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AI आपकी सोच पर काबू पा रहा? जानें कहीं आप AI साइकॉसिस के शिकार तो नहीं, एक्सपर्ट का बड़ा अलर्ट
पिछले कुछ समय से AI साइकॉसिस शब्द तेजी से चर्चा में है. यह उस मानसिक स्थिति को दर्शाता है जिसमें लोग AI चैटबॉट्स से बातचीत करते हुए ऐसी उलझन में पड़ जाते हैं कि वह सच और कल्पना में फर्क नहीं कर पाते.
पिछले कुछ समय से AI साइकॉसिस शब्द तेजी से चर्चा में है. यह उस मानसिक स्थिति को दर्शाता है जिसमें लोग AI चैटबॉट्स से बातचीत करते हुए ऐसी उलझन में पड़ जाते हैं कि उन्हें सच और कल्पना में फर्क करना मुश्किल होने लगता है. कई यूजर्स को यह महसूस होने लगा है कि चैटबॉट की दुनिया ही वास्तविक है जबकि असलियत किसी और ही दिशा में होती है. यह समस्या उन लोगों में ज्यादा दिखाई दे रही है जो पहले से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहे हैं. हालिया अध्ययनों में सामने आया है कि कई लोग काउंसलिंग, सपोर्ट, या आत्महत्या रोकथाम जैसी गंभीर स्थितियों के लिए ChatGPT, Gemini या Grok जैसे AI चैटबॉट्स पर निर्भर हो रहे हैं और यही ओवर-रिलायंस उनकी मानसिक स्थिति बिगाड़ने का कारण बन रहा है.
Published at : 18 Nov 2025 10:54 AM (IST)
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सुधीर कुमारएडिटर, वाइल्ड लाइफ टुडे
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