सरायकेला: दलमा की शान बना नन्हा हाथी ‘बादल’, महावतों की देखरेख में सीख रहा करतब
Seraikela Baby Elephant Badal: झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नन्हा मेहमान ‘बादल’ इन दिनों पर्यटकों और वनकर्मियों का चहेता बना हुआ है.

झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नन्हा मेहमान ‘बादल’ इन दिनों पर्यटकों और वनकर्मियों का चहेता बना हुआ है. इस हाथी के बच्चे को दिसंबर 2025 में कोल्हान के चाईबासा पोड़ाहाट जंगल से रेस्क्यू किया गया था. रेस्क्यू के बाद इसे चांडिल वन प्राणी आश्रयणी लाया गया था. अब यह हाथी का बच्चा दलमा की शोभा बढ़ा रहा है.
छह माह के ‘बादल’ की देखभाल के लिए वन विभाग ने दो अनुभवी महावत लगाए गए हैं. मुख्य महावत बुद्धू सिंह ने बताया, "हम सुबह, शाम और रात तीनों पहर बादल के साथ रहते हैं. उसे खाना खिलाने से लेकर नहलाने तक की पूरी जिम्मेदारी हमारी है."
Video: चीन की परियों का कमाल! 11 लड़कियों ने एक साइकिल पर सवार होकर दिखाया करतब, देखें वीडियो
गर्मी में दिन में 3-4 बार नहाता है बादल
भीषण गर्मी के कारण बादल दिन में तीन से चार बार पानी में उतरता है. नहाने के बाद वह फुटबॉल के साथ खेलता है और कई करतब दिखाता है. महावत को ‘बादल’ कहकर बुलाने पर वह आवाज निकालकर जवाब भी देता है. उसकी शरारतें देख पर्यटक खुश हो जाते हैं.
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बादल अब यहां के माहौल में पूरी तरह ढल गया है. वह पर्यटकों के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों से भी घुल-मिल गया है. बच्चे खासतौर पर उसे देखकर बहुत उत्साहित हो जाते हैं.
माकुलाकोचा हिरण पार्क में रजनी के साथ रहता है बादल
वर्तमान में माकुलाकोचा चेक नाका स्थित हिरण पार्क में बादल को रखा गया है. उसके साथ एक और मादा हाथी ‘रजनी’ भी है. दोनों को एक साथ देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक दलमा पहुंच रहे हैं.
डीएफओ दलमा ने बताया, "पोड़ाहाट जंगल से रेस्क्यू के समय बादल बहुत कमजोर था. अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन भी लगातार बढ़ रहा है. उसे प्राकृतिक माहौल देने की कोशिश की जा रही है ताकि भविष्य में उसे जंगल में छोड़ा जा सके." दलमा आने वाले पर्यटकों के लिए ‘बादल’ अब सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है.
Karnal News: कोबरा से खेलना पड़ा भारी, गले में डालकर करतब दिखा रहा था शख्स, डसते ही गई जान
Source: IOCL

























