लखनऊ: खामेनेई की मौत पर सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन
Lucknow News In Hindi: शहर के छोटे इमामबाड़ा से शुरू होकर कई प्रमुख इलाकों में पहुंचा. लोगों ने अमेरिका-इजारायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. और खामेनेई को शहीद बताया, इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी उनके चाहने वालों में गम और शोक भर गया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर निकल आए. अमेरिका-इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. शहर के छोटे इमामबाड़ा से शुरू होकर कई प्रमुख इलाकों में पहुंचा. लोगों ने अमेरिका-इजारायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. और खामेनेई को शहीद बताया.
विरोध में उतरे वक्ताओं ने खामेनेई की मौत पर दुःख प्रकट करते हुए इसे खतरनाक बताया और इसे सीधे अमेरिका के आतंकवाद और साम्राज्यवाद से जोड़ा. यही नहीं विश्व युद्ध जैसी स्थिति उभरने की चेतावनी भी दी. लोगों के आक्रोश को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात रही.
शिया समुदाय का रोष गलियों से सड़कों तक
रविवार सुबह जैसे ही ईरानी लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर आई. शिया समुदाय शोक और आक्रोश से भर गया. शिया समुदाय ने पुराने लखनऊ के इमामबाड़ा से मार्च निकाला. इसमें खामेनेई की तस्वीरों के साथ लोग चल रहे थे. खामेनेई अमर रहें के नारों के साथ ही अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद के नारे सड़कों पर गूँज रहे थे. शिया धर्म गुरुओं ने इसे वैश्विक तानाशाही बताया और चेतवानी दी कि खामेनेई की मौत दबे और कुचले लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी.
वक्ताओं ने कहा कि हमारे नेता ने जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी, धर्म की परवाह किए बगैर दबे-कुचलों का साथ दिया. उनकी मौत कमजोरी नहीं, बल्कि दुनिया भर के मजलूमों के लिए हिम्मत का सबब है. दुनियाभर के देशों से आगे आकर खामेनेई के लिए न्याय की मांग की गयी है.
जुलूस के दौरान तैनात रही पुलिस
शिया समुदाय के आक्रोश को देखते हुए शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. जुलूस के साथ भी पुलिस फोर्स रही. अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. इसके साथ ही खुफिया तंत्र भी एक्टिव हो गया है और लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
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