एक्सप्लोरर

बजट से पहले क्यों होती है हलवा सेरेमनी, क्या इसमें वाकई बनाते हैं हलवा?

हलवा सेरेमनी बजट से पहले होने वाला एक सालाना कार्यक्रम है, जिसमें पारंपरिक तरीके से हलवा बनाया जाता है और उसे उन अधिकारियों को परोसा जाता है, जो बजट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं.

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 27 जनवरी को पारंपरिक हलवा समारोह में भाग लिया था. केंद्रीय बजट से पहले हर साल वित्त मंत्रालय में एक खास परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है. हलवा समारोह रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित की गई है. यह वित्त मंत्रालय का पुराना पता है. हलवा सेरेमनी की यह रस्म बजट तैयार करने की प्रक्रिया के अंतिम चरण की शुरुआत का संकेत मानी जाती है. यह हलवा सेरेमनी केंद्र सरकार के बजट की तैयारी में शामिल वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग रखने की प्रक्रिया है. 

क्या है हलवा सेरेमनी?

हलवा सेरेमनी बजट से पहले होने वाला एक सालाना कार्यक्रम है, जिसमें पारंपरिक तरीके से हलवा बनाया जाता है और उसे उन अधिकारियों व कर्मचारियों को परोसा जाता है, जो बजट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं. यह समारोह रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित होता है. इस रस्म के बाद बजट से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचार पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कट जाते हैं. दरअसल, भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ और बड़े काम की शुरुआत मीठा बांटकर की जाती है. हलवा सेरेमनी भी इसी परंपरा का हिस्सा है. इसे बजट दस्तावेजों की छपाई शुरू होने का प्रतीक माना जाता है. वित्त मंत्री खुद कढ़ाई को छूकर और हलवा परोसकर बजट की अंतिम प्रक्रिया को औपचारिक रूप से हरी झंडी देती है. 

क्या सच में बनाया जाता है हलवा?

हलवा सेरेमनी में वाकई हलवा बनाया जाता है. नॉर्थ ब्लॉक में एक बड़ी कढ़ाई में हलवा तैयार किया जाता है. जिसकी तस्वीरें और वीडियो हर साल सामने आते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह हलवा आटे या सूजी से तैयार किया जाता है, जिसमें देसी घी और ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं. हलवा सेरेमनी और लॉक-इन की परंपरा 1950 के बाद शुरू हुई. उस समय बजट लीक होने की एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद बजट प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई. तब से लेकर आज तक यह परंपरा निभाई जा रही है, भले ही अब बजट पूरी तरह डिजिटल हो चुका हो.

क्या होता है लॉक इन पीरियड?

हलवा सेरेमनी के बाद बजट बनाने में शामिल अधिकारी लॉक इन पीरियड में चले जाते हैं. इनका मतलब है कि वे बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही रहते हैं. इस दौरान वो बाहर नहीं जा सकते हैं. परिवार या बाहरी लोगों से संपर्क नहीं कर सकते हैं. मोबाइल फोन और अन्य संचार साधनों पर रोक होती है. सीसीटीवी और खुफिया एजेंसियों की निगरानी रहती है. वहीं यह व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक न हो सके. 

ये भी पढ़ें-कैसे होती है आकस्मिक मौत, क्या प्लेन क्रैश में शरीर राख होने पर भी होता है दर्द? क्या कहता है विज्ञान

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Lucknow Aliganj Fire In Coaching Centre: गर्मी में आग बुझाना क्यों होता है मुश्किल, क्यों नाकामयाब हो जाती हैं फायर ब्रिगेड की मशीनें?
गर्मी में आग बुझाना क्यों होता है मुश्किल, क्यों नाकामयाब हो जाती हैं फायर ब्रिगेड की मशीनें?
Lucknow Gaming Zone Fire: गुजरात से लेकर लखनऊ तक... गेमिंग जोन में जल्दी क्यों लगती है आग? जान लें वजह
गुजरात से लेकर लखनऊ तक... गेमिंग जोन में जल्दी क्यों लगती है आग? जान लें वजह
FIFA World Cup 2026: FIFA वर्ल्डकप जीतने वाली टीम को कितने रुपये मिलेंगे, क्रिकेट से कितना ज्यादा?
FIFA वर्ल्डकप जीतने वाली टीम को कितने रुपये मिलेंगे, क्रिकेट से कितना ज्यादा?
Solicitor General Tushar Mehta Extension: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को फिर मिला एक्सटेंशन, इस पद के लिए कितनी मोटी सैलरी देती है सरकार?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को फिर मिला एक्सटेंशन, इस पद के लिए कितनी मोटी सैलरी देती है सरकार?

वीडियोज

Balan: The Boy मे दिखी मां-बेटे की अनोखी कहानी, दमदार ट्विस्ट्स और शानदार अभिनय का मास्टरपीस
Maa Inti Bangaaram Review: Samantha ने दमदार एक्शन और इमोशन से जीता दिल
Cocktail 2 Review: टॉक्सिक रिश्तों से दूर, सच्चे प्यार की खूबसूरत कहानी
शिल्पा शेट्टी ने बताया फिटनेस का असली मंत्र, योग और सही खानपान से रहें स्वस्थ
Sanchita Bashu और Dhawal Thakur ने बताए प्यार और धोके के मजेदार किस्से

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Explained: कॉर्पोरेट दुनिया का नया खिलाड़ी बना CPO! 'चीफ पर्पस ऑफिसर' पद क्या है और क्यों बढ़ रही डिमांड? जानें कैसे बनें
कॉर्पोरेट दुनिया का नया खिलाड़ी बना CPO! चीफ पर्पस ऑफिसर पद क्या है और क्यों बढ़ रही डिमांड?
'ये बेहद दुखद घटना, कारणों की ईमानदारी से जांच हो', लखनऊ अग्निकांड पर बोले अखिलेश यादव
'ये बेहद दुखद घटना, कारणों की ईमानदारी से जांच हो', लखनऊ अग्निकांड पर बोले अखिलेश यादव
2026 टी20 वर्ल्ड कप से एलिमिनेट हुई पाकिस्तान, कोच वहाब रियाज ने इंग्लैंड में उड़ाए गुलछर्रे; वीडियो वायरल 
2026 टी20 वर्ल्ड कप से एलिमिनेट हुई पाकिस्तान, कोच वहाब रियाज ने इंग्लैंड में उड़ाए गुलछर्रे
OTT Releases: प्राइम वीडियो पर एंटरटेनमेंट का धमाका, 'ग्राम चिकित्सालय 2' समेत रिलीज हो रहीं ये 6 सीरीज
प्राइम वीडियो पर एंटरटेनमेंट का धमाका, 'ग्राम चिकित्सालय 2' समेत रिलीज हो रहीं ये 6 सीरीज
तेज झटकों से कांप उठी अफगानिस्तान की धरती, पूर्वी प्रांत हिंदू कुश में आया 5.2 तीव्रता का भूकंप
तेज झटकों से कांप उठी अफगानिस्तान की धरती, पूर्वी प्रांत हिंदू कुश में आया 5.2 तीव्रता का भूकंप
PM मुद्रा योजना: 2% ब्याज पर कर्नाटक बैंक दे रहा 10 लाख रुपए का लोन? सरकार ने क्या बताया, जानिए
PM मुद्रा योजना: 2% ब्याज पर कर्नाटक बैंक दे रहा 10 लाख रुपए का लोन? सरकार ने क्या बताया, जानिए
Video: 'कोई मेरे बच्चे को अस्पताल ले जाओ' लखनऊ में भीषण आग, नजारा और चीखें सुन रो पड़ेंगे आप
'कोई मेरे बच्चे को अस्पताल ले जाओ' लखनऊ में भीषण आग, नजारा और चीखें सुन रो पड़ेंगे आप
Solar Panel से चाहिए फुल बिजली तो इन तरीकों से करें मेंटीनेंस, किसी भी मौसम में नहीं आएगी दिक्कत
Solar Panel से चाहिए फुल बिजली तो इन तरीकों से करें मेंटीनेंस, किसी भी मौसम में नहीं आएगी दिक्कत
Embed widget