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आप भी खोल सकते हैं जन औषधि केंद्र, यहां करना होता है अप्लाई और लगते हैं ये डॉक्यूमेंट्स

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलकर आप कम निवेश में अच्छा बिजनेस शुरू कर सकते हैं. यहां जेनेरिक दवाइयां 50 से 80% तक सस्ती मिलती हैं. सरकार आर्थिक सहायता और कमीशन भी देती है. आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है.

अगर आप कम निवेश में बिजनेस शुरू करना चाहते हैं और साथ ही लोगों को सस्ती और अच्छी क्वालिटी की दवाइयां उपलब्ध कराना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र एक शानदार ऑप्शन हो सकता है. यहां जेनेरिक दवाइयां ब्रांडेड दवाइयों से 50 से 80 फीसदी तक सस्ती मिलती हैं और आपको भी अच्छी खासी कमाई हो सकती है. खास बात यह है कि सरकार इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आर्थिक मदद भी देती है. 

कौन खोल सकता है जन औषधि केंद्र? 

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए कुछ शर्ते तय की गई है. इसके लिए आपके पास डी फार्मा या बी फार्मा होना जरूरी है. साथ ही कम से कम 120 वर्ग फुट जगह होनी चाहिए. इसके अलावा आवेदन शुल्क 5 हजार रुपये  रखा गया है. 

आवेदन तीन कैटेगरी में लिया जाता है-

  1. पहली कैटेगरी में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर आते हैं 
  2. दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ और प्राइवेट हॉस्पिटल आते हैं 
  3. तीसरी कैटेगरी में वे लोग आते हैं जिन्हें राज्य सरकार नामित करती है

सरकार से मिलने वाली मदद 

  • हर महीने 5 लाख रुपये तक की दवाइयों की बिक्री पर 15 फीसदी या अधिकतम 15 हजार रुपये तक का इंसेंटिव मिलता है. 
  • महिलाओं, दिव्यांग, एससी-एसटी और पिछले इलाकों के लिए 2 लाख रुपये की एकमुश्‍त आर्थिक सहायता दी जाती है. 
  • इसके अलावा फर्नीचर के लिए 1.5 लाख रुपये और कंप्यूटर-प्रिंटर के लिए 50 हजार रुपये तक की मदद मिल सकती है. 
  • दावाओं की बिक्री पर अलग से 20 फीसदी तक का कमीशन भी मिलता है. 

जन औषधि केंद्र के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स  

अगर आप आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास कुछ जरूरी कागजात होने चाहिए. इन डॉक्यूमेंट में आधार कार्ड, पैन कार्ड, फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी होनी चाहिए. 

कहां और कैसे करें आवेदन?

आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. इसके लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट janaushadhi.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद आपको सबसे पहले अप्लाई फॉर केंद्र पर क्लिक करना होगा. अब अगर पहले से आप रजिस्टर्ड है तो मोबाइल, ईमेल या यूजर आईडी से ओटीपी डालकर लॉगइन करें. इसके बाद अगर आप पहले से रजिस्टर्ड नहीं है तो रजिस्टर नाउ पर क्लिक करके नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और पासवर्ड डालकर अकाउंट बनाएं. लॉगिन करने के बाद आवेदन फॅार्म भरें, लोकेशन टैग करें और सभी डाक्यूमेंट्स पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें.  लास्ट में ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से 5 हजार रुपये तक का शुल्क जमा करें. आवेदन सफल होने के बाद कंफर्मेशन मेल आपके ईमेल आईडी पर भेज दिया जाएगा. आप किसी भी समय पोर्टल पर लॉगिन करके अपना एप्लिकेशन स्टेटस देख सकते हैं या  द‍िए गए हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी ले सकते हैं. 

अब तक लोगों को मिला बड़ा फायदा 

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जन औषधि केंद्रों से दवाइयां खरीदकर लोगों ने पिछले 11 साल में करीब 38,000 करोड़  रुपये की बचत की है. हेल्थ पर परिवारों का जेब से खर्च जहां पहले 62.6 फीसदी था, वह घटकर अब 39.4 फीसदी पर आ गया है. सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक देश भर में 25,000 जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे. 

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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