PM के दिमागी नक्सल बयान पर सपा सांसद बोलीं- 'युवाओं को पहले दें जवाब'
रुचिवीरा ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहती हूं कि लाल किले के इस मंच को राजनैतिक मंच न बनाये, देश में भाईचारा और सौहार्द रखने की बात होनी चाहिए,हमारे युवाओं पर जो दरिंदगी हुई है इसका जवाब दे प्रधानमंत्री,

मुरादाबाद की समाजवादी पार्टी की सांसद रुचिवीरा ने प्रधानमंत्री के लाल किले से दिमागी नक्सल के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. रुचिवीरा ने कहा है कि पीएम मोदी को लाल किले के इस मंच को राजनैतिक मंच नहीं बनाना चाहिए. पीएम मोदी को राम मंदिर के चढ़ावे में हुए चोरी पर बात करनी चाहिए.
इसके अलावा रुचिवीरा ने आरएसएस के पंजीकरण की मांग और सीएम योगी के जौहर यूनिवर्सिटी पर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी.
देश में भाईचारा और सौहार्द रखने की करें बात
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहती हूं कि लाल किले के इस मंच को राजनीतिक मंच न बनाये, देश में भाईचारा और सौहार्द रखने की बात होनी चाहिए, हमारे युवाओं पर जो दरिंदगी हुई है इसका जवाब दे प्रधानमंत्री, उनसे जो वादे किये गए थे वो पूरे किए जाए. प्रधानमंत्री को राम मंदिर में रामभक्तों के चढ़ावे की जो चोरी हुई है, उसके बारे में बताना चाहिए, हमारे युवाओं के लिए प्रधानमंत्री को ऐसी बात नहीं करनी चाहिए, ये उनकी पीड़ा है जो वो सड़कों पर आए.
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प्रियांक खड़गे की मांग का किया समर्थन
रुचिवीरा ने इसके अलावा कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण की मांग को सही ठहराया. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष के बयान पर पलटवार करते हुए सपा सांसद ने कहा कि हर संगठन का पंजीकरण होता है तो आरएसएस का पंजीकरण होना चाहिए.
सीएम योगी को भी घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कि जौहर वाली टिप्पणी को सपा नेत्री ने स्वतंत्रता सैनानियों का अपमान बताया. उन्होंने तल्ख लहजे कहा, "मुख्यमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है, मोहम्मद अली जौहर वो देशभक्त थे जिन्होंने लंदन में कहा था कि मैं देश की आादी का परवाना लेने के लिए आया हूं. मैं गुलाम देश में नहीं जाऊंगा. ऐसे में मुख्यमंत्री का ये बयान स्वतंत्रता सैनानियों का अपमान है." बता दें कि सीएम योगी ने कहा था कि जौहर यूनिवर्सिटी का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखा गया जो देश के विभाजन का जिम्मेदार था.
भूपेंद्र चौधरी के बयान पर दी प्रतिक्रिया
सपा सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी के सपा नेता शिवपाल यादव के आजम खान को गृह मंत्री बनाने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. रुचिवीरा ने कहा, "अभी पिछले दिनों मैं न्यूज देख रही थी कि मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के आरोपियों के मुकदमें वापस हुए हैं,आजम खान पर क्रिमिनल केस नहीं हैं, हत्या का मुकदमा आजम खान पर नहीं है, पहले भी आजम खान सपा सरकार में ऊंचे ओहदों पर रहे हैं."
दरअसल, सपा नेता शिवपाल सिंह यादव द्वारा रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की थी. इसके बाद ये बयान दिया था कि 2027 में सपा सरकार बनने पर खान को 'गृह मंत्री' बनाया जा सकता है. इसपर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा था कि जिस आजम खान पर गंभीर मामले दर्ज हैं. ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्री बनाने का बयान देना न्यायपालिका की भूमिका और देश के कानून का अपमान करते हैं.
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