Independence Day: दिल्ली के जेलों में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, 1497 कैदियों को मिली सजा में छूट
Independence Day 2025: दिल्ली जेल में स्वतंत्रता दिवस पर महानिदेशक ने ध्वजारोहण किया. 1497 कैदियों की सजा में छूट की घोषणा हुई. नरेला में नई जेल बनेगी, लामपुर डिटेंशन सेंटर जेल विभाग को सौंपा गया.

दिल्ली के जेल मुख्यालय में बड़े ही धूमधाम के साथ 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. कारागार महानिदेशक सतीश गोलछा ने राष्ट्रीय सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया. तिरंगे के लहराते ही पूरा परिसर ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा. अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों, सभी के चेहरों पर देशभक्ति का जोश साफ झलक रहा था और सभी आजादी के जश्न में खुश नजर आये.
आजादी उत्सव के जश्न का सबसे भावुक पल तब आया, जब महानिदेशक (जेल) ने कैदियों के लिए सजा में कमी की घोषणा की. उन्होंने कुल 1497 योग्य बंदियों को, उनके अनुशासन और अच्छे आचरण के आधार पर, 15 से 25 दिनों की सजा में छूट की घोषणा की. जिसे सुनते ही बंदियों की आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे, क्योंकि यह उनके लिए सिर्फ सजा के दिनों में कमी नहीं, बल्कि घरवालों से जल्दी मिल पाने का एक मौका भी था.
भीड़ घटाने के लिए नरेला में नई जेल
साथ ही यह घोषणा की भी गई कि दिल्ली की जेलों में भीड़ भाड़ को कम करने के लिए, नरेला में एक नई जेल का निर्माण किया जाएगा. जिसकी मंजूरी दिल्ली सरकार से मिल गयी है. इस पर 145.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह भी बताया गया कि, लामपुर डिटेंशन सेंटर का संचालन अब जेल विभाग को सौंप दिया गया है, जहां फिलहाल करीब 273 विदेशी बंदी रह रहे हैं. यह कदम जेल प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
कैदियों को सुधारने की नई पहल
जेल प्रशासन अब सजा से ज्यादा सुधार की दिशा में काम कर रहा है. शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. फिलहाल, 600 कैदियों को उस्मानिया यूनिवर्सिटी और बीपीआर एंड डी के सहयोग से उन्नति कॉग्निटिव बिहेवियरल प्रोग्राम की ट्रेनिंग दी जा रही है. सिलाई, बढ़ईगिरी और कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कई कोर्स भी चल रहे हैं, ताकि रिहा होने के बाद कैदी अपने पैरों पर खड़े हो सकें.
तकनीक से बदलेगा जेल सिस्टम
महानिदेशक ने बताया कि बीएनएस-2023, बीएनएसएस-2023 और बीएसए-2023 को लागू किया जा चुका है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैदियों की ऑनलाइन कोर्ट पेशी की व्यवस्था भी जल्द शुरू होगी. इसके अलावा, जेल सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इंटेलिजेंस सेल की स्थापना की गई है, जो हर गतिविधि पर नजर रखेगा. वहीं, कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर भी जेल प्रशासन गंभीर है. अब जेल के भीतर ही विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात रहेंगे, ताकि गंभीर बीमारियों का तुरंत इलाज हो सके.
पिछले साल 3247 नए पद सृजित किए गए, जिन पर जेल स्टाफ को पदोन्नति दी गई. इसके साथ ही 1697 वार्डर और 93 सहायक अधीक्षक के पदों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
ये तस्वीर तिहाड़ जेल प्रशासन के द्वारा उपलब्ध करवाया गया है.
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Source: IOCL
























