एक्सप्लोरर
Incognito Mode पर क्या वाकई नहीं बनती सर्च हिस्ट्री, क्या हमेशा के लिए गायब हो जाता है डेटा?
Incognito Mode को पूरी तरह सुरक्षित मानना एक बड़ी गलतफहमी हो सकती है. जाने यह मोड वास्तव में कैसे काम करता है, कौन आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को देख सकता है और सर्च डेटा को कैसे डिलीट किया जा सकता है.
आज इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी Incognito Mode का उपयोग जरूर करता है. बहुत से इंटरनेट यूजर्स को लगता है कि 'Incognito Mode' का इस्तेमाल करने से उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी पूरी तरह छिप जाती है. चाहे आप Google Chrome का इस्तेमाल कर रहे हों या Mozilla Firefox का, अक्सर लोग ये मान लेते हैं कि विंडो बंद करते ही उनकी सर्च हिस्ट्री हमेशा के लिए गायब हो जाती है. यही वजह है कि लोग इसे पूरी तरह प्राइवेट और सुरक्षित मान लेते हैं, लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? बता दें कि ये पूरी तरह सच नहीं है. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.
1/6

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि Incognito Mode का असली काम क्या है. जब आप अपने ब्राउजर में Incognito Mode खोलते हैं, तो आपकी सर्च हिस्ट्री, कुकीज और फॉर्म में भरी गई जानकारी ब्राउजर में सेव नहीं होती. यानी अगर आपके बाद कोई दूसरा व्यक्ति उसी फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है, तो वह आसानी से नहीं देख पाएगा कि आपने कौन-कौन सी वेबसाइट खोली थीं या क्या सर्च किया था. यही कारण है कि इसे प्राइवेट ब्राउजिंग भी कहा जाता है.
2/6

हालांकि यहां सबसे बड़ा भ्रम पैदा होता है. बहुत से लोग सोचते हैं कि Incognito Mode चालू करते ही उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी पूरी तरह छिप जाती हैं. सच यह है कि यह मोड केवल आपके डिवाइस पर हिस्ट्री सेव होने से रोकता है. बता दें कि जिन वेबसाइट्स पर आप जाते हैं, वे अब भी आपकी गतिविधियों को देख सकती हैं. अगर आप किसी वेबसाइट पर लॉग इन करते हैं, तो वह आसानी से जान सकती है कि आप कौन हैं और वहां क्या कर रहे हैं.
Published at : 07 Jun 2026 10:07 PM (IST)
और देखें
Advertisement
Advertisement
Advertisement
टॉप हेडलाइंस
टेक्नोलॉजी
टेक्नोलॉजी
टेक्नोलॉजी
टेक्नोलॉजी
Advertisement
























