Waqf Amendment Bill: पटना में जिस जमीन पर वक्फ ने ठोका था दावा वहां अब मनाई जा रही खुशियां, लोगों की जगी उम्मीद
बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड ने गोविंदपुर की एक जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के परिवारों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया था. इन लोगों को अब राहत मिली है.

Waqf Amendment Bill: राजधानी पटना जिले के फतुहा नगर परिषद स्थित गोविंदपुर गांव में एक अलग ही नजारा देखने को मिला. केंद्र सरकार जरिए लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पास होने की खबर मिलते ही गांव के पीड़ित लोग खुशी से झूम उठे. उन्होंने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया. यह खुशी उन परिवारों की थी, जो पिछले कई महीनों से वक्फ बोर्ड के एक फैसले से परेशान थे.
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दिया था नोटिस
दरअसल, बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड ने गोविंदपुर की एक जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के परिवारों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी की थी. इस नोटिस से गांव में तनाव का माहौल बन गया था. पीड़ितों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जहां उन्हें राहत मिली.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, संसदीय संयुक्त समिति के सदस्य डॉ. संजय जायसवाल, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान और पूर्व प्रत्याशी ई. सत्येन्द्र कुमार सिंह ने भी गोविंदपुर का दौरा किया था. उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था.
वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगेगी लगाम
गांव के लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार के जरिए पारित वक्फ संशोधन बिल से उनको एक नई उम्मीद दिखी है. इस बिल के प्रावधानों से वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगेगी और पीड़ितों को न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी.
वहीं जेडीयू के कई मुस्लिम नेताओं ने इस बिल का विरोध किया है. उनका कहना है कि यह विधेयक संविधान के मौलिक अधिकारों का हनन करता है. इस कानून के जरिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और यह पसमांदा समुदाय के खिलाफ भी है. इन नेताओं का कहना है कि यह फैसला मुसलमानों का अपमान करने जैसा है.
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Source: IOCL





















