नीतीश कुमार की पार्टी का BJP में होगा विलय? बिहार में सियासी भविष्यवाणी
नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को लेकर प्रशांत किशोर ने दावा किया है. पीके ने यहां तक कहा है कि बिहार में जेडीयू को अमित शाह चला रहे हैं. पढ़िए पीके ने और क्या कुछ कहा है.

बिहार एमएलसी चुनाव (2026) के बीच जेडीयू के दो नेता अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच खटपट की तस्वीर सबके सामने है. दोनों नेताओं के बीच समझौते के लिए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए. इस बीच एक ऐसी भविष्यवाणी की गई है कि बिहार के सियासी गलियारे में खलबली मच जाएगी.
जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है. रविवार (04 अक्टूबर, 2026) को प्रशांत किशोर मुजफ्फरपुर में मीडिया से बात कर रहे थे. पीके ने जेडीयू में दरार से जुड़े सवालों पर कहा कि पार्टी के ताकत नीतीश कुमार थे. अब उनका कोई नेता नहीं है. आगे जेडीयू का वियोजन-संयोजन बीजेपी में होना तय है.
'जेडीयू को चलाते हैं अमित शाह'
पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने तो यहां तक दावा किया कि जेडीयू को बिहार में अमित शाह चलाते हैं. पीके की ओर से दिए गए इस तरह के बयान के बाद अब देखना होगा कि जेडीयू की ओर से क्या कुछ कहा जाता है.
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'7वां वेतनमान दिलाना मेरी गारंटी'
दूसरी ओर रविवार को मुजफ्फरपुर में शिक्षक संवाद में शामिल होने पर पीके ने कहा, "सभी वर्गों के शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले 7वां वेतनमान दिलाना मेरी गारंटी और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों के शोषण पर रोक के लिए राज्य स्तर पर मानक बने… तिरहुत निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के स्नातक उम्मीदवार के जीतने पर 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी देंगे."
प्रशांत किशोर ने विपक्ष के 7वें वेतनमान के वादे पर सवाल उठाने पर कहा, "सत्ता में तो जन सुराज आज भी नहीं है, फिर एक करोड़ बुजुर्गों की पेंशन 400 से 1100 और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को चार लाख से दो लाख करने के बाद वापस चार लाख कैसे कराया? क्योंकि समाज को मालूम है कि हमने अगर आवाज उठाई है तो सोच-समझकर उठाई होगी, हमारा लक्ष्य विधायक बनना, सत्ता-विपक्ष में आना नहीं, बिहार में सुधार करना है."
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