कांग्रेस के लोग मानने लगे SIR सही? चिराग पासवान की पार्टी का दावा
नालंदा में सांसद अरुण भारती ने एसआईआर पर राहुल गांधी के सवालों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष यूपी और पंजाब चुनाव के लिए गलत नैरेटिव बना रहा है.

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी बिहार में इस प्रक्रिया की वैधता को बरकरार रख चुका है. मंगलवार (13 अक्टूबर, 2026) को अरुण भारती बिहार के नालंदा में थे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया.
अरुण भारती ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास सरकार की नीतियों को लेकर कोई ठोस विचार नहीं है. इसलिए वह कथित तौर पर गलत नैरेटिव बनाकर उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव जीतना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इन मंसूबों पर पानी फिर जाएगा.
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
अरुण भारती ने कहा कि एसआईआर को लेकर राहुल गांधी के सवालों के बावजूद अब कांग्रेस के नेता भी धीरे-धीरे इस प्रक्रिया को स्वीकार कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जनता को भी धीरे-धीरे समझ आएगा कि राहुल गांधी के पास सरकार की नीतियों को लेकर कोई स्पष्ट विचार नहीं है.
यूपी और पंजाब चुनाव को लेकर कांग्रेस पर हमला
अरुण भारती ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर को मुद्दा बनाकर उत्तर प्रदेश और पंजाब में राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जनता धीरे-धीरे कांग्रेस के नैरेटिव को समझेगी और पार्टी के मंसूबे सफल नहीं होंगे.
नालंदा, बिहार: LJP (R) सांसद अरुण भारती ने कहा, "..राहुल गांधी जो लगातार SIR पर सवाल उठा रहे हैं... सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि SIR सही हुआ था। अब कांग्रेस के नेता भी धीरे-धीरे मान रहे हैं। धीरे-धीरे जनता को भी पता चलेगा कि राहुल गांधी के पास सरकार की किसी नीति को लेकर कोई विचार है ही नहीं..."
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 13, 2026
क्या है एसआईआर और क्यों हो रहा विवाद?
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की विशेष गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है. बिहार में 2025 में इस प्रक्रिया के दौरान करीब 65 लाख मतदाता मसौदा सूची से बाहर रह गए थे.
विपक्ष ने उठाए पारदर्शिता और नाम कटने के सवाल
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए. विपक्ष ने मतदाता सूची के ऑडिट और नाम हटाने के मामलों में स्पष्ट जानकारी देने की मांग भी उठाई है. राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं ने 12 अक्टूबर 2026 को एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
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