एक्सप्लोरर

Child Lock 2.0: अब बच्चों के फोन में रात 10 बजे के बाद बंद हो जाएगा इंटरनेट, जानें क्या है माइनर मोड?

Minor Mode: भारत सरकार स्मार्टफोन में Minor Mode लागू करने पर विचार कर रही है. जानें क्या है Child Lock 2.0, बच्चों के फोन में रात 10 बजे इंटरनेट बंद होने का प्रस्ताव और इसके नियम?

बच्चों के हाथ में फोन और फोन में घंटों reels. यह तस्वीर आज लगभग हर घर की है. अब दुनियाभर में सरकारें इस पर लगाम की तैयारी में है और वह भी सीधे फोन के अंदर से ही. सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार भी ऐसी व्यवस्था पर विचार कर रही है, जिसमें भविष्य में भारत में बिकने वाले हर स्मार्टफोन में अलग से 'माइनर मोड' जरूरी हो सकता है. इसका मतलब यह है कि बच्चों की सुरक्षा का इंतजाम फोन बनाने वाली कंपनी को ही करना होगा. हालांकि, अभी इस पर कोई ड्राफ्ट नियम या आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. मामला विचार के स्तर पर है. 

आखिर होता क्या है माइनर मोड? 

आसान भाषा में समझिए तो माइनर मोड फोन के अंदर बना अलग सुरक्षित माहौल है. जब फोन इस मोड में चलता है तो बच्चा वही देख और कर सकता है, जो उसकी उम्र के हिसाब से ठीक हो. इसके अलावा माता-पिता तय कर सकते हैं कि कौन-सा ऐप डाउनलोड होगा और कौन सा नहीं. रोज कितने घंटे फोन चलेगा, यह भी पहले से तय हो जाता है. देर रात फोन या सोशल मीडिया अपने आप बंद हो सकता है. हानिकारक कंटेंट फिल्टर हो जाता है. हालांकि, पढ़ाई से जुड़े ऐप और इमरजेंसी कॉल जैसी सुविधाएं बंद नहीं होतीं, ताकि जरूरत के वक्त बच्चा फंसे नहीं.

क्या ये सेटिंग अभी फोन में नहीं हैं?

ये सेटिंग्स पहले से स्मार्टफोन में मौजूद हैं और यही इस पूरी खबर का सबसे दिलचस्प हिस्सा है. एपल के आईफोन में स्क्रीन टाइम, फैमिली शेयरिंग, चाइल्ड अकाउंट और कम्युनिकेशन सेफ्टी जैसे फीचर पहले से मौजूद हैं. एपल ने हाल में इन्हें और मजबूत किया है. अब बच्चे का अकाउंट बनाते ही उम्र के हिसाब से सुरक्षा सेटिंग सअपने आप चालू हो जाती हैं, भले ही माता-पिता ने पूरा सेटअप न किया हो.

ऐप स्टोर पर 13 प्लस, 16 प्लस और 18 प्लस जैसी उम्र की रेटिंग भी आ गई हैं. एंड्रॉयड फोन में गूगल का फैमिली लिंक लगभग यही सब करता है. उससे माता-पिता बच्चे का स्क्रीन टाइम, ऐप डाउनलोड और कंटेंट सब कंट्रोल कर सकते हैं.

तो फिर सरकार को नया नियम क्यों चाहिए?

फर्क सिर्फ एक शब्द का है. मर्जी और मजबूरी. अभी ये सारे फीचर माता-पिता की मर्जी पर हैं. ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि फोन में ऐसी सेटिंग हैं या वे इसे चालू करने की झंझट में नहीं पड़ते. हर कंपनी के फीचर अलग-अलग जगह छिपे होते हैं. एपल में कहीं तो सैमसंग और शाओमी में कहीं और. सस्ते फोन में तो कई बार ये सुविधाएं कमजोर या अधूरी होती हैं. 

सरकार चाहती है कि माइनर मोड हर फोन में एक जैसा आसान और सामने दिखे. साथ ही, मोबाइल कंपनियां और ऐप डेवलपर शुरुआत से ही बच्चों की सुरक्षा से जुड़े फीचर जोड़ें. बाद में जोड़ने का इंतजार न करें.

सरकार की चिंता कहां से शुरू हुई?

ये चिंता अचानक नहीं आई. इसी साल जनवरी में संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2026 में सरकार ने बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बताया था. 

सर्वे में साफ कहा गया कि बिना फिल्टर वाले कंटेंट से बच्चों का व्यवहार ध्यान लगाने की क्षमता और भविष्य के लक्ष्य प्रभावित हो रहे हैं. सर्वे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए उम्र की सीमा अनिवार्य करने की सिफारिश भी की थी. इसके अलावा बच्चों के लिए सिर्फ पढ़ाई वाले डिजिटल डिवाइस और डिजिटल डाइट जैसे सुझाव भी दिए गए थे.

कई राज्य पहले से इस दिशा में बढ़ रहे हैं. कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक की संभावना जांचने के लिए कमेटी बना चुका है. आंध्र प्रदेश के बाल अधिकार आयोग ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक की सिफारिश की है. बिहार सरकार निमहांस की रिपोर्ट के आधार पर बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नीति बना रही है.

चीन ने क्या किया, जिसकी हो रही चर्चा?

चीन के इंटरनेट रेगुलेटर ने हर स्मार्टफोन, ऐप और ऐप स्टोर में माइनर मोड अनिवार्य करने का नियम प्रस्तावित किया. इसमें उम्र के हिसाब से स्क्रीन टाइम तय है. 8 साल से छोटे बच्चों को दिन में सिर्फ 40 मिनट, 8 से 16 साल के बच्चों को एक घंटा और 16 से 18 साल के किशोरों को ज्यादा से ज्यादा दो घंटे फोन चलाने की छूट है.

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इंटरनेट पूरी तरह बंद. समय पूरा होते ही ऐप अपने आप बंद हो जाते हैं. अगर माता-पिता चाहें तो कुछ छूट दे सकते हैं. पढ़ाई या इमरजेंसी वाले ऐप पर यह पाबंदी लागू नहीं होती. 

सिर्फ चीन ही नहीं, ब्रिटेन भी किशोरों के लिए डिजिटल कर्फ्यू पर विचार कर रहा है. फ्रांस में 2022 से ही नियम है कि हर कनेक्टेड डिवाइस में पैरेंटल कंट्रोल पहले से इंस्टॉल हो और पहली बार फोन चालू करते ही उसे मुफ्त में एक्टिवेट करने का विकल्प मिले. ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक लगा चुका है.

भारत में आगे क्या हो सकता है?

अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो सबसे पहले ड्राफ्ट नियम आएंगे, जिन पर जनता और इंडस्ट्री से राय मांगी जाएगी. फिर तय होगा कि माइनर मोड बनाने की जिम्मेदारी फोन कंपनी की होगी या ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली गूगल और एपल की. 

कंपनियों की तरफ से विरोध की आशंका भी है, क्योंकि पिछले साल संचार साथी ऐप को फोन में पहले से डालने के आदेश पर एपल समेत कई कंपनियों ने आपत्ति जताई थी. इसमें एक बड़ा सवाल प्राइवेसी का भी है. उम्र की पुष्टि कैसे होगी और बच्चे के डेटा की सुरक्षा कौन करेगा? इस पर बहस तय है. फिलहाल इतना साफ है कि बच्चों और स्मार्टफोन की यह बहस अब घर की दहलीज से निकलकर सरकार की मेज तक पहुंच चुकी है. आने वाले महीनों में इस पर बड़ा फैसला आ सकता है.

यह भी पढ़ें: सावधान! आपके Smart Appliances चुपके से कर रहे हैं जासूसी, जानें कौन-सा डेटा हो रहा है ट्रैक?

About the author वरुण भसीन

वरुण भसीन एबीपी न्यूज़ में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. पिछले 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वे एयरलाइंस, रेलवे और सड़क-परिवहन से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इससे पहले वे कई संस्थानों में काम कर चुके हैं. वरुण न्यूज जगत से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाते आए हैं. वरुण ने MBM यूनिविर्सिटी जोधपुर से पढ़ाई की है. संपर्क करने के लिए मेल आईडी है- varunb@abpnetwork.com

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Child Lock 2.0: अब बच्चों के फोन में रात 10 बजे के बाद बंद हो जाएगा इंटरनेट, जानें क्या है माइनर मोड?
अब बच्चों के फोन में रात 10 बजे के बाद बंद हो जाएगा इंटरनेट, जानें क्या है माइनर मोड?
क्या है Context Bombing? जानिए कैसे ये टेक्नोलॉजी हैकर्स के लिए बन रही मुसीबत
क्या है Context Bombing? जानिए कैसे ये टेक्नोलॉजी हैकर्स के लिए बन रही मुसीबत
Sleep Mode या Hibernate? जानिए Laptop में कौन सा ऑप्शन होता है ज्यादा बेहतर और क्या होता है अंतर
Sleep Mode या Hibernate? जानिए Laptop में कौन सा ऑप्शन होता है ज्यादा बेहतर और क्या होता है अंतर
क्या सच में पानी से चलता है Liquid Cooled PC? जानिए क्या है टेक्नोलॉजी और अंदर कैसे होता है काम
क्या सच में पानी से चलता है Liquid Cooled PC? जानिए क्या है टेक्नोलॉजी और अंदर कैसे होता है काम
Advertisement

वीडियोज

Ramayana ट्रेलर में Yash पड़े भारी, Ranbir Kapoor भी छाए
Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती.. अब अभिजीत दीपके करेंगे अनशन! कर दिया बड़ा ऐलान!
Ramayan में पहले रिजेक्ट हुए थे Arun Govil, बाद में बने करोड़ों लोगों के Shri Ram
Hydrogen Train News:न डीजल,न बिजली! भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन! इंजन का राज जानकर रह जाएंगे हैरान!
Lock Upp 2 में Harshad Chopda ने पहली बार साझा किया अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक राज
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Explained: 'वंदे मातरम बिल' की कमान से किस पर तीर चला रही सरकार? कैसे तय होगी सजा और कानून बनने के कितने चांस?
'वंदे मातरम' की कमान से किस पर तीर चला रही सरकार? कैसे तय होगी सजा और कानून बनने के कितने चांस?
Tripura DGP Death: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ ने की खुदकुशी, 2025 में लिया था चार्ज
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ ने की खुदकुशी, 2025 में लिया था चार्ज
अमित शाह से शिक्षा मंत्री की मुलाकात के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश यादव का बड़ा दावा
अमित शाह से शिक्षा मंत्री की मुलाकात के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश का बड़ा दावा
भारत की हार के 2 कारण, गंभीर के प्रयोग ने फिर डुबोई लुटिया; इस फैसले ने छीन ली 'ऐतिहासिक' जीत
भारत की हार के 2 कारण, गंभीर के प्रयोग ने फिर डुबोई लुटिया; इस फैसले ने छीन ली 'ऐतिहासिक' जीत
CJP Protest: लाठीचार्ज के बाद बात करने के लिए केंद्र सरकार के किस मंत्री से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता? खुद कर दिया खुलासा
लाठीचार्ज के बाद बात करने के लिए केंद्र सरकार के किस मंत्री से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता? खुद कर दिया खुलासा
OTT Release This Week: इस हफ्ते ओटीटी पर धमाल, रिलीज हो रही 'मुसाफिर कैफे' से 'आदर्श बाल विद्यालय' तक ये 11 धांसू फिल्में-सीरीज
इस हफ्ते ओटीटी पर मचेगा धमाल, रिलीज हो रही ये 11 धांसू फिल्में-सीरीज
'सरकार क्यों डरी, आई एम वेरी सैड...', छात्रों पर बरसी लाठियां तो गुस्से में बोले शशि थरूर
'सरकार क्यों डरी, आई एम वेरी सैड...', छात्रों पर बरसी लाठियां तो गुस्से में बोले शशि थरूर
'हुकूमतों का घमंड-गुरूर...इंकलाब तब आता है', संसद के पास प्रदर्शनकारियों के संग्राम पर बोले अखिलेश यादव
'हुकूमतों का घमंड-गुरूर...इंकलाब तब आता है', संसद के पास प्रदर्शनकारियों के संग्राम पर बोले अखिलेश यादव
Embed widget