एक्सप्लोरर

क्या होते हैं Anti-Reflective स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानिए किस टेक्नोलॉजी पर करते हैं काम और क्या होते हैं इसके नुकसान

Anti-Reflective Screen Protector स्क्रीन प्रोटेक्टर एक खास टाइप का स्क्रीन गार्ड होता है जिस पर एक स्पेशल कोटिंग की जाती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • महंगा होने के बावजूद धूप में फोन उपयोग करने वालों के लिए बेहतर।

Anti-Reflective Screen Protector: डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन आज लोगों की जरुरत बन चुके हैं. ऐसे में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक आज स्मार्टफोन पहुंच चुका है. साथ ही जब स्मार्टफोन है तो उसके डिस्प्ले को सेफ रखने के लिए कई लोग स्क्रीन प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करते हैं. अब मार्केट में कई तरह के स्क्रीन प्रोटेक्टर के मौजूद हैं जो आपके फोन के डिस्प्ले को सेफ रखते हैं. इसी कड़ी में मार्केट में एंटी-रिफ्लेक्टिव स्क्रीन प्रोटेक्टर काफी ट्रेंडिंग में चल रहा है. आइए जानते हैं किस टेक्नोलॉजी पर ये काम करता है.

क्या होता है Anti-Reflective स्क्रीन प्रोटेक्टर

जानकारी के मुताबिक, Anti-Reflective स्क्रीन प्रोटेक्टर एक खास टाइप का स्क्रीन गार्ड होता है जिस पर एक स्पेशल कोटिंग की जाती है. ये कोटिंग स्क्रीन से टकराने वाली बाहरी रोशनी के रिफ्लेक्शन को कम करती है. इसका फायदा ये होता है कि स्क्रीन पर चमक (Glare) कम दिखाई देती है और कंटेंट पढ़ना या वीडियो देखना ज्यादा आरामदायक हो जाता है.

किस टेक्नोलॉजी पर करता है काम

आपको बता दें कि इस तरह के स्क्रीन प्रोटेक्टर में Anti-Reflective Coating या Optical Coating Technology का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें स्क्रीन के सर्फेस पर बेहद पतली ट्रांसपरेंट परतें लगाई जाती हैं जो आने वाली रोशनी को कंट्रोल करती हैं. कुछ रोशनी को ये रिफ्लेक्ट करती हैं जबकि बाकी को इस तरह फैलाती हैं कि आंखों तक कम चमक पहुंचे. यही वजह है कि तेज धूप में भी स्क्रीन पहले के मुकाबले ज्यादा साफ दिखाई देती है.

क्या हैं इसके फायदे

  • इस स्क्रीन प्रोटेक्टर के कई सारे फायदे होते हैं.
  • तेज धूप या आउटडोर में स्क्रीन आसानी से दिखाई देती है.
  • स्क्रीन पर ग्लेयर कम होने से आंखों पर कम दबाव पड़ता है.
  • वीडियो देखने, ई-बुक पढ़ने और गेम खेलने का एक्सपीरिएंस बेहतर होता है.
  • स्क्रीन पर उंगलियों के निशान और हल्के स्मज कुछ हद तक कम दिखाई देते हैं.
  • लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने पर विजुअल कम्फर्ट बेहतर महसूस हो सकता है.

क्या हैं इसके नुकसान

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस स्क्रीन प्रोटेक्टर के कई सारे नुकसान भी होते हैं. दरअसल, ये नॉर्मल टेम्पर्ड ग्लास के मुकाबले ज्यादा महंगे होते हैं. अगर आप बजट में ऑप्शन तलाश रहे हैं तो ये थोड़ा महंगा सौदा साबित हो सकता है.

इसके अलावा बार-बार सफाई करने, धूल, नमी या रोजाना के इस्तेमाल से इसकी Anti-Reflective कोटिंग धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है. इसके बाद पहले जैसा प्रभाव नहीं मिलता है.

बता दें कि ये टेक्नोलॉजी रिफ्लेक्शन को कम जरूर करती है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं करती है. बहुत तेज धूप या सीधी लाइट में स्क्रीन पर हल्की चमक फिर भी दिखाई दे सकती है.

क्या खरीदने में है फायदा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप अक्सर बाहर रहते हैं, धूप में फोन इस्तेमाल करते हैं या लंबे समय तक स्क्रीन देखते हैं तो Anti-Reflective स्क्रीन प्रोटेक्टर आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है. वहीं, अगर आप अपना स्मार्टफोन ज्यादातर घर या ऑफिस के अंदर ही इस्तेमाल करते हैं तो आप कम कीमत वाला भी स्क्रीन प्रोटेक्टर इस्तेमाल कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें:

Gmail यूजर्स ध्यान दें! सिर्फ एक सेटिंग बदलते ही Spam में जाना बंद हो जाएंगे जरूरी Emails

स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Meta कैसे तय करेगा बच्चों की उम्र, इसमें कितना पैसा होगा खर्च?
Meta कैसे तय करेगा बच्चों की उम्र, इसमें कितना पैसा होगा खर्च?
टचस्क्रीन कंप्यूटर सबसे पहले किसने बनाया था? जानिए क्या थे फीचर्स
टचस्क्रीन कंप्यूटर सबसे पहले किसने बनाया था? जानिए क्या थे फीचर्स
फुल नेटवर्क फिर भी Call Drop? जानिए इसकी टेक्निकल वजह
फुल नेटवर्क फिर भी Call Drop? जानिए इसकी टेक्निकल वजह
Google का AI धमाका! आने वाला है नया Gemini, जानें यूजर्स को क्या मिलेगा नया
Google का AI धमाका! आने वाला है नया Gemini, जानें यूजर्स को क्या मिलेगा नया
Advertisement

वीडियोज

Nikki Tamboli-Arbaz Patel का Breakup निकला पब्लिसिटी स्टंट, Fans हुए नाराज!
सलमान खान की Bigg Boss फीस: ₹2.5 करोड़ से ₹120 करोड़ तक कैसे पहुंची?
Salman Khan ने Subhash Ghai को क्यों मारा था थप्पड़? सालों बाद सामने आया पूरा किस्सा
Vijay Deverakonda का पुराना प्यार और टूटा दिल, बोले- ‘मुझे प्यार हुआ था, फिर दिल टूट गया’
Sairaab: Nayanika-Ishaan की शादी पर संकट, क्या Tinni देगी नए रिश्ते को मंजूरी?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'मैंने कहा शूट...', रि. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने सुनाई ऑपरेशन सिंदूर की कहानी
'मैंने कहा शूट...', रि. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने सुनाई ऑपरेशन सिंदूर की कहानी
'मुशाल को विधवा की तरह...', यासीन मलिक का पत्नी से तलाक का फैसला
'मुशाल को विधवा की तरह...', यासीन मलिक का पत्नी से तलाक का फैसला
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट के किया टीम का एलान, नए चेहरों को मिला मौका
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट के किया टीम का एलान, नए चेहरों को मिला मौका
अपने पिता के निधन पर क्यों खुश थे राम कपूर? वजह जान दहल जाएगा दिल
अपने पिता के निधन पर क्यों खुश थे राम कपूर? वजह जान दहल जाएगा दिल
मलबा, टूटी गाड़ियां, 14 महीने बाद भी निशान, AI-171 क्रैश साइट का आंखों देखा हाल
मलबा, टूटी गाड़ियां, 14 महीने बाद भी निशान, AI-171 क्रैश साइट का आंखों देखा हाल
कश्मीर टू कन्याकुमारी... Railway का फुल टूर पैकेज, फटाफट करें बुकिंग
कश्मीर टू कन्याकुमारी... Railway का फुल टूर पैकेज, फटाफट करें बुकिंग
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलती है पेंशन, जानें उनकी कमाई
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को कितनी मिलती है पेंशन, जानें उनकी कमाई
Reel बनाने के लिए Traffic रोका, Challan के साथ जब्त हो सकती है Car
Reel बनाने के लिए Traffic रोका, Challan के साथ जब्त हो सकती है Car
Embed widget