25 हजार से सीधे 1 लाख! 8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों का सरकार को बड़ा प्रस्ताव
8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग की दिल्ली में बैठक चल रही है, इस तीन दिवसीय बैठक में कर्मचारियों के वेतन भत्ते को लेकर फैसला किया जाएगा. हाल ही में कुछ कर्मचारियों ने अपने बेसिक पे में बढ़ोतरी की मांग की थी.

8th Pay Commission Latest News Update: 8वें वेतन आयोग की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो चुकी है. इस बैठक के दौरान कई बड़े फैसले लिए जाने वाले हैं. इससे पहले ही कर्मचारियों ने आयोग के सामने एक बड़ी डिमांड रख दी. जिसके तहत अब पोस्ट मास्टर की सैलरी एक लाख रुपये के पार हो सकती है. इस बैठक के दौरान यदि इन मांगों पर सरकार की हरी झंडी मिल जाती है, तो ऐसा जरूर हो सकता है.
क्या हैं मांगें?
दरअसल 8वें वेतन मान को मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों ने अपनी मांगे रखीं. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन ने आयोग को एक मेमोरेंडम दिया, जिसमें सैलरी भत्ते, प्रमोशन और पेंशन से जुड़े कई बड़े बदलाव को लेकर सुझाव दिए गए हैं. इन मांगों में सबसे बड़ा प्रस्ताव पोस्टमैन की बेसिक सैलरी को 25,500 से बढ़ाकर 11,000 करने का है. ये मेमोरेंडम 20 अप्रैल 2026 को आयोग को तब सौंपा गया था, जब आयोग देशभर के कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहा था. इस ऑर्गेनाइजेशन ने सिर्फ पोस्टमैन ही नहीं बल्कि पोस्टल असिस्टेंट और सॉर्टिंग असिस्टेंट, ड्राइवर सुपरवाइजर और अन्य कैडर के लिए भी सैलरी बढ़ाने की मांग की है.
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बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
संगठन ने एंट्री लेवल कर्मचारियों के लिए मिनिमम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 69 हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया है. ये प्रस्ताव केवल मल्टीटास्किंग स्टाफ जैसे कर्मचारियों पर लागू होगा. इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की जा रही है. इसके जरिए सैलरी और पेंशन तय होती है. अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. इसके अलावा सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग भी की गई है. इसके पीछे संगठन ने बढ़ती हुई महंगाई का हवाला दिया है.
अन्य सुविधाओं की भी मांग
संगठन यहीं नहीं रुका बल्कि उन्होंने HRA को DA के साथ देने की मांग की है. तो वहीं MACP स्कीम के तहत कम से कम पांच प्रमोशन देने की मांग भी की है. संगठन ने महिला कर्मचारियों की भी समस्याएं देखते हुए उन्हें हर साल 12 दिन की लीव के अलावा बेहतर चाइल्ड केयर लीव और ऑफिस में क्रेच की सुविधा देने का प्रस्ताव भी रखा है. वहीं सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए CGHS के तहत 100% कैशलेस इलाज की मांग के साथ ही पेशन का बोझ विभाग से हटाकर सीधे केंद्र सरकार पर डालने का भी सुझाव दिया है.
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इसके अलावा भी संगठन ने कई डिमांड रखी हैं, हालांकि इन पर आयोग की बैठक में क्या फैसला किया जाएगा ये अभी चर्चा का विषय है. इस तीन दिवसीय बैठक की शुरुआत आज यानी 29 अप्रैल को हुई है, जो 1 मई तक चलेगी.






















