Natural Disaster Mobile Network : प्राकृतिक आपदा में फंस गए तो दूसरे नेटवर्क से भी कर सकेंगे कॉल, आज ही चेंज कर लें सेटिंग
Natural Disaster Mobile Network : ऐसे समय में लोगों को अपने परिवार वालों से बात करने में परेशानी होती है, साथ ही राहत और बचाव एजेंसियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है.

Natural Disaster Mobile Network : बारिश, बाढ़ या किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार और अपनों से बात करने साथ ही उनसे कनेक्शन बनाए रखने की होती है. कई बार ऐसी परिस्थितियों में मोबाइल टावर प्रभावित हो जाते हैं और किसी एक टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क पूरी तरह बंद हो जाता है. ऐसे समय में लोगों को अपने परिवार वालों से बात करने में परेशानी होती है, साथ ही राहत और बचाव एजेंसियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या को देखते हुए दूरसंचार विभाग ने इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा तैयार की है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर लोग किसी दूसरी टेलीकॉम कंपनी के नेटवर्क का इस्तेमाल करके भी कॉल कर सकेंगे. तो आइए जानते हैं प्राकृतिक आपदा में फंस गए तो दूसरे नेटवर्क से भी कर कैसे कॉल सकेंगे.
क्या है इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा?
प्राकृतिक आपदा के दौरान अगर किसी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क काम करना बंद कर देता है, तो दूरसंचार विभाग जरूरत पड़ने पर इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा शुरू कर सकता है. इस सुविधा के तहत प्रभावित इलाके में मोबाइल यूजर अपनी कंपनी का नेटवर्क न मिलने पर दूसरे उपलब्ध टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क से भी कॉल कर सकते हैं. इसका उद्देश्य आपदा के समय लोगों की मोबाइल कनेक्टिविटी बनाए रखना, साथ ही राहत और बचाव कार्यों में मदद करना है.
प्राकृतिक आपदा में फंस गए तो दूसरे नेटवर्क से भी कर कैसे कॉल सकेंगे?
अगर किसी आपदा के दौरान ICR सुविधा सक्रिय कर दी जाती है, तो मोबाइल यूजर अपने फोन की Network Settings में जाकर मैन्युअल तरीके से उपलब्ध नेटवर्क का चयन कर सकते हैं. अगर उनकी अपनी कंपनी का नेटवर्क उपलब्ध नहीं है और किसी दूसरी कंपनी का नेटवर्क मौजूद है, तो उसी नेटवर्क से अपने मोबाइल को कनेक्ट करके कॉल और अन्य मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं.
हर समय उपलब्ध नहीं रहती यह सुविधा
इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा सामान्य दिनों में चालू नहीं रहती है. जब भी किसी प्राकृतिक आपदा के दौरान इसकी जरूरत होती है, दूरसंचार विभाग इसकी आधिकारिक सूचना जारी करता है. इस सूचना में बताया जाता है कि किन प्रभावित क्षेत्रों में यह सुविधा उपलब्ध होगी और यह कितने समय तक लागू रहेगी.
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इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि नेटवर्क बंद होने की स्थिति में भी लोग अपने परिवार, दोस्तों और राहत एवं बचाव एजेंसियों से संपर्क बनाए रख सकते हैं. इससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप नहीं होती और जरूरत के समय लोगों को मदद मिलने में आसानी होती है.
2025 में हिमाचल प्रदेश में भी लागू हुई थी यह सुविधा
दूरसंचार विभाग के अनुसार, साल 2025 में हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के दौरान कई जगह दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हुई थीं. उस समय चंबा, कुल्लू, लाहौल एवं स्पीति और मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र में इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा सक्रिय की गई थी. इससे जिन इलाकों में किसी एक कंपनी का नेटवर्क बंद था, वहां लोग दूसरे उपलब्ध नेटवर्क के जरिए मोबाइल सेवा का यूज कर पाए थे.
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