हरिद्वार में सरकारी जमीन पर बने अवैध मजार पर चला बुलडोजर, समान समेट ले गए खादिम
Haridwar News: एसडीएम जितेन्द्र सिंह ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कारवाई से पहले ही खादिमों ने अपने जरूरी सामान को स्वयं हटा लिए थे. सिंचाई विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया.

- अब तक 600 से अधिक अवैध धार्मिक ढांचों को हटाया गया.
उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में देव भूमि हरिद्वार में जिला प्रशासन ने एक अवैध मजार पर बुलडोजर चलवाया. यह मजार तीर्थ सनातन नगरी के गढ़मीरपुर तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई गई थी. अब धामी सरकार ने बुलडोजरों से इसे ध्वस्त कर दिया है. हालांकि, इस अवैध संरचना के नीचे किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले.
जानकारी के मुताबिक हरिद्वार जिला प्रशासन ने सुमन नगर , सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई अवैध मजार पर कार्रवाई करने से एक माह पहले यहां नोटिस दिया था. नोटिस में खादिमों को भूमि और निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा था. समय मियाद बीत जाने के बाद आज सुबह इस अवैध संरचना को ध्वस्त कर दिया गया.
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सिंचाई विभाग की भूमि को किया गया अतिक्रमण मुक्त
इस मौके पर मौजूद एसडीएम जितेन्द्र सिंह ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कारवाई से पहले ही खादिमों ने अपने जरूरी सामान को स्वयं हटा लिए थे. सिंचाई विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने से पहले सभी प्रकार की आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई थी. उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने के लिए सरकार अभियान चला रही है और इसी अभियान के तहत ये कारवाई की गई है. इस अभियान में करीब 10 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया.
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड विशेषकर सनातन क्षेत्र हरिद्वार का सांस्कृतिक स्वरूप बना रहे इसके लिए सरकार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार इस दिशा में काम कर रही है और अभी तक 600 ऐसी अवैध संरचनाओं को हटाया जा चुका है, जहां हरी नीली चादर बिछाकर पाखंड का धंधा चलाया जाता था. अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किये गए हैं.
























