Bihar: मोतिहारी में भारत-नेपाल सीमा से SSB ने 3 बांग्लादेशी घुसपैठिए को दबोचा, एक मददगार भी अरेस्ट
Bihar News: भारत-नेपाल सीमा से एसएसबी ने नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में घुसपैठ कर रहे 3 बांग्लादेशी नागरिकों और उनकी मदद कर रहे एक भारतीय युवक को गिरफ्तार किया है.

मोतिहारी में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं बटालियन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है. एसएसबी ने नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर रहे 3 बांग्लादेशी नागरिकों और उनकी मदद कर रहे एक भारतीय युवक को गिरफ्तार किया है. इस घटना के बाद सीमा सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं.
बुधवार (31 दिसंबर) को एसएसबी को सीमा क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद जवानों ने तुरंत हरकत में आते हुए इलाके में घेराबंदी की. जांच के दौरान 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ और तलाशी में सामने आया कि इनमें से 3 लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि चौथा व्यक्ति भारतीय है, जो उन्हें सीमा पार कराने में मदद कर रहा था.
पासपोर्ट मिला, लेकिन वीजा नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों के पास पासपोर्ट तो मौजूद था, लेकिन भारत आने के लिए कोई वैध वीजा नहीं था. आरोप है कि ये लोग नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे. वहीं, उनके साथ मौजूद भारतीय युवक के पास से आधार कार्ड बरामद किया गया है, जिससे उसकी पहचान पक्की हो सकी.
एसएसबी द्वारा पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान एमडी ओल्यूर रहमान पिता बिलाल हुसैन, एमडी सोफाज पिता अब्दुल मुनाफ और एमडी फिरोज पिता मो. मुजामिल के रूप में हुई है.
इन तीनों की मदद कर रहा भारतीय युवक मो. सरफराज अंसारी पिता एजाज अंसारी बताया जा रहा है, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया थाना क्षेत्र का निवासी है. शुरुआती जांच में सामने आया कि सरफराज ही इन लोगों को सीमा पार कराने और आगे ठिकाना दिलाने में मुख्य भूमिका निभा रहा था.
इस गिरफ्तारी के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. आखिर ये बांग्लादेशी नागरिक भारत में क्यों आ रहे थे? उनका असली गंतव्य क्या था? क्या इनके लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे? इन सभी बिंदुओं पर खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं. फिलहाल सुरक्षा कारणों से ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
मैत्री पुल पर पकड़े गए संदिग्ध
47वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट संजय पांडेय ने फोन पर बताया कि इन सभी को मैत्री पुल पर रोजाना की जांच के दौरान संदेह के आधार पर रोका गया था. पूछताछ में संदेह गहराने पर टीम ने सभी को हिरासत में ले लिया. उन्होंने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इन्हें संबंधित हरैया थाना को सौंपने की तैयारी की जा रही है.
घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा, खासकर रक्सौल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है. एसएसबी और अन्य एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि भविष्य में इस तरह की अवैध घुसपैठ की कोई कोशिश सफल न हो सके.
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Source: IOCL
























