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एआई का एक और खतरा आया सामने, इंसान की मदद लिए बिना एआई एजेंट ने पहली बार कर दिया यह कांड

AI Agent Conducts Ransomware Attack: साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने पहला ऐसा मामला नोट किया है, जिसमें एआई एजेंट ने बिना इंसानी मदद के एक रैंसमवेयर अटैक किया है.

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  • साइबर शोधकर्ताओं ने AI एजेंट संचालित रैंसमवेयर हमले का पता लगाया।
  • 'JadePuffer' AI एजेंट ने बिना मानवीय मदद हमला किया।
  • इसने हैकर की तरह डेटा हटाकर बिटकॉइन फिरौती मांगी।

AI Agent Conducts Ransomware Attack: एआई के फायदों के साथ-साथ इसके खतरों को भी इग्नोर नहीं किया जा सकता. साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर ने बताया है कि उन्होंने एक ऐसे रैंसमवेयर अटैक का पता लगाया है, जिसे पूरी तरह एआई एजेंट ने अंजाम दिया था. यानी इस साइबर अटैक में एआई एजेंट ने इंसानों की कोई मदद नहीं ली. इससे पता चलता है कि फ्यूचर में एआई एजेंट को साइबर अटैक में भी इस्तेमाल किए जाने का खतरा है. क्लाउड सिक्योरिटी फर्म Sysdig के रिसर्चर के अनुसार, उन्होंने JadePuffer नाम के एक रैंसमवेयर ऑपरेशन का पर्दाफाश किया है, जो एक एआई एजेंट ऑपरेट कर रहा था. 

सबसे पहले जानें क्या होते हैं एआई एजेंट?

एआई एजेंट्स ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जो एआई की मदद से किसी टास्क को पूरा करते हैं. इनमें रीजनिंग, प्लानिंग और मेमोरी की कैपेबिलिटीज होती हैं और ये खुद से सीखकर अपने डिसीजन खुद ले सकते हैं. 

एआई एजेंट ने असली हैकर की तरह किया काम

Sysdig ने LLM-पावर्ड ऐप्स बनाने में यूज होने वाले ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क में रिमोट कोड एग्जीक्यूशन के जरिए JadePuffer ने अपना काम शुरू किया. एक बार सिस्टम में घुसने के बाद एआई एजेंट ने बिल्कुल उसी तरह काम किया, जैसे कोई एक्सपीरियंस्ड हैकर करता है. इसने सिस्टम की इंफोर्मेशन कलेक्ट की, क्रेडेंशियल और सेंसेटिव फाइल्स को सर्च किया, क्लाउड सीक्रेट निकाले और स्टोरेज रिसोर्सेस का भी पता लगाया. इस दौरान जहां-जहां इस एआई एजेंट को चुनौती का सामना करना पड़ा, इसने गिव-अप करने की बजाय दूसरे तरीकों से उससे पार पाने की कोशिश की. रिसर्चर ने यह भी बताया है कि जब एआई एजेंट की लॉग-इन करने की कोशिश फेल हो गई तो उसने 31 सेंकड में इसे ऑटोमैटिकली ठीक कर लिया और इसके लिए उसने किसी इंसान की मदद नहीं ली. सिर्फ इतना ही नहीं, इस एआई एजेंट ने सिस्टम में सेव ऑरिजनल डेटा को डिलीट कर इसकी जगह एक रैंसम नोट चिपका दिया, जिसमें बिटकॉइन में पैसों की डिमांड की गई थी.

नया खतरा आया सामने

यह जानकारी ऐसे मौके पर सामने आई है, जब साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स लगातार एजेंटिक एआई को लेकर चेतावनी देते आ रहे हैं. JadePuffer में पहले से चले आ रहे अटैक के तरीकों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि एआई सिस्टम साइबर अटैक करने के नए तरीके भी ढूंढ सकते हैं. एआई एजेंट आने के कारण अब साइबर अटैक करने के लिए खास स्किल की भी जरूरत नहीं पड़ती. 

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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