Bihar AQI: बिहार में हवा हुई जहरीली, पटना सबसे ज्यादा प्रभावित, कई जिलों में AQI 200 पार
Bihar Air Pollution: बिहार में हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है. पटना सहित कई जिलों में AQI 200 पार पहुंच गया है, जिससे सांस और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

बिहार में पिछले कुछ दिनों से हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरती जा रही है. दिल्ली-एनसीआर की तरह अब बिहार के कई शहरों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक हो चुका है. सोमवार (8 दिसंबर) सुबह 8 बजे प्रदूषण विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों में पटना सहित कई जिलों में AQI खराब श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है.
पटना में प्रदूषण का सबसे बड़ा असर
राजधानी पटना इस समय बिहार का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है. शहर के अलग-अलग इलाकों में AQI 200 के पार पहुंच चुका है. पटना एयरपोर्ट के आसपास 269 AQI दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है.
गांधी मैदान क्षेत्र में 235 AQI और दानापुर में 210 AQI रिकॉर्ड किया गया, जिसने शहर की हवा को और भी विषैली बना दिया है. डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने दमा, एलर्जी, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी है.
अन्य जिलों में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर
पटना के अलावा कई जिलों की स्थिति भी बहुत खराब है. सासाराम के डेहरी में सोमवार सुबह 262 AQI दर्ज किया गया, जिससे यह जिला प्रदूषण के मामले में पटना के बाद दूसरे स्थान पर रहा. वैशाली जिले के हाजीपुर में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही और AQI 248 रिकॉर्ड किया गया.
सारण के छपरा में 226 AQI दर्ज किया गया, जबकि भोजपुर जिले के आरा में 217 AQI पाया गया, जो खराब हवा का संकेत है. अररिया में भी स्थिति बेहतर नहीं रही और यहां 216 AQI दर्ज किया गया. भागलपुर की हवा भी दूषित पाई गई जहां AQI 201 रहा. यह सभी आंकड़े बताते हैं कि बिहार के कई हिस्सों में हवा सामान्य लोगों के लिए भी नुकसानदायक होती जा रही है.
100–200 AQI वाले जिले भी खतरे से बाहर नहीं
कुछ जिलों में AQI 100 से 200 के बीच रहा, जिसे भी खराब हवा की श्रेणी में रखा जाता है. गया में 198 AQI दर्ज किया गया, जबकि बिहार शरीफ में 191 AQI पाया गया. बक्सर की हवा भी साफ नहीं रही और AQI 186 रिकॉर्ड किया गया.
मोतिहारी में 153 AQI, मुंगेर में 165 AQI और गोपालगंज में 127 AQI दर्ज किया गया. इन जिलों में भी दमा और दिल से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
स्वास्थ्य पर बढ़ रहा खतरा
200 से ऊपर AQI दर्ज होने पर हवा अत्यधिक हानिकारक मानी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी हवा में सांस लेने से आंखों में जलन, सिरदर्द, खांसी, थकान और सांस फूलने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने, मास्क का उपयोग करने और पानी अधिक पीने जैसे एहतियाती कदम अपनाने को कहा है.
बिहार के बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब सरकार और संबंधित विभागों को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है, ताकि बढ़ते प्रदूषण के बीच लोगों की सेहत सुरक्षित रह सके.
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