श्रीलंका सीरीज़ में कोहली की 'विराट' कमी को पूरा कर पाना मुश्किल
टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के साथ मिली कड़ी टक्कर के बाद अब भारत मेहमान टीम को 3 मैचों की वनडे सीरीज़ में बिल्कुल भी हलके में लेना नहीं चाहेगा. भारतीय टीम के लिए ये सीरीज़ इसलिए भी मुश्किल हो सकती है क्योंकि टीम इंडिया इसमें अपनी पूरी स्ट्रैंग्थ के साथ नहीं उतर रही है. टीम इंडिया के लिए विराट की गैर-मौजूदगी में वन-डाउन के स्पेस को भर पाना भी बेहद मुश्किल हैं.

नई दिल्ली/धर्मशाला: टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के साथ मिली कड़ी टक्कर के बाद अब भारत मेहमान टीम को 3 मैचों की वनडे सीरीज़ में बिल्कुल भी हलके में लेना नहीं चाहेगा. भारतीय टीम के लिए ये सीरीज़ इसलिए भी मुश्किल हो सकती है क्योंकि टीम इंडिया इसमें अपनी पूरी स्ट्रैंग्थ के साथ नहीं उतर रही है. टीम इंडिया के लिए विराट की गैर-मौजूदगी में वन-डाउन के स्पेस को भर पाना भी बेहद मुश्किल हैं.
टीम इंडिया के लिए इस सीरीज़ में सबसे बड़ी चुनौती है कप्तान विराट कोहली के बिना श्रीलंका को चित करना. क्योंकि कप्तान विराट कोहली के आंकड़े ये बताते हैं कि अगर वो टीम के साथ हों तो विरोधी टीम आधी पस्त हो जाती है. इसी साल की शुरूआत में शॉर्टर फॉर्मेट में भी देश की बागडोर संभालने वाले विराट ने साबित किया है कि कप्तानी के दबाव ने उन्हें और बेहतर बल्लेबाज़ बनाया है.
जब कोहली को मिली कप्तानी की विराट चुनौती:
साल 2017 की शुरूआत में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ में मिली कप्तानी की चुनौती को विराट ने स्विकार किया और बतौर कप्तान खुद का लोहा भी मनवाया. इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया को सीरीज़ में जीत मिली. साथ ही विराट ने 61.66 के बेहतरीन औसत से 185 रन भी बनाए. जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक भी शामिल रहा.
चैम्पियंस ट्रॉफी:
इंग्लैंड सीरीज़ के बाद भारतीय टीम आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट चैम्पियंस ट्रॉफी में शरीक हुई. विराट की कप्तानी में मानो भारतीय टीम ने यहां झंडे गाड़ दिए. टीम इंडिया ने विराट की कप्तानी में फाइनल तक का सफर तय किया. लेकिन फाइनल में उसे पाकिस्तान के हाथों 180 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी.
लेकिन इस पूरे टूर्नामेंट में भारत एक किंग की तरह खेला. जबकि कप्तान कोहली ने इस सीरीज़ में 129 के बेहतरीन औसत से 258 रन बनाए. जिसमें उन्होंने 3 अर्धशतक भी लगाए.

वेस्टइंडीज़ दौरा:
चैम्पियंस ट्रॉफी में मिली फाइनल की हार को भुलाकर भारतीय टीम वेस्टइंडीज़ रवाना हो गई. इस सीरीज़ से पहले भी ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि विराट कोहली आराम लेंगे लेकिन वो बिना किसी रेस्ट के सीधे वेस्टइंडीज़ रवाना हो गए. यहां भी भारतीय टीम ने सीरीज़ जीती और विराट के बल्ले का जलवा कायम रहा. उन्होंने इस सीरीज़ में 81 के बेजोड़ औसत से 81.33 रन बनाए. जिसमें फिर एक 1-1 शतक और अर्धशतक शामिल रहे.
श्रीलंका दौरा:
जिस श्रीलंका के साथ भारतीय टीम भिड़ने के लिए तैयार है, उसी श्रीलंका को इसी साल उसके घर में घुसकर टीम इंडिया ने धूल चटाई थी. जिसमें विराट कोहली ने अपने बल्ले से धमाका कर दिया. विराट ने इस सीरीज़ के 5 मैचों में 110 के बेहतरीन औसत के साथ 330 रन बनाए. यहां पर विराट ने 2 शतक समेत 1 अर्धशतक भी जमाया था.
ऑस्ट्रेलिया सीरीज़:
विराट की कप्तानी ने भारतीय सरज़मीं पर गुरूर के साथ आई ऑस्ट्रेलियाई टीम का गुरूर भी तोड़ा. 5 मैचों की वनडे सीरीज़ में विराट ने श्रीलंका को 4-1 से हराया. इस सीरीज़ में विराट का बल्ला कुछ खास नहीं चला. लेकिन उन्होंने यहां पर 36 के औसत से 180 रन बनाए.
न्यूज़ीलैंड सीरीज़:
हाल ही में न्यूज़ीलैंड के साथ खेली गई सीरीज़ में भारतीय टीम ने विराट की अगुवाई में एक बार फिर से झंडे लहराए. इस सीरीज़ को भारत ने 2-1 से जीता. साथ ही विराट ने यहां पर 2 शतकों के साथ 87 के बेहतरीन औसत से 263 रन बना डाले.
इन सभी आंकड़ों को देखर ये पता चलता है कि विराट कोहली की भरपाई कर पाना टीम इंडिया के लिए अभी मुश्किल है. इतना ही नहीं विराट कोहली साल 2017 में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने इस साल 26 मैचों में 1460 रन बनाए हैं. जिसमें 6 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं.
बतौर कप्तान या खिलाड़ी विराट कोहली टीम इंडिया के मोस्ट वेल्यूएबल क्रिकेटर हैं और टीम इंडिया के लिए श्रीलंका सीरीज़ में इस कमी को पूरा करना होगा.
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