क्या सच में पानी से चलता है Liquid Cooled PC? जानिए क्या है टेक्नोलॉजी और अंदर कैसे होता है काम
Liquid Cooled PC एक ऐसा कंप्यूटर होता है जिसमें प्रोसेसर (CPU), ग्राफिक्स कार्ड (GPU) और दूसरे गर्म होने वाले पार्ट्स के टेंपरेचर को कंट्रोल करने के लिए लिक्विड कूलिंग सिस्टम लगाया जाता है.

- उपयोग होने वाला तरल विशेष रसायन युक्त डिस्टिल्ड पानी होता है।
Liquid Cooled PC: टेक्नोलॉजी काफी तेजी से विकसित हो रही है. ऐसे में अब गेमिंग लैपटॉप का भी काफी क्रेज बढ़ चुका है. बता दें कि गेमिंग लैपटॉप नॉर्मल लैपटॉप के मुकाबले थोड़े महंगे होते हैं और इनमें पावरफुल प्रोसेसर भी देखने को मिल जाता है. लेकिन काफी समय से गेमिंग लैपटॉप में ओवरहीटिंग की समस्या देखने को मिलती रही है. ऐसे में अब कई सारे गेमिंग और प्रोफेशनल लैपटॉप और कंप्यूटर्स में Liquid Cooling टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल आता है कि सिस्टम में कैसे पानी से काम होता है. आइए जानते हैं इसकी पूरी टेक्नोलॉजी.
क्या होता है Liquid Cooled PC
जानकारी के मुताबिक, Liquid Cooled PC एक ऐसा कंप्यूटर होता है जिसमें प्रोसेसर (CPU), ग्राफिक्स कार्ड (GPU) और दूसरे गर्म होने वाले पार्ट्स के टेंपरेचर को कंट्रोल करने के लिए लिक्विड कूलिंग सिस्टम लगाया जाता है. ये सिस्टम पुराने एयर कूलिंग टेक्नोलॉजी के मुकाबले काफी ज्यादा अच्छा माना जा रहा है. खासकर तब जब कंप्यूटर पर हैवी गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या 3D रेंडरिंग जैसे काम किए जा रहे हों.
कैसे काम करता है ये सिस्टम
आपको बता दें कि लिक्विड कूलिंग सिस्टम में एक क्लोज्ड सर्किट होता है जिसमें एक स्पेशल कूलेंट लगातार घूमता रहता है. सबसे पहले CPU या GPU पर लगा वॉटर ब्लॉक उनकी गर्मी को अपने अंदर मौजूद कूलेंट तक पहुंचाता है. इसके बाद पंप इस गर्म कूलेंट को रेडिएटर तक ले जाता है.
रेडिएटर पर लगे फैन गर्मी को हवा में छोड़ देते हैं और ठंडा हुआ कूलेंट फिर से वॉटर ब्लॉक तक पहुंच जाता है. ये प्रोसेस लगातार चलती रहती है जिससे कंप्यूटर के जरूरी पार्ट्स ज्यादा गर्म होने से बचे रहते हैं और डिवाइस पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है.
क्या हैं इसके नुकसान
बता दें कि Liquid Cooling काफी प्रभावी सिस्टम जरूर है लेकिन इसकी कीमत एयर कूलिंग से काफी ज्यादा होती है. इसके अलावा इसे इंस्टॉल करना भी थोड़ा मुश्किल होता है. कस्टम लूप सिस्टम में समय-समय पर कूलेंट बदलने और मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है. हालांकि एडवांस ऑल-इन-वन (AIO) लिक्विड कूलर पूरी तरह सीलबंद होते हैं और उनमें लीकेज की संभावना बेहद कम रहती है.
क्या होते हैं इस सिस्टम के फायदे
अब इस सिस्टम के फायदों के बारे में बात करें तो लिक्विड कूलिंग का सबसे बड़ा फायदा बेहतर कूलिंग ताकत है. इससे प्रोसेसर और ग्राफिक्स कार्ड कम टेंपरेचर पर चलते हैं जिससे उनकी परफॉर्मेंस बैलेंस्ड रहती है. ये सिस्टम नॉर्मल एयर कूलर के मुकाबले में कम शोर भी करता है. ओवरक्लॉकिंग करने वाले यूजर्स और हाई-एंड गेमर्स के लिए ये एक बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है.
क्या सिर्फ पानी से हो जाता है काम
दरअसल, नाम भले ही Liquid Cooling हो लेकिन इसमें हमेशा नॉर्मल पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता. ज्यादातर सिस्टम में डिस्टिल्ड वॉटर और स्पेशल एंटी-कोरोजन और एंटी-एल्गी केमिकल्स वाला कूलेंट भरा जाता है. इससे पाइपों में जंग नहीं लगती और बैक्टीरिया भी नहीं पनपते हैं. यही कारण है कि ये सिस्टम लंबे समय तक बेहतर परफॉर्मेंस के लिए एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है.
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