कोच रवि शास्त्री ने अश्विन-जडेजा नहीं कुलदीप को बताया विदेशों में भारत का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर
कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में पांच विकेट का हवाला देते हुए कहा कि विदेशी सरजमीं पर अनुभवी रविचंद्रन अश्विन की जगह कुलदीप यादव टीम के मुख्य स्पिनर होंगे.
65 से अधिक टेस्ट मुकाबलों में 342 विकेट ले चुके रविचन्द्रन अश्विन के लिए क्रिकेट के मैदान पर बिल्कुल भी अच्छा समय नहीं गुज़र रहा है. एक तरफ जहां वो पिछले दो सालों से वनडे टीम से बाहर चल रहे हैं वहीं अब टेस्ट में भी उनके मुश्किल दिन शुरु हो गए हैं. टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया में शानदार जीत के बाद टीम के प्रमुख स्पिनर को लेकर बयान दिया है जिसमें अश्विन या जडेजा नहीं बल्कि कुलदीप यादव का नाम प्रमुख स्थान पर है.
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में पांच विकेट का हवाला देते हुए कहा कि विदेशी सरजमीं पर अनुभवी रविचंद्रन अश्विन की जगह कुलदीप यादव टीम के मुख्य स्पिनर होंगे.
शास्त्री ने यह साफ किया कि कुलदीप ‘पहले’ ही अश्विन और जडेजा से आगे निकल देश के नंबर एक स्पिनर है.
शास्त्री ने एक क्रिकेट से वेबसाइट से बातचीत में कहा, ‘‘वह पहले ही विदेश में टेस्ट क्रिकेट खेल चुका है और पांच विकेट ले चुका है ऐसे में वह हमारा मुख्य स्पिनर होगा.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी का समय होता है(अश्विन की खराब फार्म की ओर इशारा करते हुए) लेकिन अब कुलदीप विदेशों में हमारे शीर्ष स्पिनर होंगे.
कुलदीप ने बारिश से प्रभावित इस मैच में पांच विकेट चटकाये और ज्यादातर ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज उनकी गेंदों को समझने में नाकाम रहे.
शास्त्री ने कहा, ‘‘कुलदीप ने जिस तरह सिडनी में गेंदबाजी की उससे मैं काफी प्रभावित हूं. टेस्ट क्रिकेट में भी यह समय कलाई के स्पिनरों का है. उसकी सिडनी की गेंदबाजी से यह साफ है कि वह हमार मुख्य स्पिनर होगा.’’
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुलदीप को सीरीज़ के सिर्फ आखिरी टेस्ट में मौका मिला. जिसमें उन्होंने 99 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए. जबकि अश्विन भी सीरीज़ के एकमात्र मुकाबले में खेले और उन्होंने 6 विकेट चटकाए थे.
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला जीत के नायक रहे चेतेश्वर पुजारा को उससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट में अंतिम 11 में जगह नहीं मिली थी. शास्त्री ने कहा उनकी तकनीक में कोई कमी नहीं थी लेकिन उन्होंने क्रीज पर खड़े होने के तरीके में बदलाव किया जिसका फायदा मिला.
पूर्व भारतीय हरफनमौला ने कहा, ‘‘उसके साथ तकनीकी समस्या नहीं थी. यह उसके क्रीज पर खड़े होने के तरीके के कारण था. यह बड़ी बात नहीं थी. जब आप इतना क्रिकेट खेलते है तो यह आपके साथ भी हो सकता है. मुझे लगा कि इसे सुधारा जा सकता है.’’
शास्त्री ने कहा, ‘‘हमें यह तय करना था कि उन्हें पहले टेस्ट (इंग्लैंड के खिलाफ) में खिलाने का जोखिम लेकर अगले सात से आठ मैचों के लिए उन्हें सुधार करने का मौका दे. उन्हें सभी मैचों में खिलाने पर सुधार करने का मौका नहीं मिलता.’’
कप्तान विराट कोहली के प्रशंसक माने जाने वाले शास्त्री ने एक बार फिर उनकी तारीफ की. उन्होंने कोहली की तुलना वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर विवियन रिचर्ड्स और पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान से की.
भारतीय कोच ने कहा, ‘‘विराट उन महान खिलाड़ियों में शामिल है जो जवाब देना जानता है. वह हावी होकर खेलना चाहता है और काम को लेकर उसकी तरह प्रतिबद्ध दूसरा कोई खिलाड़ी नहीं है. मुझे लगता है भारत भाग्यशाली है कि उसके पास ऐसा कप्तान है. वह मुझे इस मामले में इमरान खान की याद दिलाता है.’’
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Source: IOCL

















