इधर चमचमाते टेक पार्क और उधर कीचड़ से बजबजाती सड़कें, बेंगलुरु का डरावना सच देख हिल गया इंटरनेट
देश में आईटी हब के नाम से पहचान रखने वाले बेंगलुरु का एक सच ये भी है कि यहां की सड़कें गटर के पानी और कीचड़ से सनी रहती हैं जिन्हें देखने के बाद इंटरनेट यूजर्स को यकीन नहीं हो रहा है.

बेंगलुरु को भारत का 'सिलिकॉन वैली' कहा जाता है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां हैं और जहां देश के सबसे पढ़े-लिखे लोग रहते हैं. लेकिन इसी चमक-धमक वाले बेंगलुरु की एक ऐसी कड़वी सच्चाई सामने आई है, जिसे देखकर लोग सरकार और नेताओं को कोस रहे हैं. सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के ही एक रहने वाले शख्स की पोस्ट खूब वायरल हो रही है, जिसने वहां की बदहाल सड़कों का एक वीडियो और फोटो शेयर कर अपना गुस्सा निकाला है.
फॉर्च्यून 500 कंपनियों के बगल में 'कचरे का अंबार'
यह पूरा मामला बेंगलुरु के मुन्नेकोलाला इलाके का है. यह वही इलाका है जिसके ठीक बगल में दुनिया की सबसे बड़ी 'फॉर्च्यून 500' कंपनियां और बड़े-बड़े टेक पार्क हैं. लेकिन इस आलीशान इलाके की सड़कों पर हर तरफ कीचड़, गंदा पानी और सीवेज का कचरा फैला हुआ है. लोगों को अपने ऑफिस या घर जाने के लिए इसी गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.
Fate of roads right next to tech parks that host fortune 500 companies. Munnekolala - living here as a tax payer is not acceptable.
by u/IllustratorFresh4423 in bangalore
गुस्साए शख्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर लिखा, "जो पुराने बेंगलुरु वाले जयनगर, बसावनगुडी और मल्लेश्वरम जैसे स्वर्ग जैसे इलाकों में रहते हैं, वो जरा अपनी आंखें खोलें और शहर के दूसरे हिस्से की हालत देखें, जिसकी कोई परवाह नहीं करता. मैं खुद पुराने बेंगलुरु का हूं, लेकिन इस गंदगी को देखकर इसे 'मेरा शहर' कहने में भी शर्म आती है. हम सिर्फ अपने पूर्वजों के बनाए अच्छे इलाकों के दम पर जी रहे हैं."
"सैलरी का आधा हिस्सा सिर्फ किराए में जाता है"
शिकायत करने वाले शख्स ने बताया कि इन इलाकों में रहने का खर्च और मकानों का किराया आसमान छू रहा है. उसने कहा, "आजकल के भ्रष्ट नेताओं ने शहर को क्या दिया? सिर्फ यह गंदगी! यहां रहने वाले लोग अपनी सैलरी का 40 से 50 परसेंट हिस्सा सिर्फ किराया देने में लगा देते हैं. इतना भारी टैक्स और किराया देने के बाद भी अगर हमें यह नरक मिल रहा है, तो अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर इन नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करें."
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
जैसे ही यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हुई, बेंगलुरु के दूसरे लोगों ने भी अपना दुखड़ा रोना शुरू कर दिया. एक यूजर ने लिखा, "इस पूरे इलाके में बिना परमिशन के अवैध पीजी खुले हुए हैं, जो अपने गटर का सारा गंदा पानी सड़कों और नालों में बहा देते हैं." दूसरे यूजर ने कड़वी सच्चाई बताते हुए लिखा, "आप भले ही सरकार को ईमानदारी से टैक्स देते हों, लेकिन जब तक आप नेताओं के लिए 'वोट बैंक' नहीं बनेंगे, तब तक कोई भी सरकार आपकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देगी. यही आज की सबसे दुखद सच्चाई है."
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