सुस्त लाइफस्टाइल- यदि आप लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहते हैं या फिर शरीर बहुत एक्टिव नहीं होता तो इससे भी स्पर्म काउंट कम होते हैं.
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कैमिकल्स- बीपीए कैमिकल्स जो कि प्लास्टिक की बोतल, कंटेनर और घर में मौजूद अन्य् चीजों में पाया जाता है, उससे भी स्पर्म काउंट कम होता है.
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धूम्रपान और नशा- सिगरेट, ड्रिकिंग, एल्कोहल और कैफीन का अधिक सेवन भी स्पर्म काउंट कम करता है.
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तनाव- जब स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ जाता है तो भी स्पर्म काउंट कम होना शुरू हो जाते हैं.
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ईटिंग हैबिट- कई रिसर्च ये साबित कर चुकी हैं कि फैटी फूड खाने से भी 43 फीसदी स्पर्म काउंट कम हो जाते हैं.
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अधिक वजन- बहुत अधिक वजन टेस्टोस्टेरोन का हार्मोन को प्रभावित करता है. ये हार्मोन स्पर्म के उत्पादन में मदद करता है.
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मोटापा, तनाव और यहां तक कि प्रदूषण जैसे विभिन्न कारक हैं जो स्पर्म काउंट को प्रभावित कर सकते हैं. हालांकि डॉक्टर्स यह भी सुझाव देते हैं कि आपकी जीवनशैली की आदतें भी शुक्राणुओं को कम कर सकती हैं. चलिए जानते हैं जीवनशैली की वो कौन सी आदतें हैं जो आपके शुक्राणुओं की संख्या को कम कर सकती हैं. सभी फोटोः गेटी इमेज
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ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.