राज्यसभा चुनाव: संजय झा ने CM नीतीश कुमार को सौंपा जीत का प्रमाण-पत्र, बता दी आगे की रणनीति
Rajya Sabha Election Results: नीतीश कुमार जेडीयू से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार थे. प्रथम वरीयता के आधार पर 44 वोट मिले हैं. बीते सोमवार को रिजल्ट के बाद वे अपना सर्टिफिकेट नहीं ले पाए थे.

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर वोटिंग में एनडीए के सारे उम्मीदवारों की जीत हुई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रथम वरीयता के आधार पर 44 वोट मिले. हालांकि वे सोमवार को जीत का सर्टिफिकेट नहीं ले पाए थे. उनकी जगह संजय गांधी ने प्रमाण-पत्र लिया था. आज (17 मार्च, 2026) उसे जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश कुमार को सौंप दिया.
प्रमाण-पत्र सौंपते हुए संजय झा ने तस्वीर को अपने एक्स हैंडल से शेयर किया है. उन्होंने लिखा, "आज माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र सौंपने का अवसर मिला. इस दौरान पार्टी नेता श्री संजय कुमार सिंह 'गांधी जी' भी उपस्थित रहे. उनका सार्वजनिक जीवन नागरिकों की सेवा और बिहार के विकास को समर्पित रहा है. राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उनके विचार और काम में हमेशा एक नयापन देखने को मिला है."
आज माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र सौंपने का अवसर मिला। इस दौरान पार्टी नेता श्री संजय कुमार सिंह 'गांधी जी' भी उपस्थित रहे।
— Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) March 17, 2026
उनका सार्वजनिक जीवन नागरिकों की सेवा और बिहार के विकास को समर्पित रहा है। राज्य से लेकर राष्ट्रीय… pic.twitter.com/k6nTfFPeRY
यह भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव के आरोपों पर JDU का बड़ा बयान, AD सिंह की हार का कारण कौन?
'राज्य सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे नीतीश कुमार'
जीत का सर्टिफिकेट देने के साथ ही संजय कुमार झा ने आगे की रणनीति को लेकर भी बड़ी बात कह दी. अपने पोस्ट में उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर यह भी साफ किया है कि राज्यसभा में उनकी उपस्थिति से बिहार के विकास को नई गति मिलेगी. साथ ही राज्य सरकार को भी नीतीश कुमार आगे अपना मार्गदर्शन देते रहेंगे.
एनडीए की जीत पर क्या बोले संजय कुमार झा?
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए के सभी प्रत्याशियों की जीत से नेता गदगद हैं. नतीजों पर संजय कुमार झा ने कहा, "हम शुरुआत से कह रहे थे कि समर्थन के अनुसार पांचों सीटों पर हमारे उम्मीदवार आराम से जीतेंगे. जो नंबर का खेल है, उसमें एनडीए को कोई बहुत समस्या तो थी नहीं और उसी के अनुसार नतीजे भी आए. बिहार में आगे बहुत काम भी होना है इसलिए बहुत लोग चाहते भी हैं कि उनके क्षेत्र का काम हो..."
यह भी पढ़ें- बिहार कांग्रेस में कलह! वोट नहीं देने वाले विधायकों के आरोप पर भड़के राजेश राम, 'BJP के चंगुल…'




















