क्रेडिट कार्ड में केवल मिनिमम ड्यू भरना क्यों RISKY? जानिए कैसे बिगड़ेगा स्कोर और बढ़ता जाएगा कर्ज
Credit Card Bill: ज्यादातर लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो सिर्फ मिनिमम ड्यू भरकर छोड़ देते हैं. यहां से समझिए कि ये कितना खतरनाक हो सकता है और आपके सिबिल स्कोर को कैसे खराब कर सकता है.

Credit Card Bill: आजकल हर कोई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहा है. ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर ट्रैवल और बिल पेमेंट तक लोग हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए कार्ड का इस्तेमाल कर लेते हैं. ये काफी आसान भी पड़ता है, लेकिन कई लोग हर महीने पूरा बिल भरने की बजाय सिर्फ मिनिमम ड्यू पेमेंट करके खुद को सुरक्षित समझ लेते हैं. यही आदत आगे चलकर बड़ा कर्ज और खराब सिबिल स्कोर की वजह बन सकती है. बैंक आपको सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने का ऑप्शन इसलिए देता है ताकि आपका अकाउंट तुरंत डिफॉल्ट में न जाए, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपका कर्ज खत्म हो गया.
क्या होता है मिनिमम ड्यू ?
क्रेडिट कार्ड बिल में जो कुल रकम होती है, उसका एक छोटा हिस्सा बैंक मिनिमम ड्यू के तौर पर दिखाता है. आमतौर पर ये कुल बिल का 5% के आसपास होता है. मान लीजिए आपका बिल 50,000 रुपये है, तो बैंक आपसे सिर्फ 2,500 रुपये मिनिमम ड्यू के तौर पर मांग सकता है. कई लोगों को लगता है कि इतना भर देने से मामला खत्म हो गया, जबकि असली खेल यहीं से शुरू होता है.
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बाकी रकम पर लगता है भारी ब्याज
अगर आप पूरा बिल नहीं भरते और सिर्फ मिनिमम ड्यू जमा करते हैं, तो बची हुई रकम पर बैंक भारी ब्याज लगाना शुरू कर देता है. क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर 30% से 45% सालाना तक पहुंच सकती है, यानी जितना देर आप भुगतान करेंगे, उतना ज्यादा ब्याज जुड़ता जाएगा. सबसे बड़ी बात यह है कि नई खरीदारी पर मिलने वाला इन्ट्रेस्ट फ्री पीरियड भी खत्म हो जाता है. फिर हर नए खर्च पर भी ब्याज लगेगा.
कैसे बढ़ता जाता है कर्ज?
शुरुआत में लोगों को लगता है कि थोड़ा-थोड़ा करके बिल भर देंगे, लेकिन ब्याज और टैक्स मिलाकर रकम तेजी से बढ़ने लगती है. अगर कोई लगातार कई महीनों तक सिर्फ मिनिमम ड्यू भरता रहे, तो उसका असली कर्ज कम होने की बजाय और बढ़ सकता है. कई लोग बाद में कर्ज के जाल में फंस जाते हैं.
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CIBIL Score पर भी पड़ता है असर
सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने से आपका कार्ड डिफॉल्ट में नहीं जाता, लेकिन बैंक ये देखता है कि आप पूरा भुगतान नहीं कर पा रहे हैं. अगर यह आदत लगातार बनी रहती है, तो सिबिल यूटिलाइजेशन रेसीयो बढ़ जाता है और बैंक आपको रिस्की ग्राहक मान सकते हैं. साथ ही आगे चलकर भी लोन मिलने में दिक्कत हो सकती है
सिबिल स्कोर धीरे-धीरे खराब होने लगता है. कम सिबिल स्कोर का असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर भी पड़ता है.
क्रेडिट कार्ड सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो काफी फायदेमंद होता है. इससे रिवॉर्ड, कैशबैक और इमरजेंसी सपोर्ट मिलता है. लेकिन लापरवाही से इस्तेमाल करने पर यही कार्ड बड़ा बोझ बन जाता है. इसलिए अगली बार जब क्रेडिट कार्ड का बिल आए, तो सिर्फ मिनिमम ड्यूदेखकर खुश न हों. पूरा भुगतान करना ही सबसे सुरक्षित है और समझदारी है.


























