बिहार में शिक्षा सुधार के लिए क्या करेगा महागठबंधन? घोषणा पत्र में मदरसों पर भी बड़ा ऐलान
Mahagathbandhan Manifesto: महागठबंधन ने ऐलान किया है कि बिहार में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की फीस व संचालन के नियमन के लिए कानून बनाया जाएगा. शिक्षा क्षेत्र में संविदा प्रणाली समाप्त की जाएगी.

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन के नेताओं ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. महागठबंधन ने इस घोषणापत्र को 'तेजस्वी प्रण' के नाम से जारी किया है. महागठबंधन के इस घोषणापत्र में कई मुद्दों पर ध्यान दिया गया है, हालांकि सबसे बड़ा मुद्दा इसमें शिक्षा सुधार का है.
बिहार में शिक्षा सुधार के लिए महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र में 29 बिंदु दिए हैं, जिसमें शिक्षा सुधार को लेकर कई वादे हैं. जिसमें कहा गया है कि केंद्र की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के दुष्प्रभावों की समीक्षा की जाएगी और गुणवत्तापूर्ण तथा समान शिक्षा के लिए वैकल्पिक शिक्षा नीति तैयार करने की दिशा में पहल की जाएगी. समान स्कूल प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी. वित्त-रहित शिक्षा नीति समाप्त की जाएगी और सम्बद्धता प्राप्त डिग्री कॉलेजों का अधिग्रहण (टेक-ओवर) कर प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी.
इसके साथ ही प्रत्येक अनुमंडल में महिला कॉलेज की स्थापना की जाएगी और कुल 100 कॉलेज खोले जाएँगे. पटना में सावित्रीबाई फुले-फातिमा शेख महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी. दलित और ईबीसी छात्राओं के लिए प्रत्येक ज़िले में आवासीय विद्यालय तथा सभी अनुमंडल और ज़िला मुख्यालयों में दलित/ईबीसी बालिकाओं के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. नवोदय विद्यालय के तर्ज पर प्रत्येक अनुमंडल में कर्पूरी ठाकुर आवासीय विद्यालय की स्थापना की जाएगी. अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति तथा पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी कर उसे नियमित किया जाएगा। साथ ही टैबलेट वितरण और ई-लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा 4 लाख से बढ़ाकर 8 लाख होगी
वहीं इस घोषणा पत्र में बताया गया है कि बिहार में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की फीस व संचालन के नियमन के लिए कानून बनाया जाएगा. शिक्षा क्षेत्र में संविदा प्रणाली समाप्त की जाएगी. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख की जाएगी, और एससी, एसटी, ओबीसी, ईबीसी एवं ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए यह सीमा 10 लाख तक होगी. गरीबी रेखा से नीचे के छात्रों को विदेशों में उच्च शिक्षा हेतु 25 लाख तक का ऋण दिया जाएगा. सभी स्कूलों और कॉलेजों के रिक्त पदों पर तुरंत बहाली की जाएगी. शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाएगा.
मदरसा शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए ठोस कदम
मदरसों में शिक्षकों की भर्ती के साथ-साथ आधुनिक बुनियादी ढाँचा विकसित किया जाएगा. लाइब्रेरी को अपग्रेड करने के साथ नई लाइब्रेरियां भी स्थापित की जाएंगी. मदरसा शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. कक्षा 8वीं से 12वीं तक के सभी गरीब छात्रों को निःशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा. शैक्षणिक पर्यटन (एजुकेशनल टूरिज्म) को बढ़ावा देने और पलायन रोकने के लिए विशेष एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा. पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त क़ानून बनाया जाएगा. परीक्षा सत्र को नियमित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.
पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए पहल
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act) को सशक्त रूप से लागू किया जाएगा. विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों को उनके कर्तव्यों के बारे में शिक्षित किया जाएगा और प्रत्येक विद्यालय में उन्हें कार्यक्षेत्र प्रदान किया जाएगा. शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तकें और वर्दी प्रदान की जाएगी. पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए पहल की जाएगी और केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा. प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु राज्य से बाहर यात्रा करने वाले छात्रों को यात्रा व्यय के लिए सहायता दी जाएगी. एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, नवीकरणीय ऊर्जा और एग्रो-टेक के क्षेत्र में आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों, कौशल विद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जाएगी.
चायत स्तर पर अंबेडकर पुस्तकालय की स्थापना
प्रत्येक जिले में नेत्रहीनों, मूक-बधिरों और अन्य दिव्यांग छात्रों के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस विशेष विद्यालय खोले जाएंगे. पंचायत स्तर पर अंबेडकर पुस्तकालय और रीडिंग रूम की स्थापना की जाएगी. अभ्यर्थियों के परीक्षा फॉर्म शुल्क को समाप्त किया जाएगा और परीक्षा केंद्र तक आने-जाने की यात्रा मुफ़्त उपलब्ध कराई जाएगी. हमारी सरकार बनने पर संत रविदास, कबीर साहेब और अंबेडकर जी की शिक्षाओं और दर्शन को स्कूली पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा ताकि समाज से ऊँच-नीच, भेदभाव, जात-पात को समाप्त कर समानता, प्रेम, ज्ञान, सौहार्द और बराबरी की स्थापना हो.
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Source: IOCL
























