राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हल्दीघाटी में अतिक्रमण पर रोक, शौर्य स्थलों के संरक्षण के आदेश
Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने हल्दीघाटी और रक्त तलाई की दुर्दशा पर चिंता जताई है, जो अतिक्रमण और गंदगी से ग्रस्त हैं. कोर्ट ने प्रशासनिक उदासीनता को 'कर्तव्य की उपेक्षा' कहा है.

राजस्थान हाईकोर्ट ने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास के प्रतीक हल्दीघाटी दर्रा और रक्त तलाई की दुर्दशा पर कड़ा संज्ञान लिया है. एक स्वतः संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ऐतिहासिक स्थलों के "पिकनिक स्पॉट" में तब्दील होने पर गहरी चिंता जताई और प्रशासनिक उदासीनता को "कर्तव्य की उपेक्षा" करार दिया है.
कोर्ट ने अपने अवलोकन में कहा कि जिस हल्दीघाटी की माटी शौर्य की गाथा कहती है, वह आज अतिक्रमण, शराब की बोतलों और गंदगी की भेंट चढ़ चुकी है. याचिका में यह उजागर किया गया कि रक्त तलाई जैसा पवित्र स्थल, जहाँ योद्धाओं के रक्त से तालाब लाल हो गया था, आज दिन में प्रेमियों की शरणस्थली और रात में नशेड़ियों के अड्डे के रूप में दुरुपयोग हो रहा है.
अतिक्रमण और सीवेज पर हाईकोर्ट के कड़े सवाल
हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक स्थलों के पास खुले सीवेज, अवैध निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पहाड़ियों को समतल किए जाने को संविधान के अनुच्छेद 21 और 49 का उल्लंघन बताया. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 2024 के बजट में घोषित 100 करोड़ रुपये की 'महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट' योजना केवल कागजों तक ही सीमित क्यों है?
कोर्ट के अंतरिम निर्देश: 28 जनवरी तक मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं कि कोर्ट की अनुमति के बिना इन स्थलों पर किसी भी नए निर्माण या विस्तार पर तत्काल प्रतिबंध. 15 दिनों के भीतर कचरा, खरपतवार और गंदगी हटाने का विशेष अभियान चलाया जाए. स्थलों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 24 घंटे सुरक्षा और कार्यवाहकों की नियुक्ति की जाए. ऐतिहासिक ढलानों पर पार्किंग प्रतिबंधित की जाए और गंदगी फैलाने वालों पर भारी जुर्माना लगे.
'प्रशासनिक विफलता कर्तव्य की उपेक्षा'
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ पुरातत्व विभाग (ASI) को नोटिस जारी किया है. अधिवक्ता निखिल भंडारी ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि धरोहरों की रक्षा के लिए अवैध अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई अनिवार्य है.
ऐतिहासिक महत्व
1576 में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हुआ हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का सबसे निर्णायक अध्याय है. रक्त तलाई वह स्थान है जहाँ बलिदान की पराकाष्ठा हुई थी. हाईकोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद जगी है कि इन स्थलों का खोया हुआ गौरव पुनः बहाल होगा.
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