यूपी को चार हिस्सों में विभाजन करने की उठी मांग, 18 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा में होगा बड़ा आयोजन
UP Divided in Four States: यूपी के विभाजन की मांग को लेकर पश्चिमी प्रदेश निर्माण मोर्चा 18 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा के परीचौक स्थित गुर्जर भवन में एक महासम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से प्रदेश के विभाजन का मुद्दा गरमा गया है, विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश को 4 राज्यों में बांटने की मांग ने जोर पकड़नी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में पश्चिमी प्रदेश निर्माण मोर्चा 18 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा के परीचौक स्थित गुर्जर भवन में एक महासम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है.
इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राजधानी एवं हाईकोर्ट का दूर होना, प्रशासनिक जटिलता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास न होना और रोजगार आदि समस्या को सम्मेलन में रखा जाएगा. हालांकि, यह पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले भी यूपी को चार हिस्सों में विभाजित करने का मुद्दा गरमा चुका है.
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'जितना छोटा राज्य, उतना अधिक विकास'
पश्चिमी प्रदेश निर्माण मोर्चा के केंद्रीय संगठन मंत्री ओमवीर वीरवाल एवं केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर कुमार ने स्वर्ण नगरी स्थित प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि विकास के लिए यूपी को चार हिस्सों में बांटना जरुरी है. जितना छोटा राज्य होगा, उसका अधिक विकास होता है. गोवा, उत्तराखंड, हरियाणा एक उदाहरण है.
27 जिलों को मिलाकर पश्चिमी यूपी बनाने का उठ चुका है मुद्दा
उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री धीरेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यिान जैसे नेता 27 जिलों को मिलाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निर्माण का मुद्दा उठा चुके है, जोकि लंबे समय से पेंडिंग पड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि लखनउ, कानपुर और प्रयागराज से पूरे यूपी की दिशा तय होती है, जबकि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे अधिक राजस्व देने वाले जिलों की अनदेखी की जा रही है.
लोकसभा की सीटों का इजाफा और महिला को आरक्षण देने को लेकर भी अब यूपी को चार राज्यों में बांटने की मांग तेज कर दी गई है. उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों का इजाफा होने से यूपी में भी विधानसभा सीटें 600 के करीब हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि नियमानुसार किसी भी राज्य की विधानसभा सीटें 500 से अधिक नहीं होनी चाहिए. महासम्मेलन में इसी मसले पर चर्चा की जाएगी. साथ ही आगे की रणनीति तय की जानी है.
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