रुद्रपुर हत्याकांड: अवैध कब्जे के विरोध पर बरसी गोलियां, बेटे के सामने पिता और भाई की ली जान
Uttarakhand News: उधम सिंह नगर में अवैध कब्जे का विरोध करने पर पिता और पुत्र को गोली मार दी गई. इसके बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया है.

Udham Singh Nagar: ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर गल्ला मंडी में अवैध कब्जे के विरोध पर पिता और पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह पूरी वारदात सुरेंद्र सिंह संधू उर्फ हनी के सामने हुई, जिसने खुद पर गोली चलने के बावजूद भागकर अपनी जान बचाई. हत्याकांड के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है.
हत्याकांड में बाल-बाल बचे सुरेंद्र सिंह संधू उर्फ हनी ने सोमवार को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपनी आंखों के सामने पिता गुरमेज सिंह और छोटे भाई मनप्रीत सिंह की हत्या होते देखता रहा. हनी ने बताया कि भाई मनप्रीत को सीने में गोली लगते ही वह निढाल होकर गिर पड़ा, जबकि पिता को गोली लगने के बाद करीब 15 मिनट तक तड़पते देखा. हनी ने कहा कि यदि वह भागता नहीं तो आज वह भी जिंदा नहीं होता.
बैंक निलामी में दुकान खरीदी थी- सुरेंद्र सिंह संधू
उसने बताया कि कब्जे की सूचना मिलने पर वह स्कूटी से पीछे-पीछे दुकान की ओर गया था. वहां देखा कि कुछ लोग जेसीबी से दीवार गिरा रहे थे और कई के चेहरे ढके हुए थे. जब उसके पिता और भाई ने इसका विरोध किया तो हमलावरों ने गोलियां चला दी.
हनी ने बताया कि अवैध कब्जा करने वालों के पास हथियार भी होंगे, इसका अंदाजा उन्हें नहीं था. उसका कहना था कि आठ महीने पहले बैंक नीलामी से दुकान खरीदी गई थी, फिर भी दूसरा पक्ष उन पर पंचायत के जरिए दुकान छोड़ने का दबाव बना रहा था. मना करने पर 15-20 दिन पहले अदालत परिसर में जान से मारने की धमकी दी गई थी, लेकिन इस तरह की वारदात की कल्पना नहीं थी.
हमलावारों ने पिता-पुत्र पर बंदूक से किया वार
बताया जा रहा है कि कब्जा करने आए हमलावर पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे. उनके साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली भी थी ताकि दीवार गिराने के बाद दुकान का सामान जब्त कर ले जाएं. हनी ने बताया कि अवैध कब्जे का ठेका एक आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को दिया गया था, जिसने रुद्रपुर और बिलासपुर से करीब 12-15 लोगों को बुलाया था.
घटना रविवार देर रात करीब दो बजे हुई. गुरमेज सिंह संधू (62) और उनके छोटे बेटे मनप्रीत सिंह (28) बाइक से गल्ला मंडी स्थित अपनी दुकान पहुंचे थे. सुरेंद्र सिंह पीछे से स्कूटी पर आया. वहां देखा कि कुछ लोग जेसीबी से दीवार गिरा रहे थे. विरोध करने पर बदमाशों ने मनप्रीत के सीने और गुरमेज के पैर पर गोली मार दी. सुरेंद्र पर भी फायर हुआ लेकिन वह किसी तरह भागकर बच निकला.
मामले में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने क्या बोला?
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने 32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया था. एसएसपी मणिकांत मिश्रा के मुताबिक, हत्या के बाद फरार आरोपियों की तलाश के लिए चार टीमों के साथ एसओजी को भी लगाया गया है. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है.
मॉडल कॉलोनी निवासी दिनेश सलूजा और अवधेश सलूजा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. बताया गया कि वारदात के कुछ देर बाद मुख्य आरोपी दिनेश नाटकीय ढंग से कोतवाली पहुंचा. उसके पैर में गोली लगी थी. उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने दिनेश के पैर में गोली लगने को साजिश के तौर पर देखा है. उनका कहना है कि यह लोमहर्षक कांड को पेशबंदी के तौर पर दिखाने की कोशिश हो सकती है. एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने भी दिनेश के घायल होने को संदेहजनक बताया है और जांच के निर्देश दिए हैं.
परिजनों ने अभियुक्तों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की
मृतक गुरमेज सिंह मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले थे. कई साल पहले वह रुद्रपुर आकर बसे थे. यहां उन्होंने मुख्य बाजार में एक मशीनरी दुकान में दस साल तक काम किया था. अनुभव हासिल करने के बाद गल्ला मंडी में किराए पर दुकान ली थी. बाद में बैंक से नीलामी में खरीद कर अपनी दुकान शुरू की थी. दोनों बेटे उनके साथ काम में हाथ बंटाते थे. मनप्रीत सिंह अविवाहित था और सुरेंद्र सिंह की भी शादी नहीं हुई थी.
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि हत्याकांड को गंभीरता से लिया गया है. अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़कर कठोर कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों और स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश है. उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है. क्षेत्र में व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने भी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है.
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Source: IOCL





















