एक्सप्लोरर

Republic Day 2026: जब गणतंत्र दिवस पर दुश्मन देश के नेता को बनाया गया था मुख्य अतिथि, बाद में कर दिया था तख्तापलट

Republic Day 2026: भारत का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है. देश में हर साल इस मौके पर मुख्य अतिथि को बुलाने की परंपरा है. 1955 में भारत ने दुश्मन देश के गवर्नर जनरल को मुख्य अतिथि बनाया था.

Republic Day 2026: हर साल 26 जनवरी को भारत गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है, क्योंकि इसी दिन 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था. साल 2026 में भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. भारत के गणतंत्र दिवस पर अक्सर दुनिया के प्रतिष्ठित नेता आमंत्रित होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि करीब 70 साल पहले राजपथ पर दुश्मन देश के तत्कालीन गवर्नर जनरल को मुख्य अतिथि बनाया गया था? उस दिन भारत-पाकिस्तान के रिश्ते अब की तरह तनावपूर्ण नहीं थे, लेकिन कुछ सालों बाद वही नेता पाकिस्तान की राजनीतिक बागडोर बदलने की कोशिश में शामिल रहा. यह किस्सा इतिहास में छुपा हुआ है, आइए इसे जानें.

पाकिस्तान के नेता का भारत आगमन

साल 1955 में भारत ने पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस समय भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को मजबूत कर रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और ब्रिटिश शासन में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में काम किया था. 1947 से पहले वे इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस में भी रहे और हैदराबाद के निजाम के वित्तीय सलाहकार भी थे.

पाकिस्तान में राजनीतिक भूमिका

मलिक गुलाम मोहम्मद ने पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की हत्या के बाद 1951 में गवर्नर जनरल का पद संभाला. उनके कार्यकाल में कई संवैधानिक और राजनीतिक बदलाव हुए. साल 1953 में उन्होंने प्रधानमंत्री ख्वाजा नजीमुद्दीन की सरकार को बर्खास्त कर दिया और 1954 में पाकिस्तान की संविधान सभा को भंग कर दिया. इन फैसलों में उस समय के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व का समर्थन भी था, जिसमें बाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने जनरल अयूब खान शामिल थे.

भारत का न्योता और राजपथ पर परेड

बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा तनावपूर्ण रहे. इसके बावजूद भारत ने 1955 में मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित किया था. वह राजपथ पर आयोजित परेड में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. यह दिवस इसलिए भी खास था, क्योंकि उसी साल कई परंपराएं और समारोह की रीतियां स्थापित हुईं, जो आज तक जारी हैं.

क्यों है यह घटना यादगार?

यह घटना हमें याद दिलाती है कि इतिहास में भारत-पाकिस्तान संबंध हमेशा सरल नहीं रहे. कभी दुश्मन के नेता को सम्मान देना और कुछ साल बाद उसी देश में तख्तापलट होना, यह विरोधाभास इतिहास के पन्नों में दर्ज है.

यह भी पढ़ें: क्या पुलिस की तरह आर्मी का भी होता है फुल फॉर्म? जान लीजिए जवाब

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Challenger Deep: दुनिया का सबसे ऊंचा हिस्सा माउंट एवरेस्ट तो कौन-सा है सबसे डाउन पॉइंट, जानें उसकी गहराई कितनी?
दुनिया का सबसे ऊंचा हिस्सा माउंट एवरेस्ट तो कौन-सा है सबसे डाउन पॉइंट, जानें उसकी गहराई कितनी?
Balochistan Independence: चीन और पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है बलूचिस्तान, जानें क्या है यहां फैले विद्रोह के पीछे की वजह?
चीन और पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है बलूचिस्तान, जानें क्या है यहां फैले विद्रोह के पीछे की वजह?
Highway Hypnosis: कभी भी सीधी दिशा में क्यों नहीं बनते हाई-वे, जानें घुमावदार क्यों बनाया जाता है रास्ता?
कभी भी सीधी दिशा में क्यों नहीं बनते हाई-वे, जानें घुमावदार क्यों बनाया जाता है रास्ता?
Daylight Saving Time: क्या है डेलाइट सेविंग, आखिर अमेरिका क्यों बदलने जा रहा घड़ी की सुईयां और इसका क्या होगा असर?
क्या है डेलाइट सेविंग, आखिर अमेरिका क्यों बदलने जा रहा घड़ी की सुईयां और इसका क्या होगा असर?

वीडियोज

पुलिस थाने पर शराबी का कब्जा!
Hyundai Alcazar Long Term Review & E20 Petrol Mileage Test | #hyundai #alcazar #review #autolive
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? Part 2 | #nitingadkari #e20fuel #autolive
Man Atisundar:🙈radhya से 'I love you' सुनने के लिए तड़पा Pratham, लाख कोशिशों बाद नखरे बरकरार #sbs
Bollywood News: शानदार VFX और रावण बने यश के लुक के खुलासे से 'रामायण' के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर मचाई 'तबाही'। (19.07.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सब कुछ रिकॉर्ड करें...', 'चलो संसद' मार्च से पहले CJP ने जारी की गाइडलाइन, प्रदर्शनकारियों से खास अपील
'सब कुछ रिकॉर्ड ...', संसद मार्च से पहले CJP ने जारी की गाइडलाइन, प्रदर्शनकारियों से खास अपील
Delhi Weather Today: दिल्ली-एनसीआर में आज बारिश के आसार, चलेंगी तेज हवाएं, गर्मी और उमस से मिलेगी थोड़ी राहत
दिल्ली-एनसीआर में आज बारिश के आसार, चलेंगी तेज हवाएं, गर्मी और उमस से मिलेगी थोड़ी राहत
Who is Ferran Torres: 106वें मिनट में तोड़ा मेसी का सपना, कौन हैं फेरान टोरेस, जिन्होंने स्पेन को बनाया वर्ल्ड चैंपियन?
106वें मिनट में तोड़ा मेसी का सपना, कौन हैं फेरान टोरेस जिन्होंने स्पेन को बनाया वर्ल्ड चैंपियन?
UP Weather: यूपी में अगले दो दिन भारी, 55 जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी, IMD का अलर्ट
यूपी में अगले दो दिन भारी, 55 जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी, IMD का अलर्ट
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले - 'उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...'
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले - 'उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...'
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
Vintage Wheels: आजादी से पहले भारत के बाजार में किस कार का था जलवा? जानिए कितनी थी उसकी कीमत
आजादी से पहले भारत के बाजार में किस कार का था जलवा? जानिए कितनी थी उसकी कीमत
80 लाख और 65 हजार की EMI, शख्स ने बताई नोएडा में फ्लैट्स की सच्चाई- वीडियो देख घूम जाएगा सिर
80 लाख और 65 हजार की EMI, शख्स ने बताई नोएडा में फ्लैट्स की सच्चाई- वीडियो देख घूम जाएगा सिर
Embed widget