नासिक: आवारा कुत्तों पर विरोध पड़ा उलटा? शिवसेना नेता ने दी सफाई
महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक के खिलफ विरोद प्रदर्शन के तरीके पर अव सवाल उठ रहे हैं. इसपर पंचायत अधिकारियों ने आपत्ती जताई है. वहीं, विक्रम रंधावे ने सफाई दी है.

महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) की युवासेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया था. वो कार्यकर्ताओं के साथ निफाड नगर पंचायत कार्यालय बोरियों में कुत्तों को भरकर पहुंचे थे और इन्हें पंचायत के मुख्याधिकारी की टेबल पर छोड़ दिया था.
इसका वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद अब पंचायत अधिकारियों और विक्रम रंधावे की प्रतिक्रिया सामने आई है. रंधावे अपने कदम को सही बता रहे हैं तो अधिकारियों ने इसपर सवाल उठाये हैं.
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विक्रम रंधावे ने वीडियो पर क्या कहा?
अपने इस वायरल हो रहे वीडियो पर युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे ने मामले पर विवाद बढ़ने पर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा "निफाड शहर में स्वांग हर एक गली में15-20 हो गए हैं. महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों पर कई हमले हुए हैं. हमने कई बार चीफ ऑफिसर (CO) को इस बारे में बताया, लेकिन उन्होंने पिछले सात महीनों से इस मामले को लटकाए रखा है. हमने कॉर्पोरेशन की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था तब उन्होंने कहा कि एक्शन लेंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ."
#WATCH | Nashik, Maharashtra | Reacting to his viral video, Vikram Randhave, District Chief of Shiv Sena (UBT)'s Yuva Sena, said, "The number of stray dogs in Niphad city has increased... There have been several attacks on women, senior citizens, and children. We informed the… pic.twitter.com/tesVrs7mSv
— ANI (@ANI) September 18, 2026
अगर निफाड सिटी हॉस्पिटल के रिकॉड को दिखाते हुए उन्होंने बताया कि जून और जुलाई के बीच कुत्ते के काटने की 154 घटनाएं सामने आईं, और अगस्त में 151 घटनाएं हुईं. अगर हर महीने ऐसी घटनाएं होती हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. अगर देखें तो 6 महीनें में लगभी 900 से 1000 लोगों को कुत्तों ने काटा है, तो उनके खिलाफ एक्शन लेना किसकी जिम्मेदारी है?
रंधावे ने कहा कि हम भी जानवरों से प्यार करते हैं, लेकिन अगर जनता इस तरह परेशान हो रही है, तो हमें अधिकारियों को उनके कर्तव्यों की याद दिलानी होगी. हमने शिवसेना स्टाइल में विरोध किया और वहां दो आवारा पिल्ले ले गया था. अगर वो स्वान को हटायेंगे नहीं तो जनता इसके खिलाफ आंदोलन करेगी. सरकार अगर खर्चा दे रही है तो क्यों नगर निगम काम नहीं कर रहा है?
#WATCH | Nashik, Maharashtra | Reacting to the viral video of Vikram Randhave, who is District Chief of Shiv Sena (UBT)'s Yuva Sena, Dheeraj Bhamre, Chief Officer of Niphad Nagar Panchayat, Dheeraj Bhamre, Chief Officer of Niphad Nagar Panchayat, said, "Yesterday, a councilor,… pic.twitter.com/OkHsCtSHNF
— ANI (@ANI) September 18, 2026
मुख्य अधिकारी ने कहा-उठाये गए उचित कदम
वहीं, इस पूरे मामले पर निफाड नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे ने कहा, "कल एक पार्षद, उनके पति और तीन अन्य लोग मेरे ऑफ़िस आए. वो जबरदस्ती अंदर घुस आए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे. उनका कहना था कि आवारा कुत्तों के खिलाफ नगर पालिका की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. इसी मुद्दे को लेकर वो बहस कर रहे थे, हमने जब बात करने की कोशिश की तो वो बात करने के लिए तैयार नहीं थे और गाली-गलौज कर रहे थे.
धीरज भामरे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हमने पिछले एक साल में 75 कुत्तों का वैक्सीनेशन और नसबंदी किया है. ये प्रक्रिया अभी खंडित हो चुकी है. आगे हमने आगे की प्रक्रिया के लिए 2 बार टेंडर भी निकाला था लेकिन उसपर कोई रिसपॉंस नहीं मिला. हमने पार्षद को ये बातें समझाने की कोशिश की, लेकिन वो समझने के पक्ष में नहीं थे.
मुख्य अधिकारी ने पार्षद के इरादों पर उठाए सवाल
भामरे ने बताया कि पार्षद पिल्लों बोरी में बांधकर लाये और उनके डेस्क पर डाल दिया, इससे कुत्तों की जान को भी खतरा हो सकता था. इससे सहयोगियों को की जान को भी खतरा हो सकता था. भामरे ने पार्षद के इरादों पर सवाल खड़े किए और ये भी आरोप लगाया कि वो किसी दूसरे व्यक्ति के पिल्लों को बिना अनुमति के ही उठा लाये थे. भामरे ने जिला और पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि वो इस मामले में व्यवस्थित कार्रवाई करें और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दें.
भामरे ने साफ किया कि पंचायत द्वारा कुत्तों के लिए अस्थाई शेल्टर होम भी तैयार किये गए हैं, जहां वैक्सीनेशन और नसबंदी का काम हो रहा है. आगे भी ये जारी रहेगा. जिलाधिकारी की तरफ से जो भी फंड आया है उसी अनुसार एक शेलटर तैयार किया जाएगा. उन्होंने निफाड के नागरिकों से अपील की वो जगह-जगह कुत्तों को खाना न दें, केवल वहीं खाना दें जहां उनके लिए जगह बनाए गए हैं.
पशु अधिकार कार्यकर्ता ने कहा- विरोध जायज, तरीका गलत
इस पूरे मामले पर पशु अधिकार कार्यकर्ता विजय अंगारे ने कहा कि जिस तरह से शिवसेना UBT नेता विक्रम रंधावे बोरी में भरकर दो आवारा पिल्लों को ले गए और नगर परिषद के चीफ ऑफिसर की मेज पर छोड़ा था वो बिल्कुल सही कदम नहीं था. प्रशासन द्वारा यहां पशु नसबंदी कार्यक्रम पर ध्यान न देने के खिलाफ उनका विरोध जायज है, लेकिन विरोध करने का तरीका गलत था.
#WATCH | Nashik, Maharashtra | Reacting to the viral video of Vikram Randhave who is District Chief of Shiv Sena (UBT)'s Yuva Sena, Animal rights activist Vijay Angare said, "Since yesterday, a video has been going viral on social media in which Shiv Sena UBT leader Vikram… pic.twitter.com/RexC6NPD3A
— ANI (@ANI) September 18, 2026
विजय अंगारे ने कहा कि केवल राजनीतिक करियर या व्यूज पाने के लिए किसी जीवित प्राणी का इस्तेमाल करना बहुत गलत बात है. इसपर देशभर के एनीमल वेलफेयर समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई है. उन्होंने ये भी बताया कि जब इस मामले पर विक्रम से बात करने की कोशिश की तो पहले तो उन्होंने ऐसा कुछ करने से साफ मना कर दिया, लेकिन बाद में कहा कि इन कुत्तों को यहां से भरकर अपनी गाड़ी में ले जाओं. ये बहुत ही संवेदनहीन है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि नासिक जिले के निफाड शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा, लेकिन शिकायतों के बाद भी इसके खिलाफ कोई उचित कार्रवाई न होने के बाद युवासेना जिलाप्रमुख विक्रम रंधवे कुत्तों को बोरियों में भरकर कार्यकर्ताओं के साथ पंचायत के मुख्याधिकारी के दफ्तर ले गए और उनकी टेबल पर ही उन्हें छोड़ दिया था. प्रदर्शनकारियों ने मुख्याधिकारी को नोटों की माला पहनाने की भी कोशिश की थी. इसका वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसपर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.
नासिक: शिवसेना नेता ने पंचायत अधिकारी के टेबल पर छोड़ा आवारा कुत्ता





















