है. अधिवक्ता ने मांग की है कि यदि अगली सुनवाई 5 फरवरी को भी सलमान खान पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए. न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को तय की है. साथ ही कोर्ट ने पहले फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हस्ताक्षरों की रसीद भी अगली तारीख पर पेश करने के निर्देश दिए हैं.
क्या है मामला?
पूरा विवाद ‘राजश्री पान मसाला’ के उस विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें ‘केसर युक्त इलायची’ होने का दावा किया गया है. परिवादी ने अदालत में सवाल उठाया कि जब बाजार में केसर की कीमत करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो है, तो मात्र 5 रुपये के पाउच में केसर कैसे मिल सकता है. आरोप है कि इस तरह के भ्रामक विज्ञापनों के जरिए युवाओं को गुमराह किया जा रहा है और पान मसाला जैसे उत्पादों को ग्लैमर के जरिए परोसा जा रहा है.
वकील इंद्रमोहन सिंह ने ये भी आरोप लगाया कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के कारण युवा वर्ग ऐसे उत्पादों की ओर आकर्षित होता है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं.
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