एक्सप्लोरर
जामा मस्जिद के भीतर ईद के दिन क्यों काली पट्टी पहनकर पहुंचे मुस्लिम? तस्वीरें चौंकाने वाली
दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद-उल-फितर के मौके पर कुछ नमाज़ियों के बाज़ू पर काली पट्टी नज़र आई. काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन विधेयक का शांतिपूर्ण विरोध किया गया.
प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों की मौजूदा स्थिति को प्रभावित कर सकता है और इससे समुदाय के धार्मिक स्थलों व कब्रिस्तानों पर असर पड़ सकता है.
1/6

प्रदर्शनकारियों में शामिल मोहम्मद यासिर ने कहा कि वे इस बिल का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से कर रहे हैं, जैसा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उन्हें बताया था. उन्होंने बताया कि उनके दादा ने ब्रह्मपुरी में अब्दुल्ला मस्जिद के लिए वक्फ किया था, जहां अब तक सभी आराम से नमाज़ अदा करते आ रहे हैं. उनके अनुसार, इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों, जिनमें मस्जिदों और कब्रिस्तानों की भूमि शामिल है, के प्रबंधन में बाधा पैदा हो सकती है.
2/6

मोहम्मद आरिफ, जो 50 वर्ष के हैं, ने कहा कि वक्फ की जमीन के साथ अब तक कोई छेड़छाड़ नहीं हुई थी, लेकिन अब यह कदम राजनीतिक कारणों से उठाया जा रहा है. उन्होंने विरोध स्वरूप काली पट्टी पहनी और कहा कि वक्फ की जमीन से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए.
Published at : 31 Mar 2025 09:19 AM (IST)
और देखें
टॉप हेडलाइंस
विश्व
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
क्रिकेट
इंडिया
























