Ayodhya Parikrama 2022: दो साल बाद अयोध्या में 14 कोशी परिक्रमा, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
14 कोसी परिक्रमा में आनेवाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम का दावा किया है. 2 नवंबर की रात 10 बजे तक 14 कोसी परिक्रमा के दौरान नेशनल हाइवे बंद कर दिया गया है.

Ayodhya News: अयोध्या में अक्षय नवमी से मंगलवार की रात 12:48 बजे 14 कोसी परिक्रमा शुरू हो गई और समापन बुधवार की रात 10:33 बजे होगा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं. प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम का दावा किया है. कोरोना के चलते दो साल से 14 कोसी परिक्रमा बाधित थी. इस बार बड़ी संख्या में परिक्रमार्थी अयोध्या पहुंच रहे हैं. 20 लाख के आसपास श्रद्धालुओं की तादाद रहने की उम्मीद है. कार्तिक मास में 3 परिक्रमाएं होती हैं. 14 कोसी, 5 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा.
आज रात से शुरू होगी अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा
14 कोसी परिक्रमा का मतलब होता है अयोध्या समेत पूरे नगर की परिक्रमा. इसका दायरा 14 कोस का होता है. 5 कोसी परिक्रमा राम जन्मभूमि के चारों तरफ 5 कोस के दायरे में की जाती है. 84 कोसी परिक्रमा पूरे अवध क्षेत्र की होती है. इसके दायरे में अंबेडकरनगर, गोंडा और बस्ती के क्षेत्र भी आते हैं. कहते हैं परिक्रमा करनेवाला जाने अनजाने में किए गए पाप से मुक्त हो जाता है. राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास बताते हैं कि 14 कोसी परिक्रमा एक नवंबर को 12:48 बजे रात में शुरू होकर पूरे दिन चलगी. परिक्रमा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यापक तैयारी की है.
2 नवंबर की रात 10 बजे तक नेशनल हाइवे रहेगा बंद
एक नवंबर की दोपहर बाद से 2 नवंबर की रात 10 बजे तक 14 कोसी परिक्रमा के दौरान नेशनल हाइवे बंद कर दिया गया है. लखनऊ से गोरखपुर, बस्ती, गोंडा जाने वाले वाहनों को सुल्तानपुर के कादीपुर से डायवर्ट किया जा रहा है. पूरे परिक्रमा मार्ग को जोन और सेक्टर में बांट कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. परिक्रमा के बाद विश्राम करने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं.
डीएम नितीश कुमार ने बताया कि 14 कोसी परिक्रमा के बाद 5 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा भी होनी है. इसी बीच कार्तिक पूर्णिमा स्नान भी है. इसलिए सभी विभागों की बैठक कर इंतजाम को पुख्ता करने के आदेश दिए गए हैं. अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. उनकी अच्छी मेजबानी के लिए मजिस्ट्रेट को अलग-अलग सेक्टर में बांट दिया है और संबंधित कार्य स्थल पर ड्यूटी लगा दी गई है. परिक्रमा लगातार चलती है और 15 से 20 लाख लोग आ जाते हैं. इसलिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है.
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Source: IOCL
























