Retirement Plan: रिटायरमेंट के लिए 5 करोड़ या 1 करोड़, कितना काफी? 45 की उम्र में काम छोड़ने वाले शख्स ने बताया फॉर्मूला
Financial Freedom: ज्यादातर लोग रिटायरमेंट के वक्त करोड़ों रुपए का बैंक बैलेंस होने का टारगेट रखते हैं, लेकिन असल में सच्चाई कुछ और ही है. 45 साल की उम्र में काम छोड़ने वाले इस शख्स ने सच्चाई बताई है.

Retirement Planning: रिटायरमेंट का नाम सुनते ही हमारे मन में 5 या फिर 10 करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम का ख्याल आ ही जाता है. लेकिन FIRE यानी Financial Independence, Retire Early का असली मंत्र सिर्फ और सिर्फ बड़ी रकम को जुटाना नहीं है बल्कि अपनी जरूरतों पर भी खास तरह से ध्यान देना है.
अमित चिल्का नाम के लेखक अमित चिल्का ने केवल 45 साल की आयु में केवल 1 करोड़ और एक फ्लैट के साथ रिटायरमेंट लेकर इस मिथ को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. अमित चिल्का ने अपने रिटायरमेंट का फॉर्मूला लिंकडिन पर शेयर किया है.
साधन बनाम लाइफस्टाइल
ज्यादातर लोग अपनी मौजूदा महंगी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए करोड़ों कमाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. इतना ही नहीं, वह EMI और लालच देने वाली संपत्तियों के जाल में इतनी बूरी तरह से फंस जाते हैं कि उन्हें आजादी की बजाय कॉर्पोरेट जीवन का कैदी बनाया दिया जाता है.
तो वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में लेखक अमित चिल्का ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें जीवन में असली आजादी तब मिली जब उन्होंने पुणे जैसे बड़े शहर को छोड़कर उत्तराखंड के देहारदून की तरफ जाने का बेहद ही महत्वूर्ण फैसला लिया. जहां, उन्होंने यह नोटिस किया उनके खर्चे पुणे के मुताबिक देहरादून में बेहद ही कम है.
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अमित चिल्का ने किस तरह से बनाई अपनी रणनीति?
दरअसल, उन्होंने सबसे पहले 1 करोड़ रुपये का (Mutual Funds, PPF, NPS) में निवेश किया. जिसको उन्होंने एक बार भी हाथ नहीं लगाया जाकी वह और भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ते रहे. तो वही, दूसरी तरफ पुणे के फैल्ट से मिलने वाला किराए को वह वापस निवेश कर देते हैं. हांलाकि, रिटायरमेंट के बाद धीरे-धीरे शुरू की गई फ्रीलांसिंग और कंसल्टिंग के बाद से उनके दैनिक खर्च निकलने शुरू हो गए.
क्या पैसा केवल है एक साधन?
यह तो सभी जानते हैं कि पैसा हमारे जीवन में बस एक साधन की तरह है, यह हमारी मंजिल नहीं है. अगर आपकी मंजिल सादगी है तो आपको 10 करोड़ रुपये की जरूरत कभबी नहीं पड़ेगी. हांलाकि, सवाल यह नहीं उठता है कि आपको वर्तमान जीवन जीने के लिए कितना चाहिए, बल्कि यह है कि आप वास्तव में अपनी जिंदगी को किस तरह से जीना चाहते हैं.
























