FIFA World Cup: अर्जेंटीना की हार का सबसे बड़ा गुनहगार कौन? किसकी वजह से टूटा Messi का सपना
FIFA World Cup 2026: लियोनेल मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना का लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जीतने का सपना स्पेन ने तोड़ दिया. खिताबी मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम तक गया, जिसमें फेरन टोरेस ने एकमात्र गोल दागा

फीफा विश्व कप का फाइनल स्पेन ने जीत लिया, अर्जेंटीना का लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना टूट गया. इतिहास में सिर्फ 2 ही टीमें (ब्राजील और इटली) ऐसा कर सकी हैं. लियोनेल मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ऐसी तीसरी टीम बन सकती थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में तो स्पेन ने कोई मौका ही नहीं दिया और पूरे गेम में हावी रही. हालांकि अर्जेंटीना ने भी मैच टाइम तक गोल नहीं होने दिया, फिर वो कौन सा खिलाड़ी रहा जो हार का सबसे बड़ा गुनहगार साबित हुआ.
फाइनल में स्पेन शुरुआत से हावी नजर आ रही थी. लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव कर स्पेन को स्कोर नहीं करने दिया। स्पेन के कप्तान की अगुवाई में उनका मिडफील्ड शानदार रहा, जिनके पास अधिकतर बॉल कंट्रोल रहा. उनके कप्तान रॉड्री ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता, जबकि उनकी तरफ से पूरे सीजन कोई गोल नहीं हुआ. लेकिन फाइनल समेत अधिकतर मैचों में उन्होंने गेम को मिडफील्ड से चलाया, नियंत्रण बनाए रखा और डिफेंस को भी मजबूती दी. उन्होंने डिफेंस को कवर किया, जिसका नतीजा ये रहा कि बेल्जियम को छोड़कर उनके खिलाफ पूरे टूर्नामेंट में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी.
अर्जेंटीना की हार का सबसे बड़ा गुनहगार कौन?
हालांकि अर्जेंटीना के अधिकतर प्लेयर्स लियोनेल मेसी पर निर्भर दिखे, एक्स्ट्रा टाइम में उनके प्लेयर्स अधिक थकान में नजर आए. पूरे मैच में अर्जेंटीना अधिक डिफेंसिव नजर आई, जबकि गोल के कुछ ही मौके बनाए. किसी एक खिलाड़ी को हार का गुनहगार नहीं कहा जा सकता, लेकिन फिर भी सबसे बड़ी गलती एंजो फर्नांडीज की रही. उन्होंने 90 मिनट के बाद भी फाउल किया, जिससे उन्हें गेम का दूसरा येलो कार्ड मिला और फिर उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा.
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हालांकि एंजो फर्नांडीज को मिला पहला येलो कार्ड विवादित रहा, क्योंकि उनके टैकल से कोई गिरा नहीं था बल्कि वो तो खुद गिरे थे. लेकिन गिरते ही रेफरी ने मैच जारी रखने का इशारा किया तो एंजो ने गुस्से में कुछ कहा, इस पर रेफरी उनके पास आए और तुरंत येलो कार्ड दिखा दिया. ये किसी को समझ नहीं आया, शायद वह जानबूझकर गिरने का नाटक कर रहे थे और फाउल की मांग कर रहे थे इसलिए रेफरी ने ये किया. इससे अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा.
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106वें मिनट में जब पोरो ने गेंद गोलपोस्ट के करीब मारी तब मिकेल मोरिनो को 3 अर्जेंटीना के प्लेयर्स घेरकर खड़े हुए थे, जबकि फेरन टोरेस बिल्कुल खाड़ी खड़े थे. विलियम्स आर्थर ने गेंद बनाई और टोरेस ने आराम से किक ली. अगर अर्जेंटीना 11 प्लेयर्स के साथ होती तो शायद टोरेस को भी कवर किया जाता, और ये गोल नहीं होता.























