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Tech Explained: क्या होते हैं एआई एजेंट्स और ये कैसे करते हैं काम? जानिए इनके टाइप्स समेत सारी बातें

अगर आप एआई यूज करते हैं तो आपने एआई एजेंट्स का नाम सुना होगा. ये खास सॉफ्टवेयर होते हैं, जो एआई की मदद से गोल या टास्क को पूरा करने के लिए तैयार किए जाते हैं.

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अगर आप एआई से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते हैं तो आपने एआई एजेंट नाम सुना होगा. यह भी हो सकता है कि आप किसी एआई एजेंट को यूज भी कर रहे हों, लेकिन अधिकतर लोगों के लिए यह बिल्कुल नई चीज है. अभी भी बहुत ऐसे लोग हैं, जो एआई के बारे में खूब जानकारी रखते हैं, लेकिन एआई एजेंट के बारे में ज्यादा नहीं जानते. ऐसे ही लोगों के लिए हम आज का एक्सप्लेनर लेकर आए हैं. इसमें हम आपको बताएंगे कि एआई एजेंट क्या होते हैं, इनके कितने टाइप होते हैं और ये काम कैसे करते हैं.

क्या होते हैं एआई एजेंट?

एआई एजेंट्स ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जो यूजर की कमांड पर एआई की मदद से किसी गोल या टास्क को पूरा करते हैं. इनमें रीजनिंग, प्लानिंग और मेमोरी की कैपेबिलिटीज होती हैं. ये खुद से सीखकर और अपने डिसीजन खुद ले सकते हैं. ये अपने एनवायरनमेंट से इंटरेक्ट और डेटा कलेक्ट कर पहले से डिसाइडेड गोल को पूरा करते हैं. इंसान इन्हें कोई टास्क दे सकता है, लेकिन उसे पूरा करने का तरीका ये खुद से डिसाइड करते हैं. कंप्यूटर में यूज होने वाले कुछ एआई एजेंट्स टिकट बुकिंग और ग्रॉसरी ऑर्डर करने के काम आ सकते हैं और कुछ रियल लाइफ में भी देखे जा सकते हैं. रोबोट, ऑटोमेटेड ड्रोन्स और सेल्फ ड्राइविंग रियल लाइफ एआई एजेंट्स के उदाहरण माने जा सकते हैं. 

एआई एजेंट्स के क्या फीचर्स होते हैं?

रीजनिंग- एआई एजेंट्स लॉजिक और अवेलेबल इंफोर्मेशन का यूज कर प्रॉब्लम्स सॉल्व कर और निष्कर्ष निकाल सकते हैं. इसके अलावा ये डेटा एनालाइज और पैटर्न की पहचान कर एविडेंस और कॉन्टेक्स्ट के आधार पर डिसीजन ले सकते हैं. 

एक्टिंग- ये डिसीजन, प्लान या कमांड के आधार पर एक्शन ले सकते हैं. इन एक्शन में मैसेज भेजना, डेटा अपलोड करना और दूसरी प्रोसेसेस को स्टार्ट करना आदि शामिल है. 

ऑब्जर्व- ये अपने आसपास के एनवायरनमेंट से इंफोर्मेशन जुटाकर कॉन्टेक्स्ट समझ सकते हैं और उस आधार पर फैसले भी ले सकते हैं. ऑब्जर्वेशन के लिए ये कंप्यूटर विजन, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और सेंसर डेटा एनालिटिक्स की मदद ले सकते हैं.

प्लानिंग- एआई एजेंट का एक और फीचर प्लानिंग होता है. प्लानिंग कैपेबिलिटी वाले एआई एजेंट जरूरी स्टेप्स और टास्क पूरा करने के लिए बेस्ट एक्शन को प्लान कर सकते हैं. इसमें ये टास्क पूरा करने में आने वाली चुनौतियों को भी ध्यान रखते हैं.

कोलैबोरेटिंग- एआई एजेंट्स किसी कॉमन गोल या टास्क को पूरा करने के लिए इंसानों या दूसरे एआई एजेंट्स और मशीनों के साथ कोलैबोरेट कर सकते हैं. इसमें उन्हें कम्युनिकेशन, कॉर्डिनेशन और एक-दूसरे का नजरिया समझने की भी जरूरत पड़ती है.

सेल्फ रिफाइनिंग- एआई एजेंट्स में सेल्फ-रिफाइनिंग कैबेलिटीज होती हैं, यानी ये अपने एक्सपीरियंस से सीखते जाते हैं और फीडबैक के आधार पर अपने बिहेवियर को एडजस्ट कर लेते हैं. इस तरह समय के साथ इनकी परफॉर्मेंस बेहतर होती जाती है.

कैसे काम करते हैं एआई एजेंट्स?

एआई एजेंट्स कामों को आसान और कॉम्प्लेक्स टास्क को ऑटोमेट कर काम करते हैं. अधिकतर एजेंट्स एक स्पेसिफिक वर्कफ्लो को फॉलो करते हैं. इसके लिए ये यूजर की तरफ से मिले इंस्ट्रक्शन या गोल को समझते हैं. इसके बाद गोल के आधार पर टास्क को प्लान किया जाता है, जिससे यूजर को उसकी जरूरत के हिसाब से आउटपुट मिल सके. इसके बाद एआई एजेंट्स उस गोल को कई छोटे-छोटे टास्क में बांटकर अपना काम शुरू करता है. एक बार गोल को पूरी तरह समझने के बाद वह जरूरी जानकारी जुटाता है. इसके लिए वह अपने ट्रेनिंग डेटा को यूज करने के साथ-साथ इंटरनेट को भी एक्सेस करता है. कई मामलों में एआई एजेंट्स दूसरे एजेंट्स या मशीन लर्निंग मॉडल से भी इंटरेक्ट करता है. इस तरह वह पर्याप्त जानकारी और डेटा जुटाकर टास्क पूरा करता है.

कितनी तरह के होते हैं एआई एजेंट्स?

सिंपल रिफ्लेक्स एजेंट- इन्हें पहले से फिक्स तरीके और डेटा के आधार पर ऑपरेट किया जाता है और ये केवल फिक्स सिंपल टास्क ही पूरा कर सकते हैं.

मॉडल बेस्ड रिफ्लेक्स एजेंट- ये सिंपल रिफ्लेक्स एजेंट से थोड़े एडवांस होते हैं और इनके पास डिसीजन मेकिंग मैकेनिज्म होता है. यह कोई स्पेसिफिक रूल फॉलो करने की जगह प्रोसेस को समझकर डिसीजन लेता है. 

गोल बेस्ड एजेंट्स- इनमें ज्यादा मजबूत रीजनिंग कैपेबिलिटी होती है. यह टास्क पूरा करने के लिए अलग-अलग तरीकों को कंपेयर करता है और सबसे सही तरीका अपनाकर टास्क कंप्लीट करता है. ये रोबोटिक्स ऐप्लिकेशन जैसे मुश्किल टास्क के लिए कारगर होते हैं.

यूटिलिटी बेस्ड एजेंट्स- यह रीजनिंग एल्गोरिद्म की मदद से यूजर को मैक्सिमम आउटकम देने के लिए तैयार किए जाते हैं. यह एजेंट अलग-अलग सिनेरियो और उनका नफा-नुकसान कंपेयर कर यूजर को वह आउटपुट देगा, जो सबसे ज्यादा रिवॉर्डिंग होगी. 

एआई एजेंट्स यूज करने के फायदे?

  • एआई एजेंट्स प्रोडक्टिविटी और एफिशिएंसी को बढ़ाते हैं. ये एजेंट्स एक ही समय में कई चीजों पर काम कर सकते हैं और रिपीटेटिव टास्क को ऑटोमेट कर देते हैं, जिससे यूज का समय बचता है.
  • ये एजेंट्स डिसीजन मेकिंग को बेहतर बनाते हैं. ये एक साथ काम कर आइडियाज पर डिबेट कर और एक-दूसरे से सीख सकते हैं, जिससे डिसीजन मेकिंग बेहतर होती है. 
  • एआई एजेंट्स कैपेबिलिटी भी बढ़ाते हैं. ये अपनी स्ट्रेंग्थ के आधार पर असली जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं. ये अपने टूल्स की मदद से लोगों के साथ इंटरेक्ट कर सकते हैं और लगातार सीखकर खुद को बेहतर बनाते रहते हैं.  

चैटबॉट से कैसे अलग हैं एआई एजेंट्स?

कई लोग एआई चैटबॉट और एआई एजेंट्स के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं. बता दें कि ये दोनों पूरी तरह अलग हैं. एआई चैटबॉट्स केवल बातचीत करते हैं और सवालों के जवाब दे सकते हैं, वहीं एआई एजेंट्स टास्क पूरा करने के साथ-साथ एक्शन भी ले सकते हैं. चैटबॉट से आप केवल मौसम का हाल पूछ सकते हैं, लेकिन एजेंट इंस्ट्रक्शन देने पर खुद ही मौसम का हाल देखकर आपके दिन का रूटीन बना सकता है. चैटबॉट आपके सवाल पूछने पर जवाब देगा, लेकिन एजेंट को अगर कोई गोल बता दिया गया है तो यह खुद से काम कर सकता है. 

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