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दिल्ली में विश्व पुस्तक मेला: सेना का इतिहास और 35 देशों की भागीदारी, फ्री मिल रही एंट्री
World Book Fair 2026: दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला शुरू हो गया है, जिसमें प्रवेश निःशुल्क है. इस बार 35 से अधिक देश भाग ले रहे हैं, कतर गेस्ट ऑफ ऑनर है.
दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आज से नौ दिवसीय विश्व पुस्तक मेले की शुरुआत हो गयी है. पुस्तक प्रेमियों के लिए इस साल का यह विश्व पुस्तक मेला कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है. जहां एक तरफ पहली बार मेले में प्रवेश को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की अभूतपूर्व भागीदारी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बना दिया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस विश्व पुस्तक मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर औपचारिक रूप से मेले का शुभारंभ किया.
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इस संस्करण की थीम भारतीय सेनाओं के 75 वर्ष के गौरवशाली इतिहास पर आधारित है. इसी थीम के अनुरूप प्रकाशन विभाग अंग्रेजी, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों की विविध श्रृंखला पेश कर रहा है. सैन्य इतिहास से लेकर राष्ट्र निर्माण की कहानियां पाठकों के लिए खास होंगी. जबकि थलसेना, नौसेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी पाठकों के लिए इस मेले को और भी खास बना देगी. आयोजकों के अनुसार, आयोजन के दौरान 50 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना है, जिससे मेला न केवल साहित्यिक बल्कि राष्ट्रीय महत्व का मंच भी बनेगा.
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विश्व पुस्तक मेले में इस बार अंतरराष्ट्रीय रंग और गहरा होगा. इस मेगा इवेंट में 35 से अधिक देश भाग ले रहे हैं. कतर को गेस्ट ऑफ ऑनर का दर्जा दिया गया है, जबकि स्पेन को फोकस कंट्री के रूप में चुना गया है. रूस, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, जापान, पोलैंड, अर्जेंटीना और लिथुआनिया जैसे देश भी इस वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे. मेले की गरिमा को और ऊंचा करने के लिए 11 देशों से विश्व पुस्तक मेलों के निदेशक भी इसमें शिरकत कर रहे हैं.
Published at : 10 Jan 2026 11:16 PM (IST)
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