BH सीरीज का नंबर लेने से क्या होता है फायदा, जानें कितने रुपये करने पड़ते हैं खर्च?
बीएच सीरीज नंबर प्लेट एक खास तरह का वाहन रजिस्ट्रेशन है, जो पूरे भारत में मान्य होता है. इस नंबर प्लेट में किसी राज्य के आरटीओ कोड की जगह बीएच लिखा होता है, जिसका मतलब भारत होता है.

देश में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन करना हमेशा से एक सिरदर्द रहा है. लेकिन बीएच सीरीज नंबर प्लेट ने इस झंझट को खत्म कर दिया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से शुरू की गई इस सुविधा का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जिनका काम ट्रांसफरेबल है. यानी जिनका बहुत जल्दी बहुत ही जल्दी-जल्दी ट्रांसफर होता रहता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि बीएच सीरीज का नंबर लेने से क्या फायदा होता है और इसके लिए कितने रुपये खर्च करने पड़ते हैं.
क्या है बीएच सीरीज नंबर प्लेट?
बीएच सीरीज नंबर प्लेट एक खास तरह का वाहन रजिस्ट्रेशन है, जो पूरे भारत में मान्य होता है. इस नंबर प्लेट में किसी राज्य के आरटीओ कोड की जगह बीएच लिखा होता है, जिसका मतलब भारत होता है. इसमें रजिस्ट्रेशन ईयर, सीरियल नंबर और वाहन की कैटेगरी शामिल होती है. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सुविधा सिर्फ नई प्राइवेट गाड़ियों के लिए है, कमर्शियल गाड़ियों को इसका फायदा नहीं मिलता है.
बीएच सीरीज नंबर प्लेट के फायदे
बीएच सीरीज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि गाड़ी को दूसरे राज्य ले जाने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होती है. इससे समय और कागजी प्रक्रिया दोनों से राहत मिलती है. इसके अलावा इस नंबर प्लेट में रोड टैक्स एक साथ 15 साल का नहीं देना पड़ता है. इस नंबर सीरीज में शुरुआत में सिर्फ 2 साल का रोड टैक्स देना होता है, इसके बाद हर 2 साल में टैक्स रिन्यू कराया जाता है. इससे गाड़ी खरीदते समय एकमुश्त बड़ा टैक्स देने का दबाव कम हो जाता है. वहीं बीएच सीरीज में रोड टैक्स वाहन की कीमत से जीएसटी हटा कर तय किया जाता है, जिससे टैक्स का बोझ थोड़ा कम होता है. वहीं बीएच सीरीज नंबर प्लेट हर किसी को नहीं मिलता है. इसके लिए कुछ खास शर्तें तय की गई है, यह सुविधा आमतौर पर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, रक्षा कर्मचारी, प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, सरकारी और प्राइवेट बैंक कर्मचारी और प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी जिनके ऑफिस कम से कम चार राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में हो उन्हें यह सुविधा मिलती है.
बीएच नंबर प्लेट पर कितना लगता है खर्च?
कई लोग सोचते हैं कि बीएच नंबर प्लेट के लिए एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है, लेकिन ऐसा नहीं है. फर्क सिर्फ रोड टैक्स की गणना में होता है. बीएच नंबर प्लेट पर रोड टैक्स हर 2 साल में लिया जाता है, जिसमें अगर आपकी गाड़ी 10 लाख रुपये तक की है और पेट्रोल इंजन है तो 8 प्रतिशत टैक्स देना होगा. वहीं सामान्य तौर पर जिस गाड़ी की कीमत 10 लाख से 20 लाख तक है तो 10 प्रतिशत टैक्स देना होता है. अगर गाड़ी की कीमत 20 लाख से ज्यादा है तो आपको 12 प्रतिशत टैक्स देना होता है. वहीं डीजल कारों पर 2 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैक्स देना होता है. इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों पर 2 प्रतिशत कम टैक्स देना होता है.
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Source: IOCL

























