वृंदावन में प्रेमानंद के शिष्य की मौत पर उठे सवाल, संतों ने मांगी CBI जांच
वृंदावन में प्रेमानंद के शिष्य की संदिग्ध मौत पर संतों ने सवाल उठाए हैं. संतों ने मुख्यमंत्री से मामले की CBI जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

वृंदावन में प्रख्यात संत प्रेमानंद के शिष्य से जुड़े संदिग्ध मौत के मामले को लेकर संत समाज में नाराजगी और चिंता है. संतों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने की मांग की गई है.
संतों का कहना है कि प्रेमानंद के शिष्य के साथ हुई घटना से पूरा ब्रजमंडल आहत है. संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. संतों ने कहा कि यह स्पष्ट होना जरूरी है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का. इसके लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई हो.
अखिलेश यादव प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं या नहीं? खुद साफ की तस्वीर
'भजन और तप की भूमि के रूप में वृंदावन की पहचान'
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में संतों ने कहा कि वृंदावन की पावन भूमि हमेशा से भजन, तप और साधना की भूमि रही है. देशभर से सिद्ध महात्मा और संत यहां मोक्ष और भक्ति की कामना लेकर आते हैं. आज भी हजारों साधु-संत पीले वस्त्र पहनकर वृंदावन की परिक्रमा करते हैं और भजन-साधना में लगे रहते हैं.
संत समाज ने यह भी कहा कि उनकी नजर में बड़ी संख्या में संत पूरी श्रद्धा और शुद्धता के साथ साधना कर रहे हैं. हालांकि, कुछ आपराधिक छवि वाले लोग भी संतों का वेश धारण कर यहां घूम रहे हैं. ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन की जरूरत है.
दहेज में 50,000 रुपये नहीं लाने पर बहू को शौचालय जाने से रोका, पति इम्तियाज भी...
CM से उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
संतों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच CBI से कराई जाए. उनका कहना है कि जांच के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही संतों ने वृंदावन में साधु-संतों के सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की है, ताकि इस पवित्र भूमि की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान बनी रहे.





















