Chamoli Glacier Burst Highlights: चमोली एवलांच में फंसे 4 मजदूर अभी भी लापता, 50 श्रमिकों को निकाला बाहर, 4 की मौत
Uttarakhand Glacier Burst Highlights: उत्तराखंड चमोली बद्रीनाथ हाईवे पर काम कर रहे मजदूर एवलांच की वजह से दब गए थे. 50 मजदूरों को अब तक निकाला गया है. हालांकि रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आ रही है.

Background
Uttarakhand Glacier Burst Highlights: उत्तराखंड में निर्माणाधीन चमोली बद्रीनाथ हाईवे पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया है. यहां बर्फबारी के बाद बर्फ में हाईवे का काम करने वाले 50 मजदूरों को निकाल लिया गया है. वहीं अभी भी 4 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है.
इस हादसे की जानकारी लगते ही BRO और जिला प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंच चुके हैं. इसके अलावा आईटीबीपी की टुकड़ी भी पहुंच चुकी है और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है. हालांकि बर्फबारी के कारण हाईवे बंद होने से एनडीआरएफ की टीम अभी नहीं पहुंच पाई है.
एसडीआरएफ व एनडीआरएफ मौके के लिए रवाना हुई है, लेकिन हाइवे बंद होने के कारण वो रास्ते में ही फंसे हैं. वहीं डीएम डॉ. संदीप तिवारी के द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि निर्माण में लगे 57 मजदूर फंसे हैं. वहीं एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है. बंकरों को चेक किया जा रहा है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.
Chamoli Glacier Burst Live: चमोली एवलांच में 4 मजदूर लापता, एक युवक पहुंचा गया था घर
चमोली एवलांच में फंसे 5 मजदूरों के लापता होने की जानकारी थी, लेकिन जिन लापता मजदूरों के लिए रेस्क्यू हो रहा है उसमें से एक मजदूर सुनील कुमार बिना बताए छुट्टी लेकर घर चला गया था, उनके परिवार ने पुष्टि की है कि वे घर पहुँच गए हैं. अब एवलांच में फंसे 4 मजदूर लापता हैं.
Chamoli Glacier Burst Live: अनिल बलूनी ने संभाला मोर्चा, रक्षा मंत्री से भी की बात
उत्तराखंड की गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद अनिल बलूनी ने शनिवार को बताया कि चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है. स्थानीय प्रशासन, बीआरओ, सेना और आईटीबीपी की टीमें मिलकर काम कर रही हैं.
अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, उत्तराखंड में चमोली जिले के माणा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन में फंसे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के श्रमवीरों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. मैं जिलाधिकारी के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन, बीआरओ, सेना और आईटीबीपी की टीम से राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर लगातार संपर्क में हूं. सांसद ने अंत में लिखा, घायल श्रमवीरों की शीघ्र रिकवरी में सहयोग के लिए मैंने माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की है ताकि कोई भी जरूरत हो, उसे जल्द से जल्द मुहैया कराया जा सके.
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