एक्सप्लोरर

'500 करोड़ खर्च किए तब जाकर 6 तंदरुस्त गद्दार पैदा हुए... इनका मां-बाप कौन?' बागी सांसदों पर संजय राउत का हमला

Maharashtra Politics: र्टी के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे का दामन थाम लिया है. इस बीच  शिवसेना यूबीटी के मुखपत्र सामना में महायुति पर जमकर हमला बोला गया.

महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से राजनीतिक घमासान जारी है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. पार्टी के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे का दामन थाम लिया है. इस बीच  शिवसेना यूबीटी के मुखपत्र सामना में महायुति पर जमकर हमला बोला गया. सामना के संपादकीय में संजय राउत ने लिखा महाराष्ट्र के सामने अनगिनत सवाल मुंह बाए खड़े हैं. उन सवालों की चिंता सरकार के चेहरे पर रत्ती भर भी नजर नहीं आती. 

सामना के संपादक संजय राउत ने आगे लिखा कि विधानमंडल के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर फडणवीस, शिंदे, सुनेत्रा पवार एक साथ आए. वैसे तो फडणवीस और शिंदे-मिंधे गुट में आपसी मतभेद हैं ही, लेकिन सोमवार (22 जून) को जारी हुई उनकी तस्वीर भी इसी बात की गवाही दे रही है. फडणवीस जब बोल रहे थे, तब शिंदे दूसरी तरफ देख रहे थे. 

मुख्यमंत्री फडणवीस को महाराष्ट्र के मुद्दों पर बोलना चाहिए था, लेकिन वे शिवसेना में हुई गद्दारी पर बोले. ‘गद्दारी’ सफल होने पर फडणवीस ने संतोष जताया. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘गद्दारी का ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की हालत ठीक है.’’ संक्षेप में उनका कहना था कि शिंदे प्रसूता हुए और उन्होंने एक साथ छह तंदुरुस्त गद्दारों को जन्म दिया. यह प्रसव सामान्य नहीं था. इसे सफल बनाने के लिए कम से कम 500 करोड़ रुपए खर्च हुए. 

'इन बच्चों के असली बाप कौन?'

संजय राउत ने तीखा हमला बोलते हुए लिखा, "अब इन बच्चों के असली बाप कौन हैं, इस पर संशोधन चल रहा है. शिंदे ने छह गद्दारों को जन्म दिया, इस पर फडणवीस ने खुशी जताई. दिल्ली में अमित शाह भी पेड़े बांट रहे हैं. महाराष्ट्र में कभी स्वाभिमानी छत्रपति शिवराय का नाम लेते ही गद्दारों के पसीने छूट जाते थे. लेकिन अब शिवराय के स्वाभिमानी विचारों की लकीर छोटी करके गद्दारी की लकीर बड़ी करने का आनंद फडणवीस ले रहे हैं. 

राउत का कहना है कि गद्दारी ही महाराष्ट्र की पहचान बन गई है. महाराष्ट्र के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा है, फिर भी फडणवीस गद्दारों की तारीफ में संतोष जता रहे हैं, यह ठीक नहीं है. बारिश लंबी खिंचने के कारण पानी की भारी किल्लत का संकट खड़ा हो गया है. इसके चलते जल्द ही ग्रामीण जनता का पलायन होगा. 

देवेंद्र फडणवीस पर बोला करारा हमला

संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर करारा हमला बोला है. उन्होंने लिखा, "किसानों के मवेशियों के चारे-पानी का सवाल खड़ा हो जाएगा, लेकिन शिवसेना के छह सांसदों को पचास-सौ करोड़ में तोड़ने से उसका फायदा ग्रामीण इलाकों के सूखाग्रस्त किसानों को मिलेगा, शायद फडणवीस को ऐसा लगता होगा. मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सात बांधों में पानी का भंडार साढ़े आठ फीसदी पर आ गया है." 

उन्होंने आगे लिखा, "राज्य के अन्य हिस्सों में बांध, तालाब, जलाशय भी सूख गए हैं. पेड़-पत्ते झुलस गए हैं. पानी की कटौती शुरू हो चुकी है. लोगों के गले अभी से सूख रहे हैं, लेकिन छह गद्दार सांसदों का ‘फोटो-सेशन’ हो और शिंदे का प्रसव सकुशल होने की खबर उछाली जाए, इसके लिए पैसों की बारिश की जा रही है." 

नीट को लेकर संजय राउत ने फिर खड़े किए सवाल

संजय राउत ने संपादकीय में लिखा, "सवाल तो ‘नीट’ पेपर लीक का भी है ही. ‘नीट’ पेपर लीक का केंद्र महाराष्ट्र में है और राज्य से इस मामले में जो लोग पकड़े गए वेबीजेपी परिवार के हैं. युवाओं के भविष्य से महाराष्ट्र कीबीजेपी ने खिलवाड़ किया है. इस एक मुद्दे पर विपक्ष को विधानसभा का सत्र ठप कर देना चाहिए. फडणवीस से जवाब तलब किया जाना चाहिए, ऐसा यह मामला है. राज्य में किसानों की कर्जमाफी पर अब भी सवालिया निशान है. 

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के साथ फिर होगा खेला? पार्टी मीटिंग में नहीं पहुंचे 3 विधायक और एक MLC

शिवसेना यूबीटी की ओर से कहा गया कि फडणवीस ने ऐलान किया कि किसानों की कर्जमाफी स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन फिर किसानों को सक्षम कैसे करेंगे? किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए और फसल बीमा योजना का लाभ सही तरीके से मिलना चाहिए. मगर ऐसा नहीं हो रहा. ‘विधायक-सांसद’ ही फिलहाल ‘माल’ बन गए हैं और इस ‘माल’ को जोरदार भाव मिल रहा है. 

संजय राउत ने किसानों-बेरोजगारी का उठाया मुद्दा

संजय राउत ने आखिर में लिखा, "इसके लिए सत्ताधारी दलों के पास बेतहाशा पैसा है, लेकिन किसानों को इन लोगों ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है. किसानों की आत्महत्याएं रुकी नहीं हैं. फिर फडणवीस-मिंधे की सरकार किस काम की? विदर्भ, मराठवाड़ा सूखे के संकट में हैं. बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है. लाड़ली बहनों के साथ धोखा रुका नहीं है. 81 लाख लाड़ली बहनों का पैसा बंद कर दिया गया है. चुनाव खत्म होते ही शासकों ने बहनों को भगवान भरोसे छोड़ दिया. लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का स्थान महत्वपूर्ण होता है." 

संजय राउत ने आगे लिखा, "आज महाराष्ट्र के दोनों विधायी सदनों में विपक्ष का नेता नहीं है. क्योंकि विपक्ष का नेता सरकार को बेनकाब करता है, सवाल पूछता है, ऐसा डर सत्ताधारियों को है. यह लोकतंत्र का पतन है. मिंधे, फडणवीस की भ्रष्ट सांठ-गांठ के कारण महाराष्ट्र 25साल पीछे धकेल दिया गया है. राज्य की प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल गई है.

उन्होंने आगे लिखा, "शिंदे की राजनीति, पैसे का घमंड एक दिन फडणवीस को भी मुश्किल में डालेगा. क्योंकि दिल्ली के एक गुट की फडणवीस के खिलाफ मिंधे को खुली शह है, यह जाहिर हो चुका है. महाराष्ट्र के सवालों को हवा में छोड़कर मुख्यमंत्री फडणवीस मिंधे के प्रसव पर बोलते हैं और पेड़े बांटते हैं. मिंधे ‘प्रसूता’ हुए. उन्हें छह गद्दार हुए. अब उन गद्दारों के असली मां-बाप कौन हैं? इतना तो मुख्यमंत्री को घोषित कर ही देना चाहिए."

उद्धव गुट के बागी सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल, डिप्टी सीएम बोले- 'मेरे 6 टाइगर...'

नम्रता अरविंद दुबे 10 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न मुद्दों को कवर कर रही हैं. वर्तमान में ABP न्यूज़ में बतौर संवाददाता कार्यरत हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'बिना देखे वंदे मातरम् सुना दें PM मोदी और अमित शाह', संजय राउत ने कर दिया चैलेंज
'बिना देखे वंदे मातरम् सुना दें PM मोदी और अमित शाह', संजय राउत ने कर दिया चैलेंज
कल्याण हत्या मामला: दृश्यम' स्टाइल में युवक का मर्डर, बोरे में मिला शव, फरार प्रेमिका की तलाश जारी
कल्याण हत्या मामला: दृश्यम' स्टाइल में युवक का मर्डर, बोरे में मिला शव, फरार प्रेमिका की तलाश जारी
मौत का खेल! वसई रोड स्टेशन पर शॉर्टकट के चक्कर में युवक ने दांव पर लगाई जान, रोंगटे खड़े कर देने वाला VIDEO वायरल
मौत का खेल! वसई रोड स्टेशन पर शॉर्टकट के चक्कर में युवक ने दांव पर लगाई जान, रोंगटे खड़े कर देने वाला VIDEO वायरल
FIFA World Cup Final 2026: स्पेन और अर्जेंटीना के फाइनल मैच से पहले फुटबॉल फैन्स को महाराष्ट्र सरकार का तोहफा, लिया गया बड़ा फैसला
फीफा फाइनल: स्पेन और अर्जेंटीना के फाइनल मैच से पहले फुटबॉल फैन्स को तोहफा, लिया गया बड़ा फैसला
Advertisement

वीडियोज

₹3.20 लाख का Electric Auto! Youdha ePOD Review | 227 KM Range | Worth Buying?
पुलिस थाने पर शराबी का कब्जा!
Hyundai Alcazar Long Term Review & E20 Petrol Mileage Test | #hyundai #alcazar #review #autolive
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? Part 2 | #nitingadkari #e20fuel #autolive
Man Atisundar:🙈radhya से 'I love you' सुनने के लिए तड़पा Pratham, लाख कोशिशों बाद नखरे बरकरार #sbs
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज, कॉकरोच जनता पार्टी का पहला रिएक्शन, कहा- 'ये तो एकदम...'
संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज, कॉकरोच जनता पार्टी का पहला रिएक्शन, कहा- 'ये तो एकदम...'
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से दिल्ली पुलिस ने किया इनकार, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजने के आए थे कई वीडियो
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से दिल्ली पुलिस ने किया इनकार, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजने के आए थे कई वीडियो
Explained: सोनम और अन्ना के एक ही हथियार, लेकिन दो अलग अंजाम... एक कामयाब और दूसरे की नाकामी की 5 बड़ी वजहें
सोनम और अन्ना के एक ही हथियार! दो अलग अंजाम... एक कामयाब और दूसरे की नाकामी की 5 बड़ी वजहें
'संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश...', संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले PM मोदी का देश को बड़ा मैसेज, पढ़ें क्या-क्या कहा
'संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश...', संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले PM मोदी का देश को बड़ा मैसेज
FIFA World Cup: अर्जेंटीना की हार का सबसे बड़ा गुनहगार कौन? किसकी वजह से टूटा Messi का सपना
अर्जेंटीना की हार का सबसे बड़ा गुनहगार कौन? किसकी वजह से टूटा Messi का सपना
'आप लोगों की तबीयत कैसी है?', सलमान खान की हेल्थ को लेकर परेशान हुए फैंस तो एक्टर ने पूछ डाला सवाल, अब शेयर कर दी ऐसी तस्वीरें
'आपकी तबीयत कैसी है?', सलमान खान की हेल्थ को लेकर परेशान हुए फैंस तो एक्टर ने पूछ डाला सवाल
सोनम वांगचुक की पत्नी फिर पहुंचीं हाई कोर्ट, पिछले फैसले को चुनौती, कहा- 'मेरे पति को अधिकार है कि...'
सोनम वांगचुक की पत्नी फिर पहुंचीं हाई कोर्ट, पिछले फैसले को चुनौती, कहा- 'मेरे पति को अधिकार है कि...'
Sonam Wangchuk Hunger Strike: नारियल पानी, शहद या जूस पिलाकर ही क्यों खत्म कराया जाता है अनशन, क्या है इसकी वजह?
नारियल पानी, शहद या जूस पिलाकर ही क्यों खत्म कराया जाता है अनशन, क्या है इसकी वजह?
Embed widget